दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी(आप) की प्रचंड जीत ने विरोधियों के पुर्जे खोल दिए हैं। जनता ने एक बार फिर अरविंद केजरीवाल पर भरोसा जताते हुए उन्हें दिल्ली की गद्दी सौंप दी है। लोकतंत्र की इस जीत पर जनता झूम रही है। तो आपकी इस खुशी को दोगुना करते हुए आज हम आपके लिए कुछ ऐसी हिंदी फिल्में लेकर आए हैं जिनमें आपको 'आप'का नाम भी मिलेगा और भरपूर मनोरंजन भी होगा।
आप की जीत पर देंखे 'आप' नाम वाली ये पांच फिल्में, मनोरंजन से हैं भरपूर, मिलेगा कॉमेडी का भी डोज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हम आपके हैं कौन
साल 1994 में रिलीज हुई सूरज बड़जात्या की फिल्म 'हम आपके हैं कौन' को बॉलीवुड की बेहतरीन फिल्मों में से एक माना जाता है। सलमान खान, माधुरी दीक्षित, मोहनीश बहल, रेणुका शहाणे और आलोक नाथ सहित कई बेहतरीन कलाकरों से सजी इस फिल्म में प्यार और परिवार के लिए समर्पण दिखता है। फिल्म में भाभी(रेणुका शहाणे) की मौत के बाद सलमान और माधुरी(रेणुका की बहन) फैसला करते हैं कि परिवार की खुशी के लिए अपना प्यार त्याग देंगे। माधुरी सलमान के भाई(मोहनीश बहल) से शादी के लिए तैयार हो जाती हैं। लेकिन अंत में जीत प्यार की होती है। ऐसी पारिवारिक फिल्म शायद आपको आज के दौर में देखने को मिले। लोकतंत्र की इस जीत पर आप अपने परिवार के साथ इस फिल्म का मजा उठा सकते हैं।
हमारा दिल आपके पास है
साल 2000 में रिलीज हुई ये फिल्म समाज में फैली उस मानसिकता को उजागर करती है जिसमें आज भी महिला को मात्र घर की इज्जत तक सीमित रखा गया है। ऐश्वर्या राय बच्चन और अनिल कपूर की ये फिल्म आपके दिलों को छू जाएगी। एक आपराधिक मामले की गवाह बनीं ऐश्वर्या का बलात्कार होता है जिसके बाद उन्हें परिवार और समाज बहिष्कृत कर देता है। दो बच्चों के पिता अनिल कपूर, जिनकी पत्नी की मौत हो चुकी है, अपने घर में ऐश्वर्या को आश्रय देते हैं। समाज से दोनों लड़ते हैं और अंत में कई मुश्किलों का सामना कर एक दूसरे के हो जाते हैं।
मेरे बाप पहले आप
जब बच्चे बड़े हो जाते हैं तो वो अपने मां-बाप की जरूरतों की नजरअंदाज कर देते हैं। उन्हें याद ही नहीं रहता कि उनके माता-पिता ने उनकी एक खिलौने की जिद्द को पूरा करने के लिए अपनी जरूरतों का गला घोंट दिया था। साल 2008 में रिलीज हुई फिल्म 'मेरे बाप पहले आप' का निर्देशन प्रियदर्शन ने किया। परेश रावल, अक्षय खन्ना, ओम पुरी और जेनेलिया डिसूजा जैसे कलाकरों से सजी ये फिल्म आपको हंसा हंसाकर लोटपोट कर देगी। परेश रावल अपनी पत्नी की मौत के बाद अपने बच्चों को अकेले पालते हैं। बच्चे बड़े हो जाते हैं तो अकेले परेश रावल को खुद के लिए एक साथी की जरूरत महसूस होती है, लेकिन इसमें बच्चे बाधा बनते हैं। फिल्म में जबरदस्त कॉमेडी के साथ संदेश भी छिपा है।
आप तो ऐसे ना थे
प्यार, बेवफाई और फरेब जैसी फिल्में हमेशा से हिंदी दर्शकों की पसंद रही हैं। साल 1980 में रिलीज हुई फिल्म 'आप तो ऐसे ना थे' में राज बब्बर, दीपक पाराशर और रंजीता कौर जैसे कलाकार थे। फिल्म में रंजीता ने एक महात्वाकांक्षी महिला का किरदार निभाया है, जो अपनी जरूरतों के लिए राज बब्बर से प्यार का रिश्ता तोड़कर दीपक पाराशर से शादी कर लेती हैं। राज बब्बर का छोटा सा कारोबार है, जबकि दीपक पाराशर ने एक बड़े बिजनेसमैन का किरदार निभाया है। 'आप'की जीत के इस जश्न ये फिल्म आपका मनोरंजन कर सकती है।