हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और निर्माता-निर्देशक देव आनंद का जन्म 26 सितंबर 1923 को हुआ था। वह 50 और 60 के दशक के दिग्गज कलाकारों में से एक थे। देव आनंद हिंदी सिनेमा के उन कलाकारों में से एक थे जिन्होंने अपने अभिनय के अलावा स्टाइल और स्टारडम से बॉलीवुड में खास जगह बनाई था। देव आनंद भी भारतीय राजनीति से अछूते नहीं रहे थे। उन्होंने अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी का भी गठन कर लिया था।
इंदिरा गांधी की इमरजेंसी के खिलाफ खड़े हुए थे देव आनंद, सितारों के साथ मिलकर बनाई थी राजनीतिक पार्टी
यह बात इमरजेंसी के समय की है। भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 को पूरे देश में इमरजेंसी लगाई थी। प्रधानमंत्री के इस फैसले को देश के लोकतंत्र में काले अध्याय के तौर पर आज भी याद किया जाता है। लेकिन इंदिरा गांधी ने जब इमरजेंसी का फैसला लिया था तो उनके खिलाफ बड़े राजनेता के अलावा फिल्मी हस्तियां भी हो गईं थीं।
साल 1975 में देश में इमरजेंसी लगने के बाद देश की राजनीति में भी बदलाव आए थे। नई पार्टियों ने इस दौर को अपने लिए बेहतरीन मौका समझा था। जहां जनसंघ, जनता पार्टी का रूप लेकर कांग्रेस को टक्कर देने की कोशिश में जुटा था वहीं दूसरी ओर कुछ फिल्मी सितारे भी तत्कालीन राजनीति में उतरने का मन बना चुके थे। इमरजेंसी खत्म होने के बाद साल 1977 में हुए लोकसभा चुनाव के बाद जनता पार्टी की सरकार आई। इस पार्टी को फिल्मी सितारों का समर्थन प्राप्त था।
वहीं साल 1979 में जनता सरकार के पतन के साथ नए चुनाव का एलान हुआ। जिसके लिए फिल्मी सितारों ने भी कमर कस ली थी। चार सितंबर 1979 को मुंबई के ताजमहल होटल में फिल्मी सितारों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिनेता देव आनंद ने 'नेशनल पार्टी ऑफ इंडिया (एनपीआई)' के गठन की घोषणा की गई। इसी के साथ पार्टी का घोषणापत्र भी जारी किया गया। इस पार्टी का मुख्यालय वी. शांताराम के मुंबई के परेल स्थित राजकमल स्टूडियो में बनाया गया। हालांकि इसका सक्रिय संचालन देव आनंद के दफ्तर से ही होता था।
इस राजनीतिक पार्टी का जिक्र देव आनंद ने अपनी आत्मकथा 'रोमांसिंग विद लाइफ' में भी किया है। उन्होंने लिखा, 'मैं पार्टी का अध्यक्ष चुना गया था और मैंने वह चुनौती स्वीकार कर ली थी। इस पार्टी का मकसद था लोकसभा चुनाव में उन उम्मीदवारों का समर्थन करना जो अपने-अपने क्षेत्र में सबसे काबिल हैं।' नेशनल पार्टी ऑफ इंडिया पार्टी की पहली रैली मुंबई के शिवाजी पार्क में हुई थी। इस रैली में आम लोगों से लेकर मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों के नेता भी यहां जुटी और भीड़ को देखकर हैरान हो गए थे। इस रैली में देव आनंद के साथ संजीव कुमार मशहूर फिल्म निर्माता एफसी मेहरा और जीपी सिप्पी सहित कई फिल्मी हस्तियां शामिल थीं। यह पहला मौका था जब हिंदी फिल्म उद्योग से जुड़ी हस्तियां राजनीति की बात कर रही थीं और उनको सुनने के लिए इतनी भीड़ जमा हो गई थी।
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