साल 2009 में रिलीज हुई अनुराग कश्यप की फिल्म 'देव डी' के गाने 'इमोशनल अत्याचार' ने पॉप कल्चर के बीच एक अलग पहचान बनाई। अब 9 साल बाद इस गाने से जुड़ा एक अहम खुलासा हुआ है। संगीतकार अमित त्रिवेदी ने गाने से जुड़ी रोचक बात बताई है।
9 साल बाद पता चला आखिर किसने किया था 'इमोशनल अत्याचार', म्यूजिक कंपोजर ने खोला राज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिल्म रिलीज के 9 साल बाद अमित त्रिवेदी ने खुलासा किया कि यह गाना असल में गाया किसने था। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया, 'गाने को मैंने और गीतकार अमिताभ भट्टाचार्य ने ही तैयार किया था।' बता दें कि, इस गाने के लिए दो गायकों बैंडमास्टर रंगीला और रसिल को श्रेय दिया गया था। गाने के रिलीज के वक्त अनुराग कश्यप और अमित त्रिवेदी दोनों ही सिंगर्स के बारे में चुप्पी साधे रहे।
अमित ने कहा, 'अनुराग कश्यप चाहते थे कि इस गीत को एक विशेष तरीके से तैयार किया जाए। उनके द्वारा सुझाया गया शब्द 'इमोशनल अत्याचार' था, मैंने उनकी कल्पना और सोच को अंजाम दिया। जब मैं और अमिताभ इस गाने को बना रहे थे तो हमने सोचा कि हमें अनुराग को दिखाना चाहिए कि हम क्या कर रहे हैं। कुछ समय के बाद हमें कुछ कव्वाली गायक मिले और कुछ कूल लड़के जो इस गाने को गा सकें।'
इंटरव्यू में अमित त्रिवेदी ने आगे बताया कि, 'जब हमने अनुराग को अपने आइडिया के बारे में बताया तो वह गुस्सा हो गए। उनका कहना था कि गाने की आवाज क्यों बदलना चाहते हो। हमने इस बात को समझा। उस समय अमिताभ एक गायक बनना चाहते थे, पर पहली बार होने के कारण वह काफी डरे हुए थे कि अगर पहली बार सफलता नहीं मिली तो मुझे काम नहीं मिलेगा। हम डर गए हमने नाम बदलकर बैंडमास्टर रंगीला और रसिल कर दिया। तो हां, हम ही हैं वो बैंडमास्टर रंगीला और रसिल।'
गौरतलब है कि, इस फिल्म के मुख्य कलाकार अभय देओल, माही गिल और कल्कि कोचलिन थे। पुरानी 'देवदास' फिल्म को मॉडर्न फ्लेवर और स्टोरीलाइन देकर यह बिलकुल अलग फिल्म बनाई गई थी। 'इमोशनल अत्याचार' गाने के मुख्य सीन में दो सिंगर्स स्टेज पर गाना गाते हुए नजर आते है। ये स्टेज सिंगर्स असल में नवाजुद्दीन सिद्दीकी और सुनील ग्रोवर हैं।