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Dilip Kumar: दिलीप कुमार के लिए आसान नहीं था मुगल-ए आजम तक का सफर, पिता से मतभेद के बाद लगाया सैंडविच का स्टॉल

Fri, 07 Jul 2023 09:07 AM IST
साक्षी पांडेय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: साक्षी पांडेय Updated Fri, 07 Jul 2023 09:07 AM IST
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Dilip Kumar death anniversary know about Mughal E Azam actor career personal life and hit films like Saudagar
दिलीप कुमार - फोटो : सोशल मीडिया

बात अगर हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकारों की हो तो दिलीप कुमार को कैसे भूला जा सकता है। अपने दमदार अभिनय से लोगों के दिलों पर राज करने वाले दिलीप ने अपने करियर की शुरुआत साल 1944 में आई फिल्म 'ज्वार भाटा' से की थी। इसके बाद से उन्होंने पर्दे पर एक से बढ़कर एक दमदार किरदार निभाए, फिर चाहे वो 1960 में आई आइकॉनिक फिल्म 'मुगल ए आजम' में सलीम का रोल हो या 1986 में आई फिल्म कर्मा में राणा विश्व प्रताप सिंह का किरदार अपने बेहतरीन अभिनय से वो लोगों के दिलों पर एक अमिट छाप छोड़ गए।

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दिलीप कुमार - फोटो : Social Media

मगर यह बहुत ही कम लोगों को पता है कि दिलीप साहब पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के पेशावर से संबंध रखते थे और उनका असली नाम यूसुफ खान था। एक्टर के पिता मोहम्मद सरवर खान पेशावर से आकर मुंबई में फलों का व्यापार करते थे। दिलीप भी पिता के इस काम में हाथ बटाते थे। मगर एक दिन किसी बात पर दोनों के बीच मनमुटाव हो गया।

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दिलीप कुमार - फोटो : सोशल मीडिया

इसके बाद पिता से नाराज होकर दिलीप पूणे चले गए और ब्रिटिश आर्मी कैंटीन में सैंडविच बेचने लगे। मगर एक दिन उन्होंने भारत की आजादी का समर्थन किया और गिरफ्तार हो गए, जिसके बाद से उनका सैंडविच का धंधा भी बंद हो गया। जेल से बाहर आने के बाद दिलीप कुमार मुंबई आ गए।

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दिलीप कुमार - फोटो : सोशल मीडिया

इसके बाद उन्होंने तकिया बेचने का काम शुरू किया, लेकिन उनका यह धंधा भी नहीं चला और एक्टर फिर से अपने पिता के साथ फल बेचने के काम में लग गए। इसी सिलसिले में दिलीप एक बार दादर जा रहे थे, जब उन्हें स्टेशन पर डॉक्टर मसानी मिले। डॉ. मसानी बॉम्बे टॉकीज की मालकिन से मिलने जा रहे थे। 

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दिलीप कुमार - फोटो : सोशल मीडिया

उन्होंने उन्हें भी अपने साथ चलने के लिए मना लिया और बॉम्बे टॉकीज की मालकिन से दिलीप के लिए नौकरी मांगी, जिसके बाद उन्हें 1250 रुपये की मासिक नौकरी मिल गई। साथ ही उनका स्क्रीन नाम दिलीप कुमार रख दिया गया। एक्टर अपने नए नाम के लिए राजी नहीं थे, लेकिन बॉम्बे टॉकीज की मालकिन ने उन्हें यह समझा कि यूसुफ खान को सुपरस्टार बनाना मुश्किल है, जिसके वह अपना नाम नाम बदलने के लिए राजी हो गए। 

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