नए जमाने के शो मैन का खिताब पा चुके निर्देशक संजय लीला भंसाली कभी फिल्ममेकर विधु विनोद चोपड़ा के शागिर्द रहे हैं। सिनेमा की कसौटी पर वह खरे उतरे। और, अब ओटीटी की कसौटी पर कसे जाने की बारी है संजय लीला भंसाली की शागिर्द मिताक्षरा कुमार की। मिताक्षरा बतौर स्वतंत्र निर्देशक अपनी पहली प्रस्तुति वेब सीरीज ‘द एम्पायर’ की रिलीज की उल्टी गिनतियां गिन रही हैं। इस सीरीज को उन्होंने एक संपूर्ण समर्पित टीम का प्रयास बताया है। सीरीज में बाबर का किरदार कर रहे कुणाल कपूर ने इस मौक पर अपने किरदार की 25 साल की यात्रा के अलग अलग पहलुओं के बारे में बताया। वहीं, बाबर की दादी एसान दौलत का किरदार इस सीरीज में कर रहीं शबाना आजमी ने इस कहानी का दिलचस्प पहलू इस बात को बताया कि राजे रजवाड़ों की कहानियों पर आमतौर पर किंगमेकर पुरुष ही होते हैं लेकिन इस कहानी की कैटलिस्ट एसान दौलत है जो अपने बेटे के न रहने पर पोते को राजसत्ता सौंपती है। सीरीज से अभिनेत्री दृष्टि धामी का डिजिटल डेब्यू हो रहा है और वह इस सीरीज में बाबर की बहन खानजादा का रोल कर रही हैं।
The Empire: इतिहास में महिला किंगमेकर कम ही दिखती हैं, एसान दौलत ऐसा ही एक किरदार है: शबाना आजमी
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ओटीटी डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर जल्द रिलीज होने वाली वेब सीरीज ‘द एम्पायर’ का माहौल बनाने की कोशिश काफी दिनों से हो रही है। अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों के हिसाब से तैयार की गई इस कहानी को लेकर समाज के एक खास तबके में काफी उत्सुकता भी है। भारत में मुगल शासन की नींव रखने वाले बाबर के एक किशोर से एक इलाके के सम्राट बनने की कहानी अभी तक लोगों ने वही पढ़ी है जो इतिहास की किताबों में लिखी है। कुणाल कपूर कहते हैं, ‘इस रोल के लिए खुद को तैयार करने में उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी क्योंकि ये किरदार वैसा नहीं है जैसा लोगों ने अब तक इसके बारे में जाना है। ये एक शारीरिक रूप से शक्तिशाली ऐसे इंसान की कहानी है जो अंदर से बहुत भावुक है। इस किरदार की यात्रा इन्हीं भावनाओं की यात्रा है कि कैसे तुरंत प्रतिक्रिया देने वाला एक युवा उम्र ढलने के साथ साथ संतुलित और सोच विचार कर प्रतिक्रिया देने वाला इंसान बन जाता है।’
वेब सीरीज ‘द एम्पायर’ में वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी बाबर की दादी एसान दौलत का किरदार कर रही हैं। वह कहती हैं, ‘इस सीरीज को करने के उनके तमाम लालच रहे हैं। एक तो ये कि उन्हें अरसे बाद कोई ऐसा राजसी किरदार करने को मिल रहा था और दूसरे इसके संवाद। मुझे उर्दू जुबान बहुत पसंद है और बहुत दिनों बाद मुझे वेब सीरीज ‘द एम्पायर’ में उर्दू में बात करने का मौका मिला।’ ये पूछे जाने पर कि एक महिला किंगमेकर का किरदार उनके लिए कितना मायने रखता है, शबाना कहती हैं, ‘हां, इतिहास में जहां भी किंगमेकर्स का जिक्र आता है आमतौर पर ये पुरुष ही होते हैं, लेकिन यहां एक ऐसी कहानी मेरे पास आई जिसमें ये काम एक महिला करती है और वह भी पूरी आन बान और शान के साथ।’ शबाना ने ये भी बताया कि सिर्फ उनका किरदार ही नहीं बल्कि सीरीज के दूसरे महिला किरदारों को भी बहुत करीने से गढ़ा गया है।
वेब सीरीज ‘द एम्पायर’ को लेकर मंगलवार को हुई वर्चुअल प्रेस कांफ्रेस में सीरीज की निर्देशक मिताक्षरा कुमार ने इसकी मेकिंग को लेकर तमाम बातें कीं। उन्होंने खुलासा किया कि ये सीरीज बननी शुरू होने से पहले उन्होंने और इसके निर्माता निखिल आडवाणी ने सीरीज की पटकथा, लोकेशन और कॉस्ट्यूम्स पर काफी मेहनत की है। करीब डेढ़ साल में बनी सीरीज की लेखन प्रक्रिया के बारे में उन्होंने बताया कि शूटिंग शुरू होने से पहले ही हमने कागज पर वह सब उतार लिया था जिसकी जरूरत शूटिंग के वक्त पड़ने वाली थी। भारत में वेब सीरीज ‘द एम्पायर’ को सात क्षेत्रीय भाषाओं में रिलीज करने की तैयारी है।
इस दौरान वेब सीरीज ‘द एम्पायर’ की कहानी के खलनायक शैबानी खान बने अभिनेता डीनो ने अपने किरदार को लेकर काफी दिलचस्प खुलासे किए। वह बताते हैं, ‘अपने किरदारों के लिए आमतौर पर मैं जानवरों में संदर्भ तलाशता हूं। इस किरदार के भी मुझे संदर्भ सुझाए गए थे लेकिन मुझे मेरा किरदार शेर सरीखा लगता है। अपने किरदारों के हाव भाव और चाल ढाल विकसित करने के लिए मैं ऐसे ही चैनल भी देखता हूं जिन पर जानवरों की दिनचर्या दिखाई जाती है। शैबानी खान के हर सीन के लिए मैंने एक खास प्लेलिस्ट भी तैयार की थी ताकि शूटिंग के वक्त मुझे इन हाव भावों को याद रखने में मदद मिले।’