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जितेंद्र को सुपरस्टार बनाने में इस निर्देशक का बड़ा हाथ, ऋतिक के नाना की ये हैं 10 सदाबहार फिल्में

Thu, 23 Jan 2020 12:33 PM IST
shrilata biswas अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: shrilata biswas Updated Thu, 23 Jan 2020 12:33 PM IST
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director j om prakash special story here 10 superhit films
जे. ओम प्रकाश - फोटो : फाइल

फिल्मों में साधारण कहानी और मधुर संगीत परोसने के लिए मशहूर फिल्मकार जे. ओम प्रकाश सफल निर्माता होने के साथ ही कमाल के निर्देशक भी रहे। अपने करियर में उन्होंने ज्यादातर फिल्में अपने प्रोडक्शन हाउस फिल्मयुग के बैनर तले बनाई जिसका निर्देशन भी उन्होंने किया। जे. ओमप्रकाश का जन्म 24 जनवरी 1927 को  बंटवारे से पूर्व पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त के सियालकोट में हुआ था। विभाजन के बाद वह भारत आ गए थे। साल 2019 में उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा। वैसे तो आज के जमाने में वह ऋतिक रोशन के नाना के तौर पर जाने जाते हैं लेकिन जिनका भी पुरानी फिल्मों से नाता होगा उन्हें पता है कि वह अपने एक ऐसी हस्ती थे जिन्होंने दिग्गज कलाकारों के साथ एक के बाद एक हिट ढेरों फिल्में बनाई। निर्माता-निर्देशक के तौर पर उनकी पारखी नजरों की आज भी तूती बोलती है। चलिए आज आपको उनकी 10 मुख्य फिल्मों से रूबरू करवाते हैं।

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आस का पंछी - फोटो : फाइल
आस का पंछी (1961)
अपने प्रोडक्शन हाउस फिल्मयुग के बैनर तले जे. ओम प्रकाश ने अपनी पहली फिल्म 'आस का पंछी' का निर्माण किया। इस फिल्म में राजेन्द्र कुमार और वैजयंतीमाला जैसे कलाकार मुख्य किरदार में थे। वे दोनों ही उस समय अपने करियर के शिखर पर थे। फिल्म में एक ऐसे युवक की कहानी को दिखाया गया है जो सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहता है लेकिन अपने पिता के खातिर वह उनके दफ्तर में काम करने लग जाता है। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल करने में कामयाब रही और जे. ओम प्रकाश ने इंडस्ट्री में अपनी दमदार दस्तक दे दी।
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आई मिलन की बेला - फोटो : फाइल
आई मिलन की बेला (1964)
1964 में रिलीज हुई इस फिल्म में राजेन्द्र कुमार और सायरा बानो लीड रोल में थे। वहीं धर्मेन्द्र खलनायक का किरदार निभा रहे थे। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर काफी पंसद की गई। फिल्म में शंकर-जयकिशन ने संगीत दिया है। 'तुम कमसिन हो नादां', 'तुमको हमारी उमर लग जाए' जैसे गानों के कारण भी यह फिल्म याद की जाती है। इस फिल्म के साथ ही जे. ओम प्रकाश का निर्माता के तौर पर रुतबा और बढ़ गया।
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आए दिन बहार के - फोटो : फाइल
आए दिन बहार के ( 1966)
लगातार सफलता हासिल करते हुए ओम प्रकाश ने साल 1966 में एक और सुपरहिट फिल्म 'आए दिन बहार के' का निर्माण किया। इस फिल्म में धर्मेन्द्र और आशा पारेख मुख्य भूमिका में नजर आए। यह फिल्म भी अपने संगीत के कारण काफी लोकप्रिय रही।
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आप की कसम - फोटो : फाइल
आप की कसम (1974)
जे. ओम प्रकाश ने इस फिल्म के जरिए हिंदी सिनेमा जगत में निर्देशक के तौर पर कदम रखा। इस फिल्म में राजेश खन्ना और मुमताज मुख्य भूमिका में दिखे। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल करने में कामयाब हुई थी। वहीं इस फिल्म के मुख्य कलाकारों ने कमाल का अभिनय किया था। फिल्म में आर. डी बर्मन द्वारा कंपोज किया गाना 'जय जय शिव शंकर', 'करवटे बदलते रहें', 'पास नहीं आना' और 'जिंदगी के सफर' जैसे गानें आज भी याद किए जाते हैं।
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