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कपिल के शो में बोले अशोक चक्रधर, 'मोहन लाल तेली तो नहीं निकले, हमारा तेल निकल गया'
Mon, 22 Jul 2019 07:37 PM IST
anand anand
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: anand anand
Updated Mon, 22 Jul 2019 07:37 PM IST
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Dr. Ashok Chakradhar
- फोटो : sony tv
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कॉमेडियन कपिल शर्मा के शो में रविवार की शाम कवियों के नाम रही। कपिल शर्मा के शो के में हम हमेशा बड़े बड़े एक्टर ही देखते हैं। इस बार कपिल के शो में राहत इंदौरी के साथ भारत में मशहूर कवि और साहित्यकार प्रोफेसर अशोक चक्रधर ने शिरकत की। अशोक ने बताया कि अपने घर में सिर्फ वे ही कवि नहीं हैं। उनके अलावा उनकी पत्नी कवि और उनके ससुर भी बड़े साहित्यकार हैं। कपिल के सामने दोनों ने काफी रोचक किस्से शेयर किए।
Dr. Ashok Chakradhar
- फोटो : sony tv
कपिल ने चक्रधर से पूछा था कि आप भी कवि हैं और आपकी पत्नी भी कवि हैं तो आपकी शादी कवि सम्मेलन में हुई थी। इस बात पर उन्होंने अपने ससुर की कुछ लाइनें कहीं,
जाने कब हो जाये क्या भली करेंगे राम,
काका के समधी बने बेटा राधेश्याम।
अपने पिता को याद करते हुये उनकी कुछ लाइनें कहीं,
दिन के उजेरे में न करो कोई ऐसा काम, नींद जो न आये तुम्हें रात के अंधेरे में
और रात के अंधेरे में न करो कोई ऐसा काम, मुंह जो छुपाते फिरो दिन के उजेरे में।
जाने कब हो जाये क्या भली करेंगे राम,
काका के समधी बने बेटा राधेश्याम।
अपने पिता को याद करते हुये उनकी कुछ लाइनें कहीं,
दिन के उजेरे में न करो कोई ऐसा काम, नींद जो न आये तुम्हें रात के अंधेरे में
और रात के अंधेरे में न करो कोई ऐसा काम, मुंह जो छुपाते फिरो दिन के उजेरे में।
The Kapil Sharma Show
- फोटो : sony tv
अशोक आगे कहते हैं कि कपिल भगवान ने आपको ऐसा बनाया है, आप किसी भी उदास चेहरे को हंसा सकते हैं। बच्चों के अवसाद को देखते हुए भी अशोक चक्रधर बेहद मार्मिक कविता सुनाते हैं..
जो भी रास्ता भटक गया है और जो भी रास्ता भूला है..
आओ प्यारे दौड़कर आओ, मेरे अंदर झूला है..
जो भी रास्ता भटक गया है और जो भी रास्ता भूला है..
आओ प्यारे दौड़कर आओ, मेरे अंदर झूला है..
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अशोक चक्रधर
- फोटो : file photo
वहीं कपिल शर्मा ने अशोक चक्रधर से कुछ यादें बताने को कहा तो प्रोफेसर चक्रधर ने एक रोचक किस्सा शेयर किया कि जब हिन्दी साहित्य के लिए एक सॉफ्टवेयर बन रहा था तो गूगल ने उन्हें बुलाया था। उन्होंने कहा कि गूगल से पहले मुझे माइक्रोसाफ्ट ने बुलाया था लेकिन मैंने कोई सॉफ्टवेयर नहीं बनाया, सॉफ्टवेयर बनाने वाले तो युवा होते हैं। मैं बस उनके काम का फीड बैक देता था और बताता था कि कहां क्या गलत है।
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ashok chakradhar
- फोटो : file photo
कपिल आगे कहते हैं कि राहत साहब और अशोक जी, ये बताइए, कभी ऐसा हुआ कि है कि आयोजकों ने आपको बुलाया और पैसे देना भूल गया हो। अशोक चक्रधर कहते हैं कि जब हम प्रोग्राम के लिए आते हैं तो आयोजक बस अड्डे या रेलवे स्टेशन पर मालाएं लेकर आएंगे और जब जाने का समय आता है तो हमें रिक्शा ढूंढना पड़ता है। कितनी बार आयोजक हमें लावारिस छोड़ गए।
वही राहत चुटकी लेते हैं कि एक बात बताएं कपिल शर्मा-आपसे हमें कोई खतरा नहीं है। अशोक आगे कहते हैं कि मैने तो ऐसा भी देखा है कि कवियों ने एक जीप किराए पर ली, साउंड किराए पर लिया। सारे शहर में अनाउंसमेंट की कि मोहन लाल तेली जी, हम कवियों का पारिश्रमिक नहीं मिला अभी तक। मोहन लाल तेली तो नहीं निकले, लेकिन हमारा तेल निकल गया।
वही राहत चुटकी लेते हैं कि एक बात बताएं कपिल शर्मा-आपसे हमें कोई खतरा नहीं है। अशोक आगे कहते हैं कि मैने तो ऐसा भी देखा है कि कवियों ने एक जीप किराए पर ली, साउंड किराए पर लिया। सारे शहर में अनाउंसमेंट की कि मोहन लाल तेली जी, हम कवियों का पारिश्रमिक नहीं मिला अभी तक। मोहन लाल तेली तो नहीं निकले, लेकिन हमारा तेल निकल गया।