कंगना रनौत की 'इमरजेंसी' को लेकर लगातार विवाद गहराता जा रहा है। अभिनेत्री से राजनेता बनीं कंगना अक्सर अपने बेबाक बयानों के कारण सुर्खियों में बनी रहती हैं। कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी के निर्माताओं ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और फिल्म के लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश देने की मांग की। हालांकि, कोर्ट ने कोई भी आदेश जारी करने से इनकार कर दिया और कहा कि वह मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के कारण सीबीएफसी को आदेश नहीं दे सकता।
Emergency: 'सोते हुए देश को जगाने की कीमत है', 'इमरजेंसी' सेंसर विवाद के बीच कंगना रनौत का बड़ा बयान
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इसके अलावा कंगना ने कहा, "काश सीमा पर उस गरीब सैनिक को भी शांत रहने का समान विशेषाधिकार मिलता, काश उसे पक्ष लेने और पाकिस्तानियों/चीनियों को अपना दुश्मन मानने की जरूरत न होती। वह आपकी रक्षा कर रहा है, जबकि आप आतंकवादियों या देशद्रोहियों पर वासना कर सकते हैं। काश वह युवती जिसका अपराध केवल इतना था कि वह सड़क पर अकेली थी और उसके साथ बलात्कार किया गया, वह शायद एक सज्जन और दयालु व्यक्ति होती जो मानवता से प्यार करती थी, लेकिन क्या उसकी मानवता का बदला चुकाया गया?"
Today I have become everyone’s favourite target, this is the price you pay for awakening this sleeping nation, they don’t know what I am talking about they have no clue why I am so concerned, because they want peace, they don’t want to take sides. They are cool, you know…
अभिनेत्री ने कहा, "काश कि सभी लुटेरे और अपराधी भी इस शांत और सोई हुई पीढ़ी की तरह प्यार और स्नेह पाते, लेकिन जीवन की सच्चाई कुछ और ही है। चिंता मत करो, वे तुम्हारे पीछे आ रहे हैं, अगर हममें से कुछ लोग भी तुम्हारी तरह शांत हो गए तो वे तुम्हें पकड़ लेंगे और तब तुम्हें अनुकूल लोगों का महत्व पता चलेगा।"
बता दें कि फिल्म को लेकर आरोप लगाया गया कि फिल्म के ट्रेलर में गलत ऐतिहासिक तथ्य दिखाए गए हैं, जो न केवल सिख समुदाय को गलत तरीके से पेश करते हैं बल्कि नफरत और सामाजिक कलह को भी बढ़ावा देते हैं।"