फिल्म 'इमरजेंसी'! कंगना रनौत ने इसे बड़ी शिद्दत से बनाया है। मेहनत से काम किया है और कमाल का अभिनय किया है। साल 1975 में देश में लगे आपातकाल की घटना पर आधारित इस फिल्म में कंगना ने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी का रोल अदा किया है। क्रिटिक्स ने फिल्म को सराहा है। फिल्म देख चुके दर्शकों ने कंगना के अभिनय की जमकर तारीफ की है, मगर बॉक्स ऑफिस पर नंबर जुटाने में यह फिल्म पिछड़ती दिख रही है। उम्दा कलाकारी के बाद भी फिल्म आखिर क्यों नहीं चल पा रही? जानते हैं...
Emergency Box Office: दमदार अदाकारी के बाद भी क्यों नहीं चली कंगना की 'इमरजेंसी'? पांच कारणों में समझिए
Emergency Movie Box Office: कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' सिनेमाघरों में लगी है। 17 जनवरी को रिलीज फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। आइए जानते हैं इसकी वजहें...
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अभिनेत्री की विचारधारा के प्रति बनी धारणा
इंसान की विचारधारा को देखकर उसके प्रति एक धारणा की शुरुआत होती है और एक छवि मन में बन जाती है। कंगना रनौत चूंकि अब एक पार्टी से जुड़ चुकी हैं। वे सांसद हैं और तमाम विषयों पर खुलकर विचार रखती हैं। ऐसे में उनकी नेता की छवि अब कलाकार की छवि पर हावी है। इस पिक्चर के मामले में भी ऐसा देखने में आया। और जब ऐसी धारणा बन जाती है तो अच्छी फिल्म भी बनाई जाए तो लोग मानकर चलते हैं कि यह उनकी राजनीतिक विचारधारा से प्रेरित हो सकती है। राजनीतिक विचारधारा और सिनेमा को अलग रख सकते हैं। दोनों के बीच अगर यह लाइन मिनस हो जाएगी तो परसेप्शन की शुरुआत हो जाती है। लोगों ने उनकी विचारधारा से फिल्म को जोड़ लिया और पूर्वानुमान लगा लिया।
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कंगना की मुखर होकर बोलने की आदत
This is how Kangana rode her horse in the battlefield scenes in #MANIKARNIKA
आप जिस पेशे में होते हैं। वहां, सब एक-दूसरे के साथ आते है। इसी तरह सिनेमा में भी है। इंडस्ट्री एक क्लोज फैमिली है। सब एक-दूसरे का साथ देने आते हैं। लेकिन, अगर कोई किसी पर उंगली उठा रहा है तो फिर मौका मिलने पर नीचे गिराने भी आते हैं। जो लोग इंडस्ट्री के खिलाफ जाते हैं, उनकी इमेज भी योजनाबद्ध तरीके से खराब की जाती है। कंगना हमेशा मुखर होकर बोलती रही हैं, फिर चाहें वह नेपोटिज्म हो या अन्य सितारों की कुछ आदतें और बॉलीवुड के अंदर की बातें। उनकी इस छवि के चलते इंडस्ट्री का एक धड़ा उनकी छवि खराब करने में कसर नहीं छोड़ता। कंगना के साथ यह होता आ रहा है। फिल्म 'मणिकर्णिका' की मेकिंग के दौरान मशीनी घोड़े पर सवार उनकी वीडियो खूब वायरल कराई गई थी।
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लोगों ने कुछ समझा और फिल्म में कुछ और दिखा
यह फिल्म चूंकि राजनीतिक घटना पर आधारित है। लोग खेमें में बंटे दिख रहे हैं और पहले ही फिल्म के प्रति धारणा बनाकर बैठे हैं। कंगन रनौत ने फिल्म 'इमरजेंसी' बनाई तो अच्छी है। लेकिन, लोग ये सोचकर बैठे हैं कि इसमें आपातकाल की ज्यादतियां दिखाई गई हैं। इंदिरा गांधी की छवि खराब तरीके से दिखाई गई है। फिल्म की रिलीज से पहले से ही वे सोचे बैठे हैं। लेकिन, हकीकत में यह इंदिरा गांधी की मजबूत छवि वाली फिल्म बन गई है। अगर कहें कि यह फिल्म प्रो कांग्रेस हो गई है तो गलत नहीं होगा।
'पंजाब' में फिल्म बैन
कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' रिलीज से पहले से ही काफी विवादों में रही। सबसे ज्यादा विवाद पंजाब में हुए। अब जब रिलीज हो भी गई है तो यह फिल्म पंजाब में बैन है। कंगना भी इस पर दुख जता चुकी हैं कि उनकी फिल्में पंजाब में अच्छा प्रदर्शन करती रही हैं और अब यहां पर उनकी इस फिल्म को रिलीज नहीं मली। इसके अलावा हिंदी फिल्में पंजाब सर्किट में कमाई करने के मामले में चौथे नंबर पर हैं। फिल्म वितरण सर्किट 11 सर्किटों में बटे हैं। पहले नंबर पर कमाई बॉम्बे सर्किट में होती है, दूसरे पर दिल्ली-यूपी सर्किट में, तीसरे नंबर पर ईस्टर्न सर्किट में और चौथे नंबर पर ईस्ट पंजाब सर्किट में। यहां से औसत 11 प्रतिशत कमाई होती है।