अभिनेत्री ईशा देओल का कहना है कि उनका बचपन बेहद सामान्य था। माता-पिता के सुपरस्टार होने के बाद भी उनका बचपन सामान्य था और वो रिक्शे से लेकर ट्रेन में घूमती थीं। उन्होंने अपने सामान्य बचपन का श्रेय अपने माता-पिता धर्मेंद्र और हेमा मालिनी को दिया है। एक साक्षात्कार में ईशा देओल ने कहा कि उस वक्त पैपराजी संस्कृति नहीं थी। ईशा ने कहा कि वो अपनी बेटियों राध्या और मिराया को लोगों की नजरों से दूर रखना पसंद करती हैं।
ईशा देओल बोलीं: माता-पिता सुपरस्टार थे पर हमारा बचपन सामान्य था, मैं रिक्शे में घूमती थी
माता-पिता ने जमीन से जुड़ा रहना सिखाया
अपने एक मीडिया इंटरव्यू में ईशा देओल ने कहा कि उनके माता-पिता सुपरस्टार हैं। इसके बाद भी उन्होंने हमें अनुशासित और जमीन से जुड़े रहना सिखाया है। उन्होंने कहा कि माता-पिता धर्मेंद्र और हेमा मालिनी ने हमें अनुशासन, जमीन से जुड़े रहना और बड़ों का सम्मान करने के संस्कार दिए हैं।
ईशा देओल ने कहा कि जब हम बड़े हो रहे थे, उस वक्त पैपराजी संस्कृति नहीं थी। सुपरस्टार्स धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की बेटी होने के बाद भी मेरे लिए बाहर निकलना आसान था। उस वक्त ज्यादातर लोग मेरी ओर इशारा करके ये ही कहते थे कि ये धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की बेटी है।
ईशा देओल ने यह बात पैपराजी को लेकर किये गये सवाल पर कही। उन्होंने कहा कि पैपराजी अपना काम कर रहे हैं और उन्होंने हमेशा मेरे परिवार और मुझे बहुत सम्मान दिया है।
ईशा देओल ने कहा कि जब वह फोटो खिंचवाने में सहज नहीं होती हैं, उस वक्त पैपराजी उनकी फोटो क्लिक नहीं करते हैं। उनके साथ मेरी अच्छी ट्यूनिंग है। ईशा देओल का कहना है कि वो अपने परिवार और बच्चों को निजी रखना पसंद करती हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने बच्चों को एक सामान्य बचपन देना चाहती हैं। उसी तरह का बचपन जिस तरह का उनको उनके माता-पिता से मिला था। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने उनको जिस स्कूल में भेजा, वहां भी उनके साथ सामान्य व्यवहार किया जाता था। उनके साथ स्टार किड्स की तरह पेश नहीं आया जाता था। ईशा ने कहा, मैंने रिक्शे में यात्रा की है। बहुत सारे खेल खेले। विभिन्न स्थानों पर टूर्नामेंट में गई। ट्रेन से भी यात्रा की। उन्होंने कहा, जो लोग मुझे जानते हैं, वे जानते हैं कि मैं कितनी सामान्य हूं।
