अभिनेत्री एशा देओल इन दिनों फिर से अभिनय के क्षेत्र में सक्रिय हैं। हाल ही में अभिनेता अजय देवगन के साथ वेब सीरीज ‘रुद्र’ में दिखीं एशा जल्द ही सुनील शेट्टी के साथ एक और वेब सीरीज में नजर आने वाली हैं। शूटिंग के बीच से वह किसी भी तरह करके अपनी बेटियों के लिए समय निकालना नहीं भूलतीं। इन दिनों अपनी बेटियों के साथ वह सुपरहिट जापानी एनीमेशन सीरीज 'नारुतो' खूब देखती हैं। सोनी ये चैनल पर प्रसारित हो रही ये सीरीज एशा देओल की पसंदीदा सीरीज शुरू से रही है। इस शो की वापसी से वह काफी खुश दिखीं और चाहती हैं कि उनको जो चीजें बचपन में मिलीं, वे सब उनकी बेटियों को भी मिलें। एशा से एक खास मुलाकात...
Esha Deol: हेमा मालिनी के नेलपॉलिश लगाते ही डर जाती थीं एशा, बोलीं- बेटियों को देना चाहूंगी अपने जैसे संस्कार
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अपनी दोनों बेटियों राध्या और मिराया के लिए कितना समय निकल पाती है, आपकी कौन सी चीजें उन्हें ज्यादा पसंद है?
मैं शूटिंग शेड्यूल ही ऐसा बनाती हूं कि अपनी दोनों बेटियों को भरपूर समय दे सकूं। रविवार को तो ज्यादातर छुट्टी होती है और भी किसी दिन काम नहीं होता है तो पूरा दिन अपनी दोनों बेटियों को देती हूं। जब मैं शूटिंग के लिए तैयार होकर जाती हूं तो दोनों बेटियां बैठकर देखती हैं। उन्हें मेरा तैयार होते हुए देखना बहुत अच्छा लगता है। मैं भी बचपन में ऐसा ही करती थी। जब मम्मी तैयार होकर शूटिंग के लिए निकलती थी तो उनको तैयार होते देखती रहती थी।
मम्मी के साथ बचपन की ऐसी कोई घटना जिसे आप शेयर करना चाहें ?
जब मम्मी (हेमा मालिनी) नेल पॉलिश लगती थी, तब मैं डर जाती थी। मुझे ऐसा लगता था कि मम्मी नेल पॉलिश लगा रही हैं तो इसका मतलब वह कहीं बाहर जाने वाली है। मम्मी के बिना मुझे अच्छा नहीं लगता था। मैं चाहती थी कि वह हमेशा मेरे ही साथ रहे लेकिन ऐसा संभव नहीं था। शूटिंग पर जब भी मम्मी जाती थी तो पहले मुझे स्कूल छोड़ती थीं। उसके बाद ही शूटिंग पर जाती थी।
जब आप स्कूल जाती थीं और बाकी बच्चो को पता चलता था कि आप हेमा मालिनी और धर्मेंद्र बेटी हैं, तो बाकी बच्चों की क्या प्रतिक्रिया होती थी ?
ऐसी कोई बात तो मुझे याद नहीं आ रही लेकिन हां स्कूल में सभी बच्चों को समान रूप से ट्रीट किया जाता था। ऐसा नहीं था कि मैं बड़े घर की बेटी हूं तो मेरे लिए अलग से कुछ खास व्यवस्था हो या कोई स्पेशल ट्रीटमेंट मिले। हमारे घर में ऐसे संस्कार मिले है कि हमने खुद भी किसी को यह एहसास नही होने दिया कि हम स्टार किड्स हैं।
बचपन में आपको ऐसे कौन से संस्कार मिले जो आप अपनी दोनों बेटियों को देना चाहेगी ?
स्टार किड होने के बावजूद मेरा बचपन बहुत ही साधारण रहा। ऐसा ही मैं अपनी बेटियों के साथ चाहती हूं। मैं चाहती हूं कि वह भी मेरी ही तरह साधारण तरीके से रहना सीखें। बचपन में हमेशा हमें अनुशासन से रहना, जमीन से जुड़े रहना और बड़ों को सम्मान देना सिखाया गया है। मैं ये सारे संस्कार अपनी बेटियों को देना चाहती हूं। बचपन में जो संस्कार बच्चों को दिए जाते है, उसी के हिसाब से वह अपने जीवन आगे बढ़ते हैं।