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'अक्टूबर' में नहीं गए, जानता था पर 'कलंक' तो देखें, इंटरव्यू में वरुण ने किए बड़े खुलासे
Sat, 13 Apr 2019 11:44 AM IST
Mishra Mishra
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mishra Mishra
Updated Sat, 13 Apr 2019 11:44 AM IST
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Varun Dhawan
- फोटो : instagram
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फिल्म स्टूडेंट ऑफ द ईयर से हिंदी सिनेमा में लॉन्च हुए वरुण धवन इन दिनों हिंदी सिनेमा के टॉप 3 सितारों की लिस्ट में शामिल भले न हों, लेकिन अपनी जगह बनाने के लिए वह लगातार मेहनत कर रहे हैं और हर फिल्म में कुछ अलग करने की कोशिश भी कर रहे हैं। उनकी अगली फिल्म कलंक इस हफ्ते रिलीज हो रही है। इसके अलावा जल्द ही वह स्ट्रीट डांसर, कुली नं. 1 और रणभूमि में नजर आएंगे। अमर उजाला संवाददाता अक्षित त्यागी ने की वरुण से एक खास मुलाकात।
Varun Dhawan
- फोटो : instagram
आपकी अगली फिल्म कलंक की थीम प्यार है, आपके लिए प्यार की क्या परिभाषा है?
प्यार का मतलब यही है, कि आप उसके लिए मरने मिटने के लिए तैयार हो जाएं। आजकल उस तरह का प्यार नहीं रहा। पहले हुआ करता था ऐसा प्यार। उस तरह के प्यार के लिए जिगर चाहिए होता है।
आपने एक इंटरव्यू में कहा है कि कुछ किरदार आपके साथ फिल्म के बाद भी रह जाते हैं, क्या कलंक के आपके किरदार जफर के साथ भी ऐसा हुआ?
मेरी फिल्म मैं तेरा हीरो का किरदार मुझसे बहुत मिलता जुलता रहा। लेकिन अब मैं काफी बदल गया हूं। बदलापुर और अक्टूबर जैसी फिल्मों में मेरे साथ ऐसा हुआ क्योंकि ये फिल्में किसी नतीजे पर नहीं पहुंचतीं। दर्शक अपने हिसाब से कहानी का अंजाम सोचने के लिए इनमें आजाद हैं। कलंक में जफर का किरदार मेरे साथ नहीं रहा क्योंकि यह ओपन एंडेड फिल्म नहीं है। मेरा किरदार भी यहां फिल्म के साथ ही खत्म हो जाता है।
प्यार का मतलब यही है, कि आप उसके लिए मरने मिटने के लिए तैयार हो जाएं। आजकल उस तरह का प्यार नहीं रहा। पहले हुआ करता था ऐसा प्यार। उस तरह के प्यार के लिए जिगर चाहिए होता है।
आपने एक इंटरव्यू में कहा है कि कुछ किरदार आपके साथ फिल्म के बाद भी रह जाते हैं, क्या कलंक के आपके किरदार जफर के साथ भी ऐसा हुआ?
मेरी फिल्म मैं तेरा हीरो का किरदार मुझसे बहुत मिलता जुलता रहा। लेकिन अब मैं काफी बदल गया हूं। बदलापुर और अक्टूबर जैसी फिल्मों में मेरे साथ ऐसा हुआ क्योंकि ये फिल्में किसी नतीजे पर नहीं पहुंचतीं। दर्शक अपने हिसाब से कहानी का अंजाम सोचने के लिए इनमें आजाद हैं। कलंक में जफर का किरदार मेरे साथ नहीं रहा क्योंकि यह ओपन एंडेड फिल्म नहीं है। मेरा किरदार भी यहां फिल्म के साथ ही खत्म हो जाता है।
Varun Dhawan
- फोटो : instagram
किसी फिल्म के लिए बहुत मेहनत करने के बाद भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर न चले तो आपकी प्रतिक्रिया क्या रहती है?
मैं ऐसी फिल्मों से खासी उम्मीद नहीं रखता। बस इतना है कि कोई पैसे हारे नहीं मैंने। अब आप ही देखिए फिल्म का नाम ही अक्टूबर है, तो कौन आएगा देखने। ऐसे ही मुझे बदलापुर से भी कोई उम्मीद नहीं थी तो कोई दुख भी नहीं हुआ। हां, कलंक जैसी फिल्म अगर बॉक्स ऑफिस पर आग नहीं लगा पाई तो दुख होगा।
आप बड़ों से ज्यादा बच्चों के फेवरेट हैं, लेकिन आजकल बच्चों की फिल्में बनती नहीं हैं, क्या आप कभी बच्चों की फिल्म में नजर आएंगे?
बच्चों की फिल्मों की परिभाषा ही बदल गई है, कृष और कोई मिल गया बच्चों की फिल्मों में गिनी जाती है। वैसे ही मसाला और मनोरंजन करने वाली फिल्में भी अब बच्चों की फिल्मों में गिनी जाती हैं, जैसे मेरी फिल्में हैं - मै तेरा हीरो और ढिशूम। हां, अगर खास तौर से बच्चों के ऊपर कोई फिल्म बने तो बिलकुल काम करना चाहूंगा।
मैं ऐसी फिल्मों से खासी उम्मीद नहीं रखता। बस इतना है कि कोई पैसे हारे नहीं मैंने। अब आप ही देखिए फिल्म का नाम ही अक्टूबर है, तो कौन आएगा देखने। ऐसे ही मुझे बदलापुर से भी कोई उम्मीद नहीं थी तो कोई दुख भी नहीं हुआ। हां, कलंक जैसी फिल्म अगर बॉक्स ऑफिस पर आग नहीं लगा पाई तो दुख होगा।
आप बड़ों से ज्यादा बच्चों के फेवरेट हैं, लेकिन आजकल बच्चों की फिल्में बनती नहीं हैं, क्या आप कभी बच्चों की फिल्म में नजर आएंगे?
बच्चों की फिल्मों की परिभाषा ही बदल गई है, कृष और कोई मिल गया बच्चों की फिल्मों में गिनी जाती है। वैसे ही मसाला और मनोरंजन करने वाली फिल्में भी अब बच्चों की फिल्मों में गिनी जाती हैं, जैसे मेरी फिल्में हैं - मै तेरा हीरो और ढिशूम। हां, अगर खास तौर से बच्चों के ऊपर कोई फिल्म बने तो बिलकुल काम करना चाहूंगा।
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Alia Bhatt and Varun Dhawan
- फोटो : twitter
कलंक में आपने अपने लुक पर खुद कितनी मेहनत की है?
कलंक के अपने किरदार जफर के लुक के लिए काफी मेहनत की है। जिम में बहुत समय बिताया है। मुझे जफर के किरदार के लिए बड़ा दिखना था। बाल लंबे करने थे, सुरमा लगाना था। वह एक बहुत ही गुस्सा करने वाला किरदार है। वह हीरा मंडी का लड़का है लेकिन अपने आप को किसी राजा से कम नहीं मानता। बहुत घमंडी भी है। मेरी परवरिश इससे बिल्कुल अलग माहौल में हुई है तो काफी मेहनत करनी पड़ी। इसके साथ मुझे अपनी बोली पर भी काफी काम करना पड़ा।
कलंक के अपने किरदार जफर के लुक के लिए काफी मेहनत की है। जिम में बहुत समय बिताया है। मुझे जफर के किरदार के लिए बड़ा दिखना था। बाल लंबे करने थे, सुरमा लगाना था। वह एक बहुत ही गुस्सा करने वाला किरदार है। वह हीरा मंडी का लड़का है लेकिन अपने आप को किसी राजा से कम नहीं मानता। बहुत घमंडी भी है। मेरी परवरिश इससे बिल्कुल अलग माहौल में हुई है तो काफी मेहनत करनी पड़ी। इसके साथ मुझे अपनी बोली पर भी काफी काम करना पड़ा।
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Kalank
- फोटो : instagram
आपने इस फिल्म में माधुरी दीक्षित और संजय दत्त के साथ काम किया है, उनके बारे में कुछ कहना चाहेंगे?
संजय सर के साथ मेरी बचपन की यादें हैं, जब मेरे पिता डेविड धवन उनके साथ फिल्में किया करते थे। उनकी चाल बिल्कुल किसी शेर जैसी है। कलंक में जिस दिन मुझे उनके साथ सीन करना था तो मैं तो उनकी चाल के सम्मोहन में ही बंध गया। संजय सर अपनी लाइन कभी नहीं भूलते, उनकी याददाश्त लाजवाब है। माधुरी जी बहुत अनुशासित कलाकार हैं। वह कभी सेट नहीं छोड़तीं।
जुड़वा के बाद अब आप कुली नंबर-1 का रीमेक करने जा रहे हैं, गोविंदा के किरदार का कहीं कोई असर?
जैसे मैंने जुड़वा का किरदार अपने हिसाब से किया, वैसे ही कुली नं. 1 का किरदार भी अपने तरीके से करूंगा। 0-22 साल पहले वह फिल्म आई थी, जो आज 16-17 साल का होगा, उसने तो वह फिल्म देखी भी नहीं होगी। उसके लिए तो ऐसा कुछ पहली बार ही होगा।
संजय सर के साथ मेरी बचपन की यादें हैं, जब मेरे पिता डेविड धवन उनके साथ फिल्में किया करते थे। उनकी चाल बिल्कुल किसी शेर जैसी है। कलंक में जिस दिन मुझे उनके साथ सीन करना था तो मैं तो उनकी चाल के सम्मोहन में ही बंध गया। संजय सर अपनी लाइन कभी नहीं भूलते, उनकी याददाश्त लाजवाब है। माधुरी जी बहुत अनुशासित कलाकार हैं। वह कभी सेट नहीं छोड़तीं।
जुड़वा के बाद अब आप कुली नंबर-1 का रीमेक करने जा रहे हैं, गोविंदा के किरदार का कहीं कोई असर?
जैसे मैंने जुड़वा का किरदार अपने हिसाब से किया, वैसे ही कुली नं. 1 का किरदार भी अपने तरीके से करूंगा। 0-22 साल पहले वह फिल्म आई थी, जो आज 16-17 साल का होगा, उसने तो वह फिल्म देखी भी नहीं होगी। उसके लिए तो ऐसा कुछ पहली बार ही होगा।