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friendship day 2019: ये हैं दोस्ती पर बनी 5 बेहतरीन फिल्में, जिन्हें जरूर देखना चाहिए
Sun, 04 Aug 2019 07:45 AM IST
विजय जैन
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: विजय जैन
Updated Sun, 04 Aug 2019 07:45 AM IST
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dil chahta hai, rang de basanti
- फोटो : social media
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4 अगस्त को फ्रेंडशिप डे है। हिंदी फिल्मों में दोस्ती हमेशा ही एक हिट फॉर्मूला रहा है। दौर कोई भी रहा हो फिल्मकारों ने दोस्ती भुनायी। फिल्मों में दोस्ती का रिश्ता कई बार खून के रिश्ते से भी गाढ़ा दिखाया गया है। हम फिल्मों के बहुत पीछे के पन्ने नहीं पलटेंगे। हम सिर्फ 21वीं सदी की उन बेहतरीन पांच फिल्मों के बारे में बात करेंगे जो दोस्ती के ताने-बाने पर बुनी गई हैं और खूब सफल हुईं।
dil chahta hai
दिल चाहता है
2001 में रिलीज हुई फरहान अख्तर निर्देशित यह फिल्म अपने समय से आगे की फिल्म माने जाती है। फिल्म का कैनवास दोस्तों के सपनों के साथ उनके आंतरिक टकरावों पर भी फोकस करता है। फिल्म दिखाती है कि विचारों में अंतर होने के बाद भी यह दोस्त एक-दूसरे का नजरिया समझने का प्रयास करते हैं। अपना खुद का नजरिया पीछे करके। इस फिल्म में तीन दोस्तों की भूमिका आमिर खान, सैफ अली खान और अक्षय खन्ना ने निभायी थी।
2001 में रिलीज हुई फरहान अख्तर निर्देशित यह फिल्म अपने समय से आगे की फिल्म माने जाती है। फिल्म का कैनवास दोस्तों के सपनों के साथ उनके आंतरिक टकरावों पर भी फोकस करता है। फिल्म दिखाती है कि विचारों में अंतर होने के बाद भी यह दोस्त एक-दूसरे का नजरिया समझने का प्रयास करते हैं। अपना खुद का नजरिया पीछे करके। इस फिल्म में तीन दोस्तों की भूमिका आमिर खान, सैफ अली खान और अक्षय खन्ना ने निभायी थी।
रंग दे बसंती
- फोटो : सोशल मीडिया
रंग दे बंसती
राकेश ओमप्रकाश मेहरा निर्देशित यह फिल्म भी दोस्ती की कहानी को शानदार तरीके से कहती है। देशप्रेम और दोस्ती के पुट के साथ। दिल्ली विवि के पांच छात्र अपनी सामाजिक जवाबदेही निभाते हुए किस तरह से देश की सुर्खियों बन जाते हैं यह फिल्म इसी विषय पर फोकस करती है। आजादी के बैकग्राउंड से जोड़कर बनायी गई यह एक अद्भुत फिल्म है। अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक वर्ग से आने वाले यह दोस्त एक सपने के साथ आगे बढ़ते हैं और टीम बनाकर उसे पूरा करते हैं। आमिर खान की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म में शरमन जोशी, माधवन, सिद्घार्थ और अतुल कुलकर्णी ने प्रमुख भूमिका निभायी।
राकेश ओमप्रकाश मेहरा निर्देशित यह फिल्म भी दोस्ती की कहानी को शानदार तरीके से कहती है। देशप्रेम और दोस्ती के पुट के साथ। दिल्ली विवि के पांच छात्र अपनी सामाजिक जवाबदेही निभाते हुए किस तरह से देश की सुर्खियों बन जाते हैं यह फिल्म इसी विषय पर फोकस करती है। आजादी के बैकग्राउंड से जोड़कर बनायी गई यह एक अद्भुत फिल्म है। अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक वर्ग से आने वाले यह दोस्त एक सपने के साथ आगे बढ़ते हैं और टीम बनाकर उसे पूरा करते हैं। आमिर खान की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म में शरमन जोशी, माधवन, सिद्घार्थ और अतुल कुलकर्णी ने प्रमुख भूमिका निभायी।
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3 idiots
थ्री इडियट्स
दोस्ती और विचारधारा के बदलाव की उम्दा कहानी कहती है थ्री इडियट्स। राजकुमार हिरानी निर्देशित इस फिल्म में एक बार फिर आमिर केंद्रीय भूमिका में होते हैं। उनके साथ काम करने वाले कलाकारों की जोड़ी भी 'रंग दे बसंती' वाली होती है। इंजीनियरिंग कॉलेज के बैकग्राउंड पर बनीं यह फिल्म शिक्षा पद्घति पर बदलावों पर खुला विमर्श करती है। इस फिल्म में तीन दोस्त तीन अलग-अलग तरह की मानसिकताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनकी विचारधारा को शिक्षा और रोजगार से जोड़कर देखा जाता है।
दोस्ती और विचारधारा के बदलाव की उम्दा कहानी कहती है थ्री इडियट्स। राजकुमार हिरानी निर्देशित इस फिल्म में एक बार फिर आमिर केंद्रीय भूमिका में होते हैं। उनके साथ काम करने वाले कलाकारों की जोड़ी भी 'रंग दे बसंती' वाली होती है। इंजीनियरिंग कॉलेज के बैकग्राउंड पर बनीं यह फिल्म शिक्षा पद्घति पर बदलावों पर खुला विमर्श करती है। इस फिल्म में तीन दोस्त तीन अलग-अलग तरह की मानसिकताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनकी विचारधारा को शिक्षा और रोजगार से जोड़कर देखा जाता है।
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फरहान अख्तर
- फोटो : Skjbollywoodnews
जिंदगी न मिलेगी दोबारा
जिंदगी मिलेगी न दोबारा दोस्ती की कहानी कुछ अलग ढंग से कहती है। कहीं-कहीं दार्शनिक हो गई यह फिल्म जीवन में दोस्ती के महत्व को अंडरलाइन करती हुई चलती है। यह फिल्म बताती है कि जीवन में खुद से बात से करना, अपने सपनों से बात करना और अपने दोस्तों से बात करना कितना जरूरी है। फिल्म में फरहान अख्तर, ऋतिक रोशन और अभय देओल ने मुख्य भूमिका है।
जिंदगी मिलेगी न दोबारा दोस्ती की कहानी कुछ अलग ढंग से कहती है। कहीं-कहीं दार्शनिक हो गई यह फिल्म जीवन में दोस्ती के महत्व को अंडरलाइन करती हुई चलती है। यह फिल्म बताती है कि जीवन में खुद से बात से करना, अपने सपनों से बात करना और अपने दोस्तों से बात करना कितना जरूरी है। फिल्म में फरहान अख्तर, ऋतिक रोशन और अभय देओल ने मुख्य भूमिका है।