हिंदी सिनेमा जगत के सबसे बड़े मेकअप आर्टिस्ट पंढरी जुकर ने सोमवार को दुनिया को अलविदा कह दिया। वह 1948 से सिनेमा जगत में सक्रिय थे। उन्होंने दिलीप कुमार, राज कपूर, अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, सलमान और शाहरुख खान से लेकर मधुबाला, नूतन, नरगिस, मीना कुमारी, ऐश्वर्या रॉय और माधुरी दीक्षित जैसे कलाकारों को अपनी कला से नया रंग-रूप प्रदान किया। पूरी इंडस्ट्री प्यार से उन्हें पंढरी दादा कहकर पुकारती है। मुंबई के शिवाजी मैदान के पास स्थित श्मशान घाट में वह पंचतत्व में लीन हुए। पंढरी जुकर को आखिरी विदाई देने के लिए उनके करीबी, मेकअप इंडस्ट्री से जुड़े लोग तो मौजूद रहे लेकिन सिनेमा जगत का कोई भी बड़ा चेहरा नजर नहीं आया। उनके करीबीयों के अनुसार, 'दादा की मृत्यु की खबर सुनते ही अभिनेत्री साक्षी तंवर, गौरी प्रधान, हितेन मोटवानी, अश्विनी भावे,वंदना गुप्ते,विद्या पटवर्धन और बालाजी टेलीफिल्म्स के कुछ कलाकार उनके निवास स्थान पर पहुंचे।'
मेकअप की दुनिया के इस 'द्रोण' को अंतिम विदाई देने नहीं पहुंचा कोई बड़ा सितारा, एक्सक्लूसिव तस्वीरें
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पंढरी जुकर को अंतिम विदाई देने पहुंची मेकअप आर्टिस्ट गोपिका ने कहा, 'दादा के साथ मैंने पहला सेमिनार दिल्ली में किया था। वहीं मेरी उनसे पहली मुलाकात हुई थी। उसके बाद उनसे मेरा इतना लगाव हो गया कि मैं और ट्रेनिंग लेने के लिए मुंबई आई। मैंने ब्यूटी (सौंदर्य) पर एक किताब भी लिखी है जिसे मैंने दादा को समर्पित किया है। दादा से मेरा बहुत ही अच्छा रिश्ता था। मैं साईं बाबा की भक्त हूं और मैं दादा को अपना 'माई लिविंग साई बाबा' (मेरे जिंदा साईं बाबा) का खिताब दिया था। वह हमेशा मेरे साथ जिंदा रहेंगे।' वहीं पंढरी दादा के साथ काम कर चुकी शोभा ने बताया, 'मैंने दादा के साथ हेयर ड्रेसर के तौर पर शुरुआत की थी। हमने 'क्रांति' समेत कई फिल्में की। उनका स्वाभाव काफी अच्छा था। आज उनके सभी विद्यार्थी और उनके भी विद्यार्थी अंतिम विदाई देने के लिए आए हुए हैं। दादा के जाने के बाद ऐसा लग रहा है कि यह इंडस्ट्री ही खत्म हो गई है। हालांकि दादा अपनी पूरी जिंदगी जी कर गए हैं, जिसकी हम सभी को खुशी है। उनका आर्शीवाद हमेशा हमारे साथ रहेगा।'
माना जाता है कि आज सिनेमा जगत में 60 प्रतिशत से अधिक मेकअप आर्टिस्ट पंढरी जुकर के ही चेले हैं। अंतिम संस्कार में पहुंचे कलाकारों ने पंढरी जुकर को मेकअप की दुनिया का 'गुरु द्रोण' बताया। हालांकि इस मौके पर उन्होंने दर्द स्वरूप एक शिकायत भी साझा की। उन्होंने कहा, 'पंढरी दादा ने इंडस्ट्री के सभी नामी चेहरों को अपनी कलाकारी से नया स्वरूप प्रदान किया। सभी के वह बड़े चहेते भी थे लेकिन आज इस मौके पर किसी भी बड़े सितारे को न देखकरक बहुत बुरा लग रहा है।'
पंढरी जुकर की बात करें तो उन्होंने 1948 में मेकअप की दुनिया में कदम रखा था। उन्हें पेंटिंग और फोटोग्राफी का शौक तो पहले से ही था लेकिन वह इस फील्ड में घर की माली हालत ठीक ना होने की वजह से आए थे। फिल्मों में उन्हें बड़ा मौका अभिनेत्री नरगिस के कारण मिला था जिनकी सिफारिश पर उन्हें एक विदेशी फिल्म में काम करने का मौका मिला और इसी के चलते उन्होंने रूस जाकर मेकअप के क्षेत्र की और भी बारीकियां सीखी। उन्होंने भारतीय सिनेमा जगत के मील के पत्थर कहे जाने वाले कलाकारों को संवारा। उन्होंने अमिताभ बच्चन से लेकर माधुरी दीक्षित का पहला मेकअप किया था। साथ ही ऐश्वर्या राय से लेकर माधुरी दीक्षित के लिए फिल्मकारों से सिफारिश भी की थी। उनका काम इतना जबरदस्त होता था कि कैमरा पर्सन भी उसे असल समझकर चकरा जाते थे। आज नई तकनीकों की वजह से मेकअप का काम काफी आसान हो गया है लेकिन पंढरी जुकर ब्लैक एंड वाइट फिल्मों में होने वाले कठिन मेकअप के मास्टर कहे जाते थे। जिसके चलते फिल्मकार उन्हें अपने साथ जोड़े रखना चाहते थे। उन्होंने यशराज फिल्म्स के साथ 42 साल काम किया था। भारतीय फिल्म जगत के तीन पीढ़ियों को संवारने वाले पंढरी जुकर की मृत्यु के साथ ही इंडस्ट्री ने अपना एक चमकता सितारा खो दिया।