सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुकीं उषा जाधव की स्पेन के नेशनल फिल्म फेस्टिवल में खास मेहमान की तौर पर शिरकत की खबर से हिंदी और मराठी सिनेमा झूम उठा है। लोग उनको फोन पर और सोशल मीडिया पर बधाई संदेश दे रहे हैं। वहीं, उषा ने स्पेन से ‘अमर उजाला’ से बात करते हुए कहा कि दुनिया भर में जिस तेजी से सिनेमा में भाषाई सरहदें धुंधली हो रही हैं, उसके चलते अब हर देश में कहानियों में बदलाव की जरूरत दिख रही है। अब लोग ऐसा सिनेमा देखना चाह रहे हैं जो वर्ण, वर्ग और लिंग भेद से ऊपर उठकर एक वैश्विक नजरिये से कहानी कह सके।
Goya Valencia 2022: नेशनल अवार्ड विनर उषा बनीं स्पेन फिल्म फेस्टिवल की खास मेहमान, कहानियों में बदलाव की जरूरत पर दिया जोर
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उषा जाधव पिछले कई महीनों से यूरोपीय सिनेमा में सक्रिय रही हैं। स्पेन में रहकर वहां की भाषा सीखने के अलावा उषा ने स्पेन में कुछ जानदार परियोजनाओं पर भी काम किया है। वह वहां भारतीय संस्कृति का प्रचार प्रसार तो कर ही रही हैं, सिनेमा प्रेमियों का एक समूह बनाकर वह वहां देश की कलात्मक और सिनेमाई विविधता के बारे में भी लोगों को जागृत कर रही हैं। उषा बताती हैं, ‘यूरोप में भारतीय सिनेमा के चाहने वाले शुरू से रहे हैं, लेकिन हाल के दिनों में उनकी भारतीय सिनेमा से उम्मीदें काफी बढ़ी हैं।’
कोरोना संक्रमण काल के बीच उषा ने स्पेन में रहकर तमाम सामाजिक कार्य किए और वहां से यहां मुंबई के कुछ स्वयंसेवी समूहों की भी आवश्यक मदद पहुंचाई। उषा कहती हैं, ‘हर सम्मान मेरी जिम्मेदारी में इजाफा करता है। लोग अगर भारतीय सिनेमा में किए मेरे काम की सराहना करते हैं और उसका सम्मान करने के लिए ही मुझे स्पेन के नेशनल फिल्म फेस्टिवल जैसे आयोजन गोया में बुलाते हैं तो ये मेरे भारतीय दर्शकों का भी सम्मान है। वह कहती हैं कि मेरी फिल्मों की कहानियों की चर्चा यहां के फिल्म समूहों में होती है तो मुझे गर्व होता है।’
इससे पहले भी हाल ही में उषा को एक ऐसे कार्यक्रम में भी बुलाया गया जिसमें मौजूद सितारों को बदलते दौर की ‘एसेंशियल वॉयसेस’ में से एक माना गया। इस कार्यक्रम में उन्होंने सिर्फ भारत का ही नहीं बल्कि एशिया का प्रतिनिधित्व किया। उनके साथ इस चर्चा में अफ्रीका और यूरोप के कलाकारों के अलावा लैटिन अमेरिका के कलाकारों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान बहस इस बात पर भी हुई कि कैसे ढर्रे पर चलती आ रही चीजों में बदलाव लाया जाए और कैसे दृश्य श्रव्य माध्यम में विविधता को प्रोत्साहित किया जाए। स्पेन के खेल व संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से हुए इस कार्यक्रम का आयोजन स्पैनिश एसोसिएशन ऑफ वीमन इन फिल्म्स एंड टीवी और सीमा के साथ कूफिल्म ने मिलकर किया।

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