'प्रदर्शनकारी किसान परिवारों के साथ मना सकते हैं लोहड़ी', अभिनेत्री गुल पनाग ने जताई उम्मीद
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उन्होंने कहा, 'लोहड़ी पर सपरिवार हो इसकी आशा करते हुए कहा कि सब कुछ सरकार के फैसले पर निर्भर करता है। सभी चाहते हैं कि वे अपने घर वापस जाएं और अपने परिवार के साथ रहें लेकिन उन्होंने अपने परिवार को अलग रखा है। वे यहां होने की बजाय अपने घरों में होते। लोहड़ी पंजाबियों का बहुत खास त्यौहार है।
ऐसे में ये सवाल उठता है कि आंदोलन के 40 दिन गुजरने और 50 मौतें होने के बावजूद वे यहां हैं, और कोई समाधान अब तक क्यों नहीं है। '
गुल पनाग ने किसानों के आंदोलन के बारे में अलग अलग तरह के भ्रामक बातों पर निशाना साधते हुए कहा था कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं। अपने घर-परिवारों को छोड़कर आए, किसान सर्द रातों की परवाह किए बगैर अपने अधिकारों की लड़ाई में जुटे हुए हैं।
इससे साथ ही गुल पनाग ने कृषि बिलों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरह कृषि बिलों को ऑर्डिनेंस के रूप में लाया गया। लॉकडाउन के दौरान इसे बगैर किसानों से बगैर मशविरा इसे लोकसभा और राज्यसभा में कैसे पास कर दिया गया। किसानों के समर्थन में आगे भी आवाज उठाती रहेंगी, क्योंकि इनकी मांगे जायज हैं और आंदोलन को झूठ की बदौलत कमजोर करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।