गुलशन कुमार हत्याकांड मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म निर्माता एवं 'टिप्स इंडस्ट्रीज' के सह-संस्थापक रमेश तौरानी को बरी करने का निचली अदालत का फैसला बरकरार रखा है। महाराष्ट्र सरकार ने तौरानी को बरी करने के खिलाफ याचिका दायर की थी। हालांकि कोर्ट ने तौरानी के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार की अपील खारिज कर दिया है। उनपर गुलशन कुमार की हत्या के लिए उकसाने का आरोप था।
गुलशन कुमार की हत्या में आया था रमेश तौरानी का नाम, हत्यारों को 25 लाख देने का था आरोप
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हत्या के दो महीने बाद यानी अक्तूबर महीने में टिप्स इंडस्ट्रीज के मालिक रमेश तौरानी को इस हत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने आरोप लगाया गया कि रमेश तौरानी ने कथित तौर पर गुलशन कुमार के हत्यारों को 25 लाख रुपये दिए थे।
उस दौरान टिप्स कैसेट्स और गुलशन कुमार की कंपनी टी-सीरीज बिजनेस में एक-दूसरे के सबसे बड़े दुश्मन थे। हालांकि, पुलिस कोर्ट में रमेश तौरानी के खिलाफ आरोप साबित करने में नाकाम रही। हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार की याचिका खारिज कर दी और तौरानी को बरी करने का फैसला बरकरार रखा। वहीं अब्दुल राशीद मर्चेंट को बरी किए जाने के फैसले को रद्द किया। मर्चेंट ने ही इस हत्या को अंजाम दिया था। अप्रैल 2002 में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
अब रमेश तौरानी ने कोर्ट के फैसले पर अपनी राय दी है। उन्होंने कोर्ट के फैसले को सच्चाई की जीत बताया है। उन्होंने कहा, यह सत्य की विजय है। मेरे खिलाफ अपील खारिज कर दी गई है। मैं और मेरा परिवार राहत महसूस कर रहे हैं। मैं इसी फैसले की उम्मीद कर रहा था। मुझेबिना वजह एक लंबी परीक्षा से गुजरना पड़ा। लगभग 25 साल हो गए हैं इस दौरान मैं बहुत परेशानी से गुजरा। हालांकि मुझे इस मामले में 2002 में ही बरी कर दिया गया था लेकिन उसके बाद भी मेरे खिलाफ कई याचिकाएं डाली गई थीं।
गुलशन कुमार की 12 अगस्त 1997 को मुंबई में एक मंदिर के बाहर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। उस वक्त वह पूजा कर मंदिर से बाहर आ रहे थे। तभी अचानक बाइक सवारों ने उनपर ताबड़तोड़ 16 गोलियां दाग दीं। मौके पर ही गुलशन कुमार की मौत हो गई थी। उनकी हत्या की खबर फैलते ही पूरे बॉलीवुड में सनसनी फैल गई थी।