संगीत कंपनी टी सीरीज के मालिक गुलशन कुमार का जन्मदिन पांच मई को होता है। वह फिल्म निर्माता भी थे। गुलशन कुमार बॉलीवुड की उन हस्तियों में शामिल रहे है जिन्हें बहुत जल्द सफलता की सीढ़ी हासिल कर ली। दिल्ली से संबंध रखने वाले गुलशन कुमार को धीरे-धीरे पूरा देश जानने लगा। गुलशन कुमार ने कई गायकों के करियर को भी बनाया। 1980 के दशक टी-सीरीज नाम की एक म्यूजिक कंपनी की नींव रखी गई। इसका क्रेडिट म्यूजिक के बादशाह गुलशन कुमार को जाता है। कहा जाता है कि गुलशन कुमार को बचपन से ही म्यूजिक का बेहद शौक था। इसलिए वह ऑरिजनल गानों को अपनी आवाज में रेकॉर्ड कर बेचने लगे। इसके बाद वह धीरे-धीरे वजह से वह जल्द ही कैसेट किंग बनकर मशूहर हो गए। धीरे-धीरे गुलशन कुमार की छत्रछाया में कंपनी ने फिल्म प्रॉडक्शन के क्षेत्र में कदम रखे। बेहद कम वक्त में ही टी-सीरीज बहुत बड़ी कंपनी बन गई और गुलशन कुमार के चर्चे भी फिल्म और संगीत की दुनिया में गूंजने लगे। गुलशन कुमार की सक्सेस स्टोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।
गुलशन कुमार: कुछ लोगों को खटकने लगी थी कैसेट किंग की सफलता, मौत से कांप उठी थी मुंबई
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दरअसल, बचपन में गुलशन कुमार जूस की दुकान पर अपने पिता का हाथ बंटाते थे और यहीं से उनका बिजनेस में इंट्रेस्ट हो गया और इस कमाई से उन्होंने कई अच्छे काम किए। गुलशन कुमार ने अपने धन का एक हिस्सा समाज सेवा के लिए दान करके एक मिसाल कायम की। उन्होंने वैष्णो देवी में एक भंडारे की स्थापना की जो आज भी तीर्थयात्रियों के लिए नि: शुल्क भोजन उपलब्ध कराता है। अपने संघर्ष के दम पर गुलशन कुमार ने सफलता की रोशनी को छुआ, वह आज के दौर में किसी और के लिए सोच पाना भी मुश्किल है, लेकिन गुलशन कुमार को क्या पता था कि उनकी यही सफलता कुछ लोगों को इस कदर खटकने लगेगी कि उन्हें ही एक दिन रास्ते से हटा दिया जाएगा।
12 अगस्त 1997 का वह काला दिन, किसी ने नहीं सोचा होगा कि गुलशन कुमार को यूं गोलियों से भून दिया जाएगा। मुंबई के एक मंदिर के बाहर गुलशन कुमार को कुछ बदमाशों ने गोली मार हत्या कर दी थी। जिसके बाद पता चला कि उनकी हत्या के पीछे अंडरवर्ल्ड का हाथ था। कहा जाता है कि गुलशन कुमार ने जबरन वसूली की मांग के आगे झुकने से मना कर दिया था, जिसकी वजह से उनकी हत्या कर दी गई थी। गुलशन कुमार हर रोज उस मंदिर में आरती करते थे। उस दिन सुबह ठीक 10: 40 पर उन्होंने मंदिर में पूजा समाप्त की और जैसे ही अपनी गाड़ी की तरफ बढ़े, लंबे बालों वाला एक अज्ञात व्यक्ति उनके पास आकर खड़ा हो गया और उसने चिल्लाकर कहा- बहुत पूजा कर ली अब ऊपर जाकर पूजा करना। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस बात को बोलते ही उस आदमी ने गुलशन कुमार को गोली मार दी। गोली सीधे उनके सिर पर लगी।
इसके बाद वहीं मौजूद और 2 अज्ञात लोगों ने उन पर करीब 16 बुलेट की फायरिंग कर दी और उनके शरीर को गोलियों से छलनी कर दिया। हत्या के आरोप में अब्दुल रऊफ को गिरफ्तार किया गया, हालांकि तब उनकी हत्या के लिए संगीत निर्देशक नदीम को भी जिम्मेदार माना जा रहा था। साल 2001 में रऊफ ने अपना गुनाह कबूल लिया और अप्रैल 2002 में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इस बीच रऊफ जेल से फरार हो गया और वह बांग्लादेश भाग गया। गुलशन कुमार ने कई सारे गायकों को लॉन्च भी किया जिसमें सोनू निगम, अनुराधा पौडवाल, कुमार सानू जैसे नाम शामिल हैं। यहां तक कि गुलशन कुमार ने अपने भाई कृष्णन कुमार दुआ को बॉलीवुड में एंट्री दिलाई हालांकि वह जगह बनाने में फेल हो गए।

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