अभिनेता आदर्श गौरव खुद को काफी भाग्यशाली मानते हैं कि करियर के शुरुआत से ही उन्हें हिंदी सिनेमा के दिग्गज सितारों के साथ काम करने का मौका मिला है। हाल ही आदर्श गौरव की वेब सीरीज 'गंस एंड गुलाब्स' ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हुई है। इस सीरीज को काफी पसंद किया जा रहा है। आदर्श गौरव से अमर उजाला की एक खास बातचीत।
Adarsh Gourav Interview: शाहरुख के बचपन का किरदार निभाए हो गए 13 साल, लेकिन मुलाकात अब भी बाकी है
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'माय नेम इज खान' में मौका कैसे मिला?
इस फिल्म के लिए मैंने 50- 60 ऑडिशन दिए। पहले इस फिल्म के लिए शाहरुख खान के बेटे के रोल के लिए ऑडिशन दिया था। लेकिन उसमे मेरा चयन नहीं हुआ। फिर दो -तीन महीने बाद मुझे दोबारा बुलाया गया और बताया गया कि अगर आप शाहरुख खान के बचपन का रोल निभाना चाहे तो यह फिल्म कर सकते हैं। फिर मैंने शाहरुख खान के बचपन के किरदार के लिए ऑडिशन दिया। एक साल तक हां ना होते हुए मुझे पहली बार उस फिल्म में काम करने का मौका मिला। उस समय मैं 15 साल का था। शाहरुख सर से कभी मुलाकात ही नहीं हो पाई, क्योंकि फिल्म में उनके साथ मेरा कोई भी सीन नहीं था। और, आज तक शाहरुख खान से मेरी मुलाकात नहीं हुई है।
और, अनुराग कश्यप ने आपको उकसाया एक्टर बनने के लिए..
फिल्म 'मैडली' की शूटिंग के दौरान मुझे एहसास हुआ कि मुझे एक्टिंग फुल टाइम करनी चाहिए। शूटिंग के दौरान ही अनुराग कश्यप ने मुझे एक्टिंग को थोड़ा गंभीरता से लेने का सुझाव दिया था। इसके बाद मैने एक्टिंग की ट्रेनिंग ली। इस फिल्म में मुझे राधिका आप्टे के साथ काम करने का मौका मिला था। वह बहुत ही पावरफुल अभिनेत्री हैं, उनके साथ काम करने का बहुत ही यादगार अनुभव रहा है।
श्रीदेवी की फिल्म 'मॉम' में आपने मोहित चड्ढा का बहुत ही दमदार किरदार निभाया हैं, श्रीदेवी के साथ काम करने के अनुभव कैसे रहे?
श्रीदेवी मैम के साथ काम करने का बहुत ही अद्भुत अनुभव रहा। पहले ही दिन जब श्रीदेवी मैम से मिला तो उनको बताया कि बचपन से ही अगर किसी सेलिब्रिटी का नाम सुनते आया हूं, तो वह श्रीदेवी हैं। मेरे पिता जी श्रीदेवी के बहुत बड़े फैन थे। मैने उनको बताया कि मैं तेलुगू में बात करता हूं, तो वह बहुत खुश हुई। उनका इतनी जल्दी जाना हिंदी सिनेमा के लिए बहुत बड़ा नुकसान है। उनके साथ शूटिंग के दौरान जो भी वक्त बिताया वह बहुत ही यादगार अनुभव रहा है।
वेब सीरीज 'गंस एंड गुलाब्स' में तो चार लोगों की चौकड़ी ने तो कमाल ही कर दिया, क्या कहना चाहेंगे?
इस सीरीज में सबके साथ काम करने की बहुत ही आश्चर्यचकित यात्रा रही है। राज कुमार राव के साथ तो पहले भी 'द व्हाइट टाइगर' में काम कर चुका हूं। उन्हें मैं अपना मार्ग दर्शक और बड़ा भाई मानता हूं। दोबारा उनके साथ काम करने का बहुत ही मजेदार अनुभव रहा है। हिंदुस्तान के जितने बेहतरीन एक्टर हैं, उतने ही बढ़िया इंसान भी हैं। मुश्किल वक्त में भी हमेशा मेरे साथ रहे हैं। उनके साथ काम करके तो हमेशा ही मजा आता है। गुलशन देवैया के साथ इस सीरीज में मेरा कोई सीन करने का मौका नहीं मिला। लेकिन इस सीरीज के प्रमोशन के दौरान हमारी बातचीत हुई, उनकी भी बहुत इज्जत करता हूं। दुलकर सलमान के साथ पहली बार काम करने का बहुत अच्छा अनुभव रहा। मैं अपने आपको काफी भाग्यशाली मानता हूं कि ऐसे बड़े बड़े कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला है।