साउथ सिनेमा के ऑलराउंडर कहे जाने वाले पृथ्वीराज सुकुमारन का शनिवार को जन्मदिन है। वह एक अभिनेता, निर्माता, निर्देशक होने के साथ एक गायक भी हैं। पृथ्वीराज मुख्य रूप से मलयालम सिनेमा में काम कर रहे हैं, लेकिन इन्होंने सिर्फ मलयालम ही नहीं बल्कि तमिल, तेलुगु एवं हिंदी फिल्मों में भी काम किया है। पृथ्वीराज का जन्म 16 अक्तूबर 1982 को अभिनेता सुकुमारन और मल्लिका के घर हुआ था। उनके बड़े भाई इंद्रजीत भी एक प्रसिद्ध अभिनेता हैं। इंद्रजीत की पत्नी पूर्णिमा भी एक अभिनेत्री थीं। यानी की पृथ्वीराज का पूरा परिवार ही फिल्मी है।
Prithviraj Sukumaran Birthday: 19 साल में 100 फिल्में कर चुके हैं पृथ्वीराज सुकुमारन, जर्नलिस्ट से हुआ प्यार और रचाई शादी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दाढ़ी नहीं होने की वजह से पहली फिल्म देर से हुई रिलीज
पृथ्वीराज जब कॉलेज में थे तभी उन्हें निर्देशक फाजिल ने अपनी फिल्म में काम करने का ऑफर दिया। उनका स्क्रीन टेस्ट भी हुआ, लेकिन फिल्म नहीं चली। फाजिल ने तब निर्देशक रंजीत को पृथ्वीराज के नाम की सिफारिश की थी। उन्हें रंजीत निर्देशित फिल्म नंदनम में मुख्य भूमिका में चुना गया था। इस फिल्म के लिए रंजीत चाहते थे कि पृथ्वीराज दाढ़ी बढ़ाए क्योंकि पृथ्वीराज की उम्र तब केवल 19 साल थी। देखा जाए तो नंदनम उनकी पहली फिल्म है, लेकिन यह नक्षत्रक्कनुल्ला राजकुमारन अवनुंडोरु राजकुमारी और स्टॉप वायलेंस के बाद रिलीज हुई थी।
साल 2006 में उन्हें फिल्म ‘वास्थवम’ में सर्वश्रेठ अभिनय के लिए उन्हें केरल राज्य अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। इसी के साथ वो इस अवार्ड को पाने वाले सबसे कम उम्र के अभिनेता बने। पृथ्वीराज को मलयालम फिल्म ‘इंडियन रूपी’ के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला है। बॉलीवुड में पृथ्वीराज ने ‘अईय्या’ ‘औरंगजेब’, ‘नाम शबाना’ जैसी फिल्में की हैं।
पृथ्वीराज को तस्वीरें क्लिक करना और इसे यादों के रूप में संजोना पसंद है। उन्हें पढ़ने में भी मजा आता है और उन्होंने इस शौक को बखूबी तराशा भी है। स्विट्जरलैंड उनकी पसंदीदा जगह है। वह अपने शानदार अभिनय से अपने प्रशंसकों को प्रभावित करते रहे हैं। पृथ्वीराज की सबसे यादगार फिल्मों में से कुछ हैं अनंतभद्रम (2005), क्लासमेट्स (2006), वास्थवम (2006), थिरकथा (2008), उरुमी (2011),इंडियन रुपी (2011),अयालुम नजनम थमिल (2012), सेल्युलाइड...
पृथ्वीराज सुकुमारन और सुप्रिया मेनन की मुलाकात का किस्सा बड़ी दिलचस्प है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि वे सुप्रिया से जब पहली बार मिले थे तब सुप्रिया ने उन्हें दक्षिण भारतीय सिनेमा पर फीचर करने के लिए बुलाया था। इस तरह दोनों की मुलाकात हुई थी। किताबों और सिनेमा पर दोनों की सोच काफी समान थी। दोनों ने एक साथ मुंबई की यात्रा की। उसके बाद दोनों की दोस्ती का रिश्ता प्यार में बदल गया। 25 अप्रैल 2011 में दोनों ने शादी कर ली। शादी के तीन साल बाद उन्हें एक बच्ची हुई है जिसका नाम अलंकृता है।