17 जून 1976 में जन्मी गायिका सोना मोहापात्रा का आज जन्मदिन है। सोना मोहापात्रा ने बॉलीवुड में कई सुपरहिट गाने दिए हैं। बहु-प्रतिभाशली सिंगर सोना संगीतकार और गीतकार हैं। हिंदी सिनेमा में उन्हें उनकी गायिकी के लिए जाना है। लेकिन इसी के साथ ही सोना मोहापात्रा को लोग उनके बिंदास बोल के लिए भी जानते हैं। वो फिल्म जगत की एक ऐसी सिंगर हैं जो किसी भी मुद्दे पर खुलकर बात करने से बिलकुल नहीं घबराती हैं। कई बार अपने विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में भी रहती हैं। उनका नाम अकसर किसी न किसी विवादित बयान से जुड़ा रहता है। आज उनके जन्मदिन के मौके पर उनसे जुड़े हुए कुछ अनछुए पहलुओं के बारे में जानते हैं।
जन्मदिन: गानों से ज्यादा विवादों की वजह से चर्चा में रही हैं सोना मोहापात्रा, सिंगर बनने से पहले करती थीं नौकरी
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नौकरी के साथ की सिंगिंग करियर की शुरुआत
सोना मोहापात्रा जब ब्रांड मैनेजर तो तौर पर काम करती थीं उसी दौरान उन्होंने कई जिंगल्स भी बनाए। उनके प्रसिद्ध जिंगल्स में 'टाटा साल्ट-कल का भारत है' और 'क्लोजअप-पास आओ ना' है। इसके बाद ही उन्हें फिल्मी जगत में एंट्री मिली। उन्होंने इमरान खान स्टारर फिल्म 'डेली-बेली' के 'बेदर्दी राजा' गाने में अपनी आवाज दी। उनकी आवाज लोगों को बहुत पसंद आई, जिसके बाद बतौर सिंगर उनके करियर को एक नया मुकाम हासिल हुआ। उन्होंने आमिर खान के रियलिटी शो 'सत्यमेव जयते' का गाना 'घर याद आता है मुझे गाया।' इसके बाद सोना ने कभी पीछे पलट कर नहीं देखा। उन्होंने 'जिया लागे न' और 'अंबरसरिया' जैसे सुपरहिट गाने दिए।
हमेशा विवादों में रहीं सोना मोहापात्रा
अपने गानों के बिंदास बोल की तरह ही सोना असल जिंदगी में काफी बेबाक हैं वो हर चीज पर खुलकर बातचीत करती हैं। इसका नतीजा कभी-कभी ये होता है कि वो अपने विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में आ जाती हैं। साल 2018 में जब मीटू मूवमेंट की शुरुआत हुई थी, तो उस दौरान सोना भी खुलकर सामने आईं थीं और उन्होंने सिंगर कैलाश खेर और अनु मलिक पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उन्होंने ट्विटर पर अपनी कहानी बयां की थी। इस दौरान जब सोनू निगम इन सिंगर्स के बचाव में सामने आए थे तो सोना ने सोनू निगम पर तीखी टिप्पणी की थी।
सूफी गाने को लेकर मिली थी धमकी
सोना ने इस बात का खुलासा किया कि उन्हें मदारिया सूफी फाउंडेशन की तरफ से धमकी मिली हैं। इसके बाद उन्होंने ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। उनका कहना था कि मदारिया सूफी फाउंडेशन ने उनके एक सूफी गाने को लेकर आपत्ति जताई। इस मामले में लिरिसिस्ट जावेद अख्तर ने सोना का समर्थन किया था। जावेद अख्तर ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि सूफी संगीत किसी की जागीर नहीं है।
जेंडर भेदभाव पर भी उठाई थी सोना ने आवाज
जेंडर के बीच भेदभाव करने पर भी सोना ने अपनी आवाज उठाई थी। सोना ने एक आईआईटी बॉम्बे के इंटर कॉलेज फेस्टिवल मूड इंडिगो के आयोजकों पर अपना गुस्सा व्यक्त किया था। उन्होंने आयोजकों को एक ओपन लिखते हुए उनपर जेंडर भेदभाव का आरोप लगाया था।