हाईकोर्ट ने एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल की वकील के पक्ष में फैसला सुनाते हुये कहा कि अधिवक्ता अपर्णा भट्ट को क्रेडिट दिए बिना फिल्म छपाक का प्रदर्शन नहीं किया जा सकता। डिजिटल कॉपी में 15 जनवरी तक और फिजिकल कॉपी में 18 जनवरी तक यह परिवर्तित होना चाहिए। यह फिल्म लक्ष्मी अग्रवाल पर हुए एसिड अटैक से प्रेरित है जिसमें दीपिका पादुकोण मुख्य भूमिका में है। इस फिल्म का निर्देश मेघना गुलजार ने किया है।
वकील का नाम दिए बिना नहीं होगा 'छपाक' का प्रदर्शन, कोर्ट ने सुनाया फैसला
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हाईकोर्ट ने फिल्म की शुरुआत में अधिवक्ता भट्ट के आभार में पंक्ति लिखने के लिए मेघना गुलजार और फिल्म निर्माता कंपनी फोक्स स्टार स्टूडियो से कहा है। यह आदेश 15 और 18 जनवरी तक प्रभावी होना है। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह ने अपर्णा भट्ट को क्रेडिट दिए बिना फिल्म को केबल टीवी, डीटीएच तथा स्ट्रीमिंग सर्विस समेत सभी इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने से रोक दिया है। यह आदेश हाईकोर्ट ने फोक्स स्टार स्टूडियो की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
फिल्म निर्माता कंपनी ने भट्ट के पक्ष में आए निचली अदालत के गुरुवार के फैसले को चुनौती थी। हालांकि हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश में आंशिक बदलाव कर वह लाइन लिखने से छूट दे दी है कि अपर्णा भट्ट आज भी महिलाओं पर होने वाले यौन और शारीरिक अपराधों के खिलाफ जंग लड़ रही हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि जब जानकारी देने वाले कई लोगों का आभार व्यक्त किया गया है तो याची के नाम का उल्लेख न करना वादे से मुकरने जैसा है। हालांकि याची ने फिल्म की कथा या पटकथा नहीं लिखी लेकिन उसने बेहद महत्वपूर्ण जानकारियां मुहैया करवाईं।
कोर्ट के समक्ष मेघना गुलजार के वकील ने कहा कि वकील और मेघना के बीच कोई लिखित समझौता या करार नहीं था इसलिए फिल्म में वकील के नाम का जिक्र कानूनन बाध्यकारी नहीं है। निचली अदालत ने उनका पक्ष सुने बिना ही एकतरफा आदेश जारी किया था जिसे रद्द किया जाना चाहिए।
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