स्वतंत्र फिल्मकारों की फिल्मों को रिलीज करने और खुद ही इसकी कीमत तय करके कमाई करने का एक आसान जरिया अमेरिका में बसी हिंदुस्तान की एक बेटी ने ढूंढ निकाला है। ये दुनिया में अपनी तरह का पहला ओटीटी है जिस पर फिल्में और वेब सीरीज बनाने वाले निर्माता, निर्देशक अपनी सामग्री सीधे रिलीज कर सकेंगे और इसकी एनएफटी भी बना सकेंगे। इस नए ओटीटी की शुरुआत की है भारतीय मूल की फिल्मकार और उद्यमी श्वेता राय ने और भारत में इसकी लॉन्चिंग आजादी के 75वीं वर्षगांठ पर 15 अगस्त को होने जा रही है। इस ओटीटी पर दूसरे देशों के अलावा भारतीय भाषाओं की फिल्में व वेब सीरीज रिलीज होनी शुरू हो गई हैं।
Diverse Cinema: ओटीटी पर भारत की बेटी का बड़ा प्रयोग, NFT के जरिये फिल्में बेच सकेंगे दुनिया भर के निर्माता
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अमेरिका में कैलिफोर्निया के शहर सैन फ्रांसिस्को से संचालित इस नए ओटीटी का नाम है, डायवर्स सिनेमा (https://diversecinema.com/)। इसके जरिये इसकी संस्थापक श्वेता राय स्वतंत्र फिल्मकारों का एक ऐसा समूह विकसित करना चाहती हैं जो अपनी फिल्में और वेब सीरीज सीधे दर्शकों तक अपनी शर्तों पर पहुंचा सकें। ‘अमर उजाला’ से बातचीत में श्वेता बताती हैं, ‘एक फिल्मकार के तौर पर मुझे फिल्में बनाने और फिर उन्हें रिलीज कराने के लिए ओटीटी संचालकों के पीछे भागते रहने का बहुत कड़वा अनुभव रहा है। फिल्मों को अमेरिका और भारत में रिलीज करने के लिए उनसे गुजारिश करना और फिर महीनों तक उनके जवाब के लिए इंतजार करना बहुत दुष्कर है। और, ये जवाब कभी कभी तो ना के रूप में भी लंबे अंतराल के बाद आता है। एक स्वतंत्र फिल्मकार अपने जुनून के लिए अपनी सारी जमा पूंजी लगाकर कुछ बनाता है और इसकी रिलीज के लिए एक एक दिन का इंतजार उसके लिए भारी होता है।’
श्वेता राय बताती हैं, ‘डायवर्स सिनेमा भारतीय कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एनएफटी तकनीक का भी इस्तेमाल करने जा रहा है। इसके जरिए ऑडियो वीडियो प्रस्तुतियां बनाने वाले लोग अपनी रचनाओं की बिक्री एनएफटी के जरिये भी कर सकेंगे। स्वतंत्र फिल्मकारों के लिए की गई दुनिया की ये पहली कोशिश है और स्टैनफर्ड व हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़े तकनीकी जानकारों के जरिये हम सिनेमा को समावेशी बनाने और विविधता के संदेश को एक अलग स्तर तक ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। भारतीय मनोरंजन सामग्री में बहुत विविधता है। उत्तर से लेकर दक्षिण और पूरब से लेकर पश्चिम तक की कहानियां हम अपने चैनल के जरिये दर्शकों तक पहुंचाने का इरादा रखते हैं ताकि लोग क्षेत्रवाद, लिंगभेद, देश की सीमाओं और समूहों से बाहर निकलकर स्वतंत्र फिल्मकारों की बनाई फिल्में इनकी संपूर्ण विविधता व वैभव के साथ घर बैठे देख सकें।’
अमेरिका की आजादी के दिन 4 जुलाई को वहां लॉन्च हो चुका ये ओटीटी चैनल अब भारत में अगले महीने आजादी के 75वें उत्सव पर यहां भी लॉन्च होने जा रहा है। अपनी अब तक की यात्रा के बारे में पूछे जाने पर श्वेता राय कहती हैं, ‘बचपन में विदेशी फिल्मों को देखने का हमारे पास भारत के छोटे से शहर में बस एक ही जरिया होता था और वह था ‘जुरासिक पार्क’ या ‘जुमानजी’ जैसी फिल्मों के हिंदी डब संस्करण देख पाना। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं एक दिन हॉलीवुड का हिस्सा बनूंगी। मुझे अपना ये सपना पूरा करने में करीब दो दशक लगे हैं और अब मैं तकनीक के सहारे अपने देश के किसी भी कोने में बैठे किसी भी फिल्मकार को अपनी फिल्म दुनिया भर के दर्शकों को दिखा सकने का माध्यम देने में समर्थ हो सकी हूं। अगले कुछ महीनों में हमारी कोशिश उन सभी टेलीविजन सेट्स पर भी उपलब्ध होने की जिन पर स्ट्रीमिंग सेवाओं के प्रसारण की सुविधा है।’
अमेरिका और भारत में अपने ओटीटी चैनल की सॉफ्ट लॉन्चिंग के बाद श्वेता की कोशिश इस चैनल को अलग अलग देशों में भी लॉन्च करने की है। ‘गॉडफादर’ फेम अभिनेता जेम्स कान, ‘मिडनाइट काउब्वॉय’ फेम जॉन वॉइट और ‘टार्जन’ फेम बो डेरेक संग कई फिल्में बना चुकी श्वेता राय नील कैंटन, रॉबर्ट कोर्ट जैसे दिग्गजों के साथ भी हॉलीवुड में काम कर चुकी हैं। उनकी अपनी एक फिल्म प्रोडक्शन कंपनी भी है जो इंडिया हॉली फिल्म्स के नाम से भी है जिसके जरिये वह भारतीय और हॉलीवुड फिल्म निर्माताओं को एक मंच पर लाने की कोशिश करती रही हैं। उनकी बनाई पिछली फिल्म ‘ए पैंडेमिक: अवे फ्रॉम मदरलैंड’ बीते ऑस्कर पुरस्कारों की दौड़ में भी शामिल रही। इस फिल्म के लिए उन्हें लॉस एंजेलिस में मोस्ट इन्नोवेटिव फिल्म प्रोडक्शन सीईओ का पुरस्कार भी मिल चुका है।