{"_id":"5dc8f4ca8ebc3e5b72073e56","slug":"how-to-shoot-kissing-scene-in-films-know-the-truth","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बिना KISS के बात नहीं बनती, बॉलीवुड में कैसे शूट होते हैं किसिंग सीन? पहली बार जानें सच्चाई","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
बिना KISS के बात नहीं बनती, बॉलीवुड में कैसे शूट होते हैं किसिंग सीन? पहली बार जानें सच्चाई
Mon, 11 Nov 2019 11:40 PM IST
भावना शर्मा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: भावना शर्मा
Updated Mon, 11 Nov 2019 11:40 PM IST
विज्ञापन
kiss scene
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूं तो रुपहले पर्दे पर चुंबन अब कोई बहुत अनोखी चीज नहीं रहा, लेकिन इसे लेकर दर्शकों में जिज्ञासा हमेशा रहती है। मान लिया गया है कि वक्त बदलने के साथ चुंबन दृश्य स्वीकार लिए गए हैं। लेकिन यह बहस का विषय है कि स्वीकार्यता कितनी है। निर्माता-निर्देशक करन जौहर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह कह कर इस बहस को हवा दी थी कि ‘फिल्म में किसिंग सीन हों तो बॉक्स ऑफिस पर अच्छी ओपनिंग मिल जाती है। आज के सिनेमा से इतना तो तय हो चुका है कि प्यार के दृश्यों में अब आप कभी दो फूल, दो भंवरे या दो पक्षी एक-दूसरे की तरफ झुकते हुए नहीं देख सकेंगे।
kiss scene
- फोटो : social media
कैसे फिल्माए जाते हैं किस सीन?
सिनेमा के पर्दे पर चुंबन कोई अजूबा नहीं रह गया है। इसे लगभग हर फिल्म में देखा जा सकता है। फिल्मों के चुंबन दृश्यों को दर्शक पैसा वसूल मानते रहे हैं। आपने भी फिल्मों में चुंबन सीन तो काफी देखे होंगे, लेकिन ये कैसे फिल्माए जाते हैं, इसे जानने की कभी कोशिश नहीं की होगी। डायरेक्टर्स और क्रू मेंबर्स के सामने अभिनेत्रियां कैसे आसानी से चुंबन सीन दे देती हैं? आपके सभी सवालों के इस खबर में आगे की स्लाइड में मौजूद हैं..
फिल्मों के अधिकांश किसिंग सीन रियल में फिल्माए जाते हैं। हालांकि अगर अभिनेत्रियां आपत्ति करें तो डायरेक्टर बॉडी डबल का प्रयोग भी कर लेते हैं। कई बार होता है कि अभिनेत्री किस सीन देने से साफ़ मना कर देती हैं। ऐसे में कहानी की डिमांड पर दूसरे तरीके से यह सीन फिल्माए जाते हैं। सोशल मीडिया पर 2014 में एक वीडियो वायरल हुआ था, वायरल हुए वीडियो में किसिंग सीन की शूटिंग का सच बताया गया था।
सिनेमा के पर्दे पर चुंबन कोई अजूबा नहीं रह गया है। इसे लगभग हर फिल्म में देखा जा सकता है। फिल्मों के चुंबन दृश्यों को दर्शक पैसा वसूल मानते रहे हैं। आपने भी फिल्मों में चुंबन सीन तो काफी देखे होंगे, लेकिन ये कैसे फिल्माए जाते हैं, इसे जानने की कभी कोशिश नहीं की होगी। डायरेक्टर्स और क्रू मेंबर्स के सामने अभिनेत्रियां कैसे आसानी से चुंबन सीन दे देती हैं? आपके सभी सवालों के इस खबर में आगे की स्लाइड में मौजूद हैं..
फिल्मों के अधिकांश किसिंग सीन रियल में फिल्माए जाते हैं। हालांकि अगर अभिनेत्रियां आपत्ति करें तो डायरेक्टर बॉडी डबल का प्रयोग भी कर लेते हैं। कई बार होता है कि अभिनेत्री किस सीन देने से साफ़ मना कर देती हैं। ऐसे में कहानी की डिमांड पर दूसरे तरीके से यह सीन फिल्माए जाते हैं। सोशल मीडिया पर 2014 में एक वीडियो वायरल हुआ था, वायरल हुए वीडियो में किसिंग सीन की शूटिंग का सच बताया गया था।
kiss scene
- फोटो : social media
ये सीन इन दोनों ऐक्टर्स की 2012 में आई तमिल/तेलुगु फिल्म 'मात्तारान' का है, जिसमें एक हॉल में काजल और सूर्या के बीच फिल्माया गया एक किसिंग सीन है, लेकिन इन दोनों ने हकीकत में एकदूसरे को किस ही नहीं किया था। सवाल ये है कि आखिर बिना किस किए फिल्म में एकदूसरे को कैसे किस करते नजर आए?
तो इसकी जानकारी मिलती है इस वायरल वीडियो में, जिसमें बिहाइंड द कैमरा के फुटेज से पता चलता है कि दरअसल काजल ने एक कुशन को किस किया था जबकि सूर्या ने एक प्लास्टिक शीट को किस किया था, जिसे बाद में विजुअल इफेक्ट्स की मदद से ऐसे दिखाया गया कि जैसे दोनों ने एकदूसरे को किस किया हो जबकि उन्होंने हकीकत में ऐसा किया ही नहीं था...
तो इसकी जानकारी मिलती है इस वायरल वीडियो में, जिसमें बिहाइंड द कैमरा के फुटेज से पता चलता है कि दरअसल काजल ने एक कुशन को किस किया था जबकि सूर्या ने एक प्लास्टिक शीट को किस किया था, जिसे बाद में विजुअल इफेक्ट्स की मदद से ऐसे दिखाया गया कि जैसे दोनों ने एकदूसरे को किस किया हो जबकि उन्होंने हकीकत में ऐसा किया ही नहीं था...
विज्ञापन
विज्ञापन
maine pyar kiya
- फोटो : file photo
इसी तरह ही बॉलीवुड फिल्मों में भी किसिंग सीन शूट किए जाते हैं । फिल्म 'मैंने प्यार किया' में सलमान खान और भाग्यश्री के बीच एक किस सीन था। सलामन और भाग्यश्री ने एक-दूसरे को किस करने से मना कर दिया था । लेकिन फिल्म के डायरेक्टर सूरज बड़जात्या इस सीन को शूट करना चाहते थे । ऐसे में उन्होंने सलमान और भाग्यश्री के बीच एक शीशा लगा दिया। दोनों ने उस शीशे को किस किया और बढि़या सीन शूट हुआ।
विज्ञापन
kiss scene
- फोटो : social media
बेवजह ‘किस’ कहानी में न हों
क्या वाकई ऐसा है? कोई बच्चन परिवार से पूछे। जब ‘धूम-2’ में ऋतिक रोशन और ऐश्वर्या राय का किसिंग सीन आया तो सीनियर बच्चन फिल्म का स्पेशल शो छोड़ कर चले गए। निर्माता आदित्य चोपड़ा से उनकी इस मुद्दे पर लंबी बात हुई। बहू को पर्दे पर इस तरह देखना उन्हें गवारा न था, लेकिन हीरो ऋतिक के पिता के खयाल कुछ और हैं। वह कहते हैं, ‘समय बदल चुका है। चुंबन अब वर्जित नहीं रह गए हैं। बस, सीन में यह सही जगह पर आने चाहिए। इसे अब अश्लील नहीं कहा जा सकता। राकेश रोशन इस बात से भी सहमत हैं कि बेवजह ‘किस’ कहानी में नहीं होने चाहिए। लेकिन अगर कहानी में जरूरी हैं तो उनसे परहेज भी नहीं करना चाहिए।
चुंबन है जरूरत
कभी राज कपूर के वारिस कहलाने वाले सुभाष घई के खयाल भी कुछ इसी तरह के हैं। उनका मानना है,‘चुंबन प्यार जाहिर करने का एक तरीका है। आज का समय तरक्कीपसंद है। लोग और समाज बहुत आगे बढ़ चुके हैं। फिल्मों में ‘किसिंग’ कोई राकेट साइंस नहीं है। आज की ग्लोबल लाइफ-स्टाइल में किसिंग को बुरी नजर से नहीं देखा जा सकता। यह अगर सिनेमा और कहानी को आगे बढ़ाते हैं तो इसमें कोई बुरी बात नहीं।’कॉमर्शियल सिनेमा से अलग आर्ट सिनेमा को मायने देने वाले डायरेक्टर शयाम बेनेगल का कहना है, ‘किसिंग को मैं कोई महत्व नहीं देता। किंतु यदि इस सीन की डिमांड है तो कोई एतराज़ नहीं होना चाहिए।
क्या वाकई ऐसा है? कोई बच्चन परिवार से पूछे। जब ‘धूम-2’ में ऋतिक रोशन और ऐश्वर्या राय का किसिंग सीन आया तो सीनियर बच्चन फिल्म का स्पेशल शो छोड़ कर चले गए। निर्माता आदित्य चोपड़ा से उनकी इस मुद्दे पर लंबी बात हुई। बहू को पर्दे पर इस तरह देखना उन्हें गवारा न था, लेकिन हीरो ऋतिक के पिता के खयाल कुछ और हैं। वह कहते हैं, ‘समय बदल चुका है। चुंबन अब वर्जित नहीं रह गए हैं। बस, सीन में यह सही जगह पर आने चाहिए। इसे अब अश्लील नहीं कहा जा सकता। राकेश रोशन इस बात से भी सहमत हैं कि बेवजह ‘किस’ कहानी में नहीं होने चाहिए। लेकिन अगर कहानी में जरूरी हैं तो उनसे परहेज भी नहीं करना चाहिए।
चुंबन है जरूरत
कभी राज कपूर के वारिस कहलाने वाले सुभाष घई के खयाल भी कुछ इसी तरह के हैं। उनका मानना है,‘चुंबन प्यार जाहिर करने का एक तरीका है। आज का समय तरक्कीपसंद है। लोग और समाज बहुत आगे बढ़ चुके हैं। फिल्मों में ‘किसिंग’ कोई राकेट साइंस नहीं है। आज की ग्लोबल लाइफ-स्टाइल में किसिंग को बुरी नजर से नहीं देखा जा सकता। यह अगर सिनेमा और कहानी को आगे बढ़ाते हैं तो इसमें कोई बुरी बात नहीं।’कॉमर्शियल सिनेमा से अलग आर्ट सिनेमा को मायने देने वाले डायरेक्टर शयाम बेनेगल का कहना है, ‘किसिंग को मैं कोई महत्व नहीं देता। किंतु यदि इस सीन की डिमांड है तो कोई एतराज़ नहीं होना चाहिए।