हिंदी सिनेमा के इतिहास में 60 और 70 के दशक को सुनहरा दौर बनाने में बेहतरीन फिल्मों और कलाकारों का बड़ा योगदान रहा है। ऐसे ही एक अभिनेता रहे आईएस जौहर। जिनका पूरा नाम इंदरजीत सिंह जौहर था। 16 फरवरी 1920 तो तालागंग (पंजाब) ब्रिटिश भारत में जन्मे आईएस जौहर ने अपनी एक्टिंग से दर्शकों को दीवाना बना दिया था। साल 1971 में उन्हें 'जॉनी मेरा नाम' के लिए सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार दिया गया। 10 मार्च 1984 को मुंबई में उनका निधन हुआ। आज उनकी पुण्यतिथि पर पढ़िए 10 फिल्मों में उनके बेहतरीन किरदारों की कहानी......
हिंदी सिनेमा का सुनहरा दौर लाने वाले आईएस जौहर के 10 किरदारों की दास्तान
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अफसाना
साल 1951 में आई 'अफसाना' फिल्म से आईएस जौहर ने बतौर लेखक फिल्म इंडस्ट्री में अपनी शुरुआत की थी। अफसाना फिल्म में अशोक कुमार, वीना, जीवन, कुलदीप कौर, प्राण मुख्य भूमिकाओं में थे।
नास्तिक
इसके बाद 1954 में आई फिल्म 'नास्तिक' में आईएस जौहर बतौर एक्टर देखे गए और बॉलीवुड में छा गए। 'नास्तिक' फिल्म में जौहर ने जोकर का रोल निभाया था। इस रोल में जौहर को देखकर दर्शकों की हंसी छूट गई। नास्तिक फिल्म जौहर के करियर के शुरुआती दिनों की सबसे अच्छी फिल्म साबित हुई।
दास्तान
1972 में आई फिल्म बीआर चोपड़ा की 'दास्तान' फिल्म में आईएस जौहर, दिलीप कुमार-शर्मीला टैगोर जैसे बड़े स्टार्स के साथ फिल्म में आए। हालांकि इस फिल्म में जौहर को बहुत छोटा रोल मिला। दोस्त के रोल में जौहर ने लोगों की नजरों में आ गए थे।
रूप तेरा मस्ताना
खालिद अख्तर के निर्देशन में साल 1972 में आई 'रूप तेरा मस्ताना' फिल्म में आईएस जौहर की एक्टिंग ने सबको हैरान कर दिया। इस फिल्म में जितेंद्र, मुमताज, प्राण लीड रोल में थे। वहीं टैक्सी ड्राइवर के रोल में आईएस जौहर ने हंसी का ऐसा तड़का लगाया कि फिल्म हिट हो गई।