पाकिस्तान और भारत के बीच सन 47 से चली आ रही खींचतान के किस्सों से हिंदी सिनेमा को बहुत फायदा होता रहा है। टीवी चैनलों पर इन दिनों कोरोना छाया हुआ है तो पाकिस्तान पर होने वाली बिना बात की बहसें फिलहाल हाशिए पर हैं। कोरोना काल में सबसे ज्यादा अहम सवाल है कि घर पर हम कितने दिनों तक और खुद पर काबू रख सकेंगे लेकिन कोरोना से लड़ने का इसके अलावा दूसरा कोई चारा भी नहीं है। अगर आपके भीतर आ रहा है गुस्से का उबाल और आपके सामने हैं इसे जाहिर करने का बड़ा सवाल, तो आप देखिए वे फिल्में जिन्होंने पर्दे पर पाकिस्तान के खिलाफ मचाया सबसे बड़ा बवाल। आपके खून की रफ्तार भी इन फिल्मों से तेज होगी और गुस्सा भी थोड़ा कम होगा।
कोरोना काल में गुस्से पर पाना है काबू तो देख डालिए पाकिस्तान को धूल चटाती ये पांच फिल्में
उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक (2019)
इस कड़ी में हमारे पास आपके लिए सबसे पहली फिल्म है आदित्य धर के निर्देशन में बनी 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक'। इस फिल्म में विकी कौशल, परेश रावल, यामी गौतम, मोहित रैना और कीर्ति कुल्हारी ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। यह कहानी वर्ष 2016 में भारत पर हुए पाकिस्तानी हमले की जवाबी कार्रवाई पर आधारित है। पाकिस्तान ने भारत की सीमा में घुसकर उरी नाम की जगह पर हमला किया था जिसमें कई भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। इस घटना का बदला लेने के लिए भारत ने पाकिस्तान में घुसकर बालाकोट नाम की जगह पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान में कई आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया था। फिल्म की कहानी तो रोमांच से भरी है ही, साथ ही इसके संवाद आपके सुस्त पड़े शरीर में जोश भर देंगे।
एलओसी कारगिल (2003)
जेपी दत्ता के निर्देशन और निर्माण में बनी यह ऐतिहासिक वॉर ड्रामा फिल्म भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में लड़े गए कारगिल युद्ध पर आधारित है। सेना पर फिल्माए गई इस फिल्म में हिंदी सिनेमा के कई बेहतरीन सितारे मुख्य भूमिका में नजर आए। इन कलाकारों में संजय दत्त, सुनील शेट्टी, अजय देवगन, अभिषेक बच्चन, सैफ अली खान, अक्कीनेनी नागार्जुन, अक्षय खन्ना, रानी मुखर्जी, मनोज बाजपेई, आशुतोष राणा, करीना कपूर, ईशा देओल, रवीना टंडन, महिमा चौधरी और प्रीति झंगियानी प्रमुख रहीं। एक फौजी के अपने वतन के लिए शहीद होने का गौरव पाने के लिए किस हद तक जा सकता है यह आपको इस फिल्म में देखने को मिलेगा। अंत में पाकिस्तान की हार आपके मन को प्रफुल्लित कर देगी।
गदर : एक प्रेम कथा (2001)
यह फिल्म दो विपरीत चीजों का एक नायाब संयोजन है। फिल्म में जितनी मोहब्बत कूट-कूट कर भरी हुई है उतनी ही भरी हुई पाकिस्तान की जिल्लत। सनी देओल, अमीषा पटेल और अमरीश पुरी जैसे कलाकारों से सजी इस फिल्म में बदले की कम और मोहब्बत की कहानी ज्यादा नजर आती है। अनिल शर्मा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में पाकिस्तान की बेइज्जती बोनस में हुई है। तारा सिंह अपने प्यार को पाने के लिए सरहदों को पार करके पाकिस्तान पहुंच जाता है। जब वह वहां का माहौल देखता है तो वह पाकिस्तान के शासन और प्रशासन को अपनी मोहब्बत के जोश में हिला कर रख देता है। तारा के दिल में सकीना के लिए जितना प्यार है, उससे कहीं ज्यादा मोहब्बत अपने वतन हिंदुस्तान के लिए है। इस फिल्म के जोश भरे संवाद आपके अंदर भी देशभक्ति पैदा कर देंगे।
इंडियन (2001)
जितना पागलपन अपने देश के लिए सनी देओल का फिल्म 'गदर' में दिखाया है, लगभग उतना ही प्यार इस फिल्म में भी सनी देओल भारत से करते हैं। एन महाराजन के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सनी देओल ने डीसीपी राजशेखर आजाद का किरदार निभाया है। उनके साथ फिल्म में शिल्पा शेट्टी, मुकेश ऋषि, ओमपुरी, राहुल देव, राज बब्बर, आदि कलाकार भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। डीसीपी राजशेखर की अपने वतन के प्रति श्रद्धा इतनी गूढ़ है कि वह हिंदुस्तान से गद्दारी करने वाले अपने ससुर को भी बिना सोचे समझे गोली मार देता है। जब एक सच्चे हिंदुस्तानी का देशद्रोहियों पर खून खौलता है तो वह क्या कर सकता है? वही इस फिल्म में दिखाया है। फिल्म के कुछ संवाद तो इतने दमदार हैं कि वह आपके रोंगटे तक खड़े कर सकते हैं।
