8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day) है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का सबसे बड़ा उद्देश्य महिलाओं और पुरुषों में समानता बनाने के लिए जागरूकता लाना है। वैसे तो महिलाओं के सम्मान के लिए किसी खास दिन की जरूरत नहीं होती लेकिन यह एक ऐसा दिन है जब महिलाएं अपनी आजादी का जश्न खुलकर मनाती हैं। यह दिन महिलाओं के प्रति सम्मान और प्यार प्रकट करने का है और इस दिन का महत्व महिलाओं को आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर पहचान दिलाना और महिलाओं की उपलब्धियों को मनाना है। इस खास मौके पर हम आपको उन महिलाओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अपने दम पर देश ही नहीं दुनियाभर में एक अलग मुकाम हासिल किया है।
International Women's Day 2021: मेहनत और लगन से इन महिलाओं ने बनाई पहचान, आज दुनिया में बजता है इनका डंका
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कल्पना चावला
-
नासा वैज्ञानिक और अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला का जन्म हरियाणा के करनाल में हुआ था। स्कूली पढ़ाई के बाद कल्पना ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज 1982 में ग्रेजुएशन पूरा किया।
-
ग्रेजुएशन के बाद वह अमेरिका चली गईं और आगे की पढ़ाई की। 1995 में कल्पना नासा में अंतरिक्ष यात्री के तौर पर शामिल हुईं। कल्पना अंतरिक्ष में जाने वाली प्रथम भारतीय महिला थीं।
-
1 फरवरी 2003 को अंतरिक्ष से वापस लौटते वक्त कल्पना चावला हादसे का शिकार हो गईं। सभी बेसब्री से उनके लौटने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन तभी ये खुशियां मातम में बदल गईं।
-
असफलता से घबराना कल्पना ने सीखा ही नहीं था। वह जो ठान लेती उसे करके ही दम लेती थीं। आज कल्पना भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वह हम सबके लिए एक मिसाल हैं और महिलाओं के लिए एक प्रेरणा।
सुनीता विलियम्स
-
19 सितंबर 1965 को जन्मीं सुनीता विलियम्स के नाम सिर्फ अंतरिक्ष ही नहीं, इससे इतर भी कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। वह अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की दूसरी महिला हैं।
-
सुनीता के पिता भारतीय मूल के हैं जबकि उनकी मां स्लोवानियाई मूल की हैं। 1987 में सुनीता विलियम्स को अमेरिकी नौसेना में शामिल किया गया था। अंतरिक्ष यात्रा के लिए सुनीता का चयन 1998 में नासा ने किया था।
-
सुनीता विलियम्स भारत और दुनिया के लिए वो चमकता सितारा हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में 195 दिनों तक रहने का रिकॉर्ड बनाया। सुनीता उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं जो अपने जीवन में कुछ करना चाहती हैं।
कमला हैरिस
-
20 अक्टूबर 1964 को ऑकलैंड में जन्मी कमला हैरिस (Kamla Harris) अमेरिका की उपराष्ट्रपति हैं। 55 साल की हैरिस भारतीय मां और जमैकाई पिता की बेटी हैं।
-
कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री हासिल करने के बाद कमला हैरिस ने सैन फ्रांसिस्को डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी ऑफिस से अपना करियर शुरू किया।
-
2003 में वह सैन फ्रांसिस्को की शीर्ष अभियोजक बनीं। 2010 में वह कैलिफोर्निया की अटॉर्नी बनने वाली पहली महिला और पहली अश्वेत व्यक्ति थीं। अमेरिका के कई समुदायों में उन्हें पसंद किया जाता है।
-
कमला हैरिस की छवि एक अफ्रीकी-अमरीकी राजनीतिक नेता के रूप में काफी मजबूत दिखती है। आखिर भारतीयों और अमरीकियों को कमला पर गर्व क्यों न हो? उनका संघर्ष ये साफ बताता है कि समाज में आने वाला वक्त महिलाओं का है।
प्रियंका चोपड़ा
-
18 जुलाई 1982 में जन्मी प्रियंका चोपड़ा बॉलीवुड से हॉलीवुड तक दुनिया भर में नाम काम रही हैं। साल 2000 में मिस वर्ल्ड का खिताब जीत कर प्रियंका चोपड़ा ने पूरे देश का नाम रौशन किया। इस उपलब्धि ने उन्हें पूरी दुनिया में पहचान दिलाई।
-
वह बॉलीवुड की सबसे महंगी अभिनेत्रियों में से एक हैं। प्रियंका ये कहती हैं कि उन्हें अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए कभी किसी पुरुष के सहारे की जरूरत नहीं पड़ी।
-
भारत ही नहीं दुनियाभर में प्रियंका के लाखों चाहने वाले हैं। प्रियंका का फिल्म इंडस्ट्री से कभी कोई सीधा संपर्क नहीं रहा, उन्होंने सबकुछ अपने दम पर हासिल किया है। प्रियंका चोपड़ा पहली भारतीय अभिनेत्री हैं जिन्हें किसी अंतरराष्ट्रीय टीवी सीरीज में मुख्य भूमिका दी गई हो।
-
प्रियंका कहती हैं, ''मेरी कामयाबी का श्रेय मैं अपने आप को ही देना चाहूंगी। मैंने बहुत ठोकरें खाई हैं लेकिन ठोकरे खाने की क्षमता मैंने रखी।'' आज प्रियंका कामयाब अभिनेत्रियों में से एक हैं और बॉलीवुड के साथ-साथ हॉलीवुड दोनों जगह काम कर रही हैं।