अभिनेता मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म 'जोरम' का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है। इस थ्रिलर ड्रामा फिल्म से जुड़ी हर खबर पर फैंस की नजर है। अभिनेता इसके अलावा कई वेब सीरीज में भी नजर आ चुके हैं। हालांकि, मनोज का मानना है कि ओटीटी में अभी तक स्वतंत्र सामग्री की कमी है। अभिनेता ने इस विषय पर चिंता भी जताई है। तो चलिए जानते हैं कि मनोज ने क्या कहा है।
Manoj Bajpayee: ओटीटी पर स्वतंत्र सामग्री की कमी पर चिंतित हैं मनोज बाजपेयी, बोले-इसे दुखद विकास कहते हैं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाल ही में एक इंटरव्यू में, मनोज बाजपेयी ने स्ट्रीमिंग सेवाओं पर बात करते हुए एक महत्वपूर्ण बदलाव की ओर इशारा किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन प्लेटफार्मों का प्रारंभिक ध्यान स्वतंत्र सिनेमा को बढ़ावा देने पर था, लेकिन अब कहीं न कहीं यह खो गया है।
Hollywood Films: इन विदेशी फिल्मों ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर की जमकर कमाई, लिस्ट के नाम कर देंगे हैरान
मनोज ने कहा,"स्वतंत्र सिनेमा आंदोलन जो शुरू हुआ था और जिसे ओटीटी प्लेटफार्मों से इस तरह का मार्गदर्शन मिल रहा था, वह खत्म हो गया है। और यह एक बहुत दुखद विकास है।" उन्होंने इस दिशा में पहले के प्रयासों की सराहना करते हुए नई आवाजों को आगे करने और उनके लिए मंच प्रदान करने की भी प्रशंसा की है।
Animal: 'एनिमल' के ऑडियो लॉन्च में रणबीर-बॉबी ने जमकर की मस्ती, अरिजीत और श्रेया के अलावा पूरी टीम रही मौजूद
उन्होंने आगे स्वतंत्र फिल्मों के सामने आने वाली चुनौतियों पर जोर देते हुए कहा कि सुबह 9 बजे जैसे शो के लिए शेड्यूल करने से उनके लिए लोकप्रियता हासिल करना लगभग असंभव हो जाता है। बाजपेयी ने मंचों से मेंटरशिप पहल को दोबारा लाने की गुजारिश की है। हालांकि, अभिनेता ने यह भी कहा है कि ओटीटी पर स्वतंत्र सामग्री लाने से कई चीजों में सुधार देखने को मिल सकता है।
Rajkumar Kohli : राजकुमार कोहली के अंतिम संस्कार के वक्त फूट-फूटकर रो पड़े बेटे अरमान, सोनू निगम ने बांटा दुख
वर्क फ्रंट की बात करें तो अभिनेता अपनी आगामी फिल्म 'जोरम' को लेकर चर्चा में चल रहे हैं। हाल ही में, फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया है। ट्रेलर में दिखाया गया है कि मनोज बाजपेयी का किरदार 'दसरू' अपने परिवार के साथ गांव में रहता है, लेकिन आगे चलकर उनकी जिंदगी में एक बड़ा मोड़ आता है, जब उन्हें अपनी जान बचाने के लिए गांव छोड़कर मुंबई जाना पड़ता है।