Joram: 'जोरम' का दमदार ट्रेलर रिलीज, अपनी बेटी को जीशान अय्यूब से बचाने के मिशन पर निकले मनोज बाजपेयी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्रेलर में दिखाया गया है कि मनोज बाजपेयी का किरदार 'दसरू' अपने परिवार के साथ गांव में रहता है, लेकिन आगे चलकर उनकी जिंदगी में एक बड़ा मोड़ आता है, जब उन्हें अपनी जान बचाने के लिए गांव छोड़कर मुंबई जाना पड़ता है। दसरू अपनी तीन महीने की बेटी को बचाने के लिए भाग रहा है। वहीं जीशान अय्यूब का किरदार पुलिस अधिकारी 'रत्नाकर' दसरू को पकड़ने के मिशन पर हैं और इसके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
फिल्म की आधिकारिक लॉगलाइन में लिखा है, "खतरे से भागते हुए दसरू अपने बच्चे को अपने पास रखता है और अंतिम प्रश्न का सामना करता है। वह बचेगा या आने वाले अंत का सामना करेगा?" झारखंड पर आधारित यह फिल्म सामाजिक असमानताओं, आदिवासी समुदायों के साथ होने वाले अन्याय और वनों की कटाई जैसे मुद्दों से संबंधित है।
फिल्म में अपने किरदार के बारे में बात करते हुए मनोज बाजपेयी ने कहा, ''मैं 'जोरम' का हिस्सा बनकर रोमांचित हूं। फिल्म ने वास्तव में सभी पहलुओं में सीमाओं को पार कर लिया है।'' वहीं जीशान ने अपने किरदार के बारे में बात करते हुए कहा, ''मैं फिल्म में शहर के एक पुलिसकर्मी रत्नाकर का किरदार निभा रहा हूं। वह संपन्न नहीं है और सामाजिक स्तर पर सबसे निचले पायदान पर है। इस फिल्म पर काम करते हुए मैं पहली बार जंगलों और लौह अयस्क खदानों में गया। इससे मुझे एहसास हुआ कि मैं रत्नाकर से कितना जुड़ सकता हूं और यह आपको इस बात की सराहना करने के लिए प्रेरित करता है कि जीवन ने आपको क्या दिया है, इसलिए मैंने इस फिल्म से बहुत कुछ सीखा है और मुझे वाकई उम्मीद है कि हर कोई भी इससे कुछ सीखेगा।''
मखीजा फिल्म के सहयोग से जी स्टूडियो द्वारा निर्मित 'जोरम' में स्मिता तांबे और मेघा माथुर भी अहम भूमिकाओं में हैं। साथ ही तनिष्ठा चटर्जी और राजश्री देशपांडे भी विशेष भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म आठ दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।