अगर आप अपने टीवी पर कोई रियलिटी शो देख रहे हैं और उस शो से तालियों की गड़गड़ाहट या हंसी के ठहाकों की आवाज आ रही हैं, तो ये ना समझें कि सब कुछ पहले जैसा हो गया है। तालियों और हंसी की ये आवाज बैकग्राउंड में डाली गई हैं। ठीक उसी तरह जैसे कि आईपीएल मैचों में आपको दर्शकों का शोर सुनाई देता है।
मुंबई में बड़ी मुश्किल से जिंदगी बिता रहे हैं कलाकार, घर चलाना भी पड़ रहा है भारी
कपिल शर्मा शो के अलावा अमिताभ बच्चन का शो कौन बनेगा करोड़पति, डांस रियलिटी शो इंडियाज बेस्ट डांसर, सलमान खान के बिग बॉस जैसे शोज की शूटिंग चल रही है। इन सब शोज में 50 से लेकर 200 जूनियर आर्टिस्ट बतौर ऑडियंस नजर आते थे मगर कोरोना के डर की वजह अब ऐसा नहीं हो रहा है।
रियालिटी शो के निर्माता पंकज बागरेचा ने बीबीसी को बताया "कपिल शर्मा के कॉमेडी शो में 100 से 150 जूनियर आर्टिस्ट की ज़रूरत पड़ती है। डांस रियलिटी शो में 150 से 200 जूनियर आर्टिस्ट दर्शक बनकर बैठते हैं। वहीं बिग बॉस में 50 जूनियर आर्टिस्ट की जरूरत पड़ती है। मगर कोरोना की वजह से अब जूनियर आर्टिस्ट को शो का हिस्सा नहीं बनाया जा रहा है।"
काम शुरू होने के बाद भी परेशानी
लेकिन एक तरफ जूनियर आर्टिस्ट की तकलीफें कम नहीं हो रही हैं तो दूसरी तरफ निर्माताओं को फायदा हो रहा है, क्योंकि जूनियर आर्टिस्ट पर खर्च होने वाले उनके पैसे बच रहे हैं। पंकज बागरेचा ने बताया कि "क्राउड में बैठे एक जूनियर आर्टिस्ट का एक दिन का मेहनतना 700 से 800 रुपया होता है।" फिल्मों और धारावाहिकों में भीड़ के रूप में दिखने वाले जूनियर आर्टिस्ट एक दिन में करीब 1300 रुपये तक कमाते हैं।
महिला कलाकार संघ की समिति सदस्या लक्ष्मी गोस्वामी ने कहा कि "परेशानी अब भी बनी हुई है। शूटिंग के लिए 100 की जगह 20 से 25 ही जूनियर आर्टिस्ट की जरूरत निकल रही है।'' जूनियर आर्टिस्ट नीता डी पटेल ने कहा कि "कुछ सप्लायर का काम शुरू हुआ है और कुछ का नहीं हुआ है। पहले 20 से 25 दिन काम मिलता था, अब उतना काम भी नहीं मिल रहा है।"
बॉलीवुड में 32 एसोसिएशन को मिलाकर बनी एक संस्था फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉई के प्रेसिडेंट बी एन तिवारी ने बताया कि जूनियर आर्टिस्ट को शूटिंग दिलाने के लिए वो लगातार प्रयास कर रहे हैं और इसके लिए वो निर्माताओं से मुलाकातें कर रहे हैं। बी एन तिवारी ने कहा "हम कोशिश कर रहे हैं कि जूनियर आर्टिस्ट को भी काम मिले क्योंकि ये दिहाड़ी पर काम करने वाले लोग हैं। कोरोना ने इनकी भी कमर तोड़ी है। हम निर्माताओं से मिल रहे हैं, उनसे बात कर रहे हैं। फिलहाल कौन बनेगा करोड़पति में जूनियर आर्टिस्ट को भेजने की अनुमति मिल चुकी है।"
'लॉकडाउन हट गया लेकिन काम नहीं है'
बतौर जूनियर आर्टिस्ट काम करने वाली नीता डी कहती हैं, "हम अपने भाई के बेटे की शादी में गए थे। जो थोड़ा बहुत हम बचाते हैं वो शादी में खर्च हो गए। ऐसे में काम के बंद होने से हम तकलीफ में आ गए। हमारे लिए घर चलाना मुश्किल हो गया।" लक्ष्मी गोस्वामी कहती हैं, "अचानक हुए लॉकडाउन से हम परेशान हो गए। हम रोज कमाने वाले लोग हैं। ऐसे में जब हमारा काम बंद हुआ तो कमाई भी बंद हो गई। हमने इस दौरान काफी तकलीफें उठाईं।" जूनियर आर्टिस्ट रंजीत सैनी ने बताया "हमने कुछ सामान खरीद रखा था EMI पर जिसकी वजह से बहुत बेइज्जती उठानी पड़ी। बैंक ने फोन करके बहुत परेशान किया। कमाई बंद होने से तकलीफ थी ऊपर से बैंक वाले परेशान कर रहे थे। वो समय एक बुरे सपने जैसा है।" बेनडिक्टा डिसूजा के मुताबिक "हमारी स्थिति भूखे मरने जैसी हो जाती। मेरे पति एक कंपनी में काम करते हैं जहां से आधी तनख्वाह आ जाती थी। जैसे तैसे करके उन्हीं थोड़े पैसों से हमने वो दिन गुजारे हैं।"
बॉलीवुड में छाए इस अंधेरे में आर्टिस्ट सप्लाई करने वाले कई आर्टिस्ट कोऑर्डिनेटर की भी हालात खराब है। आर्टिस्ट कोऑर्डिनेटर मंसूर हुसैन के मुताबिक "जब हम इन आर्टिस्ट को काम पर भेजते हैं तब हमें पैसे मिलते हैं। ऐसे में जब काम बंद हुआ तो हमारी कमाई भी बंद हो गई थी। बहुत बुरा समय था। हमारे पास बिल्कुल पैसे नहीं थे। हमने कई स्टार्स से संपर्क करने की कोशिश की ताकि हमारी कोई मदद हो सके मगर कोई मदद नहीं मिली। बहुत मुश्किलों से और अपने कुछ दोस्तों से उधार कर्ज लेकर वो बुरा समय काटा है।"

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