सूफी गायक कैलाश खैर भगवान शिव के धाम में यह एक काम करना चाहते हैं। लेकिन उनकी ये इच्छा पूरी नहीं हो पा रही है।
अपनी ये एक WISH पूरी नहीं कर पा रहे कैलाश खैर, भगवान शिव के धाम में करना चाहते हैं ये काम
शिव भजन कैलाश खेर के लिए दिल की गहराइयों से जुड़ा मसला है। इसलिए ‘पदमासन में ध्यान लगाए मौन है, वीराने में तपता योगी कौन है’ जैसे सीधे बाबा केदारनाथ से जुडे़ भजन को जब वे गाते हैं, तो बेहद तन्मय दिखते हैं। मशहूर सूफी गायक कैलाश खेर की ये ही तमन्ना है कि अब उनका ‘बाबा केदारनाथ’ प्रोजेक्ट देर किए बगैर देश-दुनिया के सामने आ जाए।
तीन साल इस प्रोजेक्ट में खप गए हैं, जबकि इसके प्रोमो ने ही काफी पहले धूम मचा दी थी। बकौल खेर, केदारनाथ धाम के प्रमोशन के लिए लेजर शो जैसे कार्यक्रमों के साथ ही बाबा केदारनाथ प्रोजेक्ट की लांचिंग का रास्ता निकल आए, तो सोने पे सुहागा हो जाएगा। हरीश रावत सरकार के जमाने से शुरू हुए कैलाश खेर के प्रोजेक्ट को अब बस लांच ही होना है। हालांकि, डेढ़ करोड़ का भुगतान कैलाश खेर को सरकार की ओर से होना शेष है, लेकिन वह 12 एपीसोड वाले ‘बाबा केदारनाथ’ प्रोजेक्ट को उत्तराखंड के सुपुर्द कर चुके हैं।
कैलाश खेर की किसी से कोई शिकायत नहीं है। हालांकि, इस पूरे प्रोजेक्ट को लेकर बीच-बीच में कई तरह की बातें सामने आई हैं। खेर के मुताबिक, उन्होंने दिल से इस प्रोजेक्ट पर काम किया है। सरकार जिस तरह से केदारनाथ धाम के प्रमोशन में जुटी है, उन स्थितियों के बीच, यह उपयुक्त समय ह कि बाबा केदारनाथ की लांचिंग कर दी जाए। वह दावा करते हैं कि संगीतमय प्रस्तुति बाबा केदारनाथ के सामने आने के बाद केदारपुरी आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाएगी।
