भारत के अधिकतर मीडिया चैनलों पर नौ सितंबर को अभिनेत्री कंगना रणौत का मुंबई लौटना चर्चा का विषय था। उनके मंडी से मोहाली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने और फिर मुंबई एयरपोर्ट उतरने तक पल-पल की खबरें टीवी और सोशल मीडिया पर आ रही थीं। इसी बीच मुंबई एयरपोर्ट पर करणी सेना के कुछ कार्यकर्ता भी कंगना रणौत का समर्थन करने पहुंचे।
कंगना रणौत के समर्थन में करणी सेना 1000 गाड़ियों का काफिला लेकर हुई रवाना? जानिए खबर की सच्चाई
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करणी सेना पहले ही कह चुकी है कि कंगना रणौत को उनका पूरा समर्थन है। इसी बीच सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं कि करणी सेना का 1,000 गाड़ियों का काफिला मुंबई उन्हें समर्थन देने जा रहा है।
फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप पर इससे जुड़ी तस्वीरें, वीडियो और संदेश भेजे गए। इन पोस्ट्स में सब जगह एक ही बात लिखी है, 'कंगना रणौत के सम्मान में, 1000 गाड़ियों के साथ करणी सेना महाराष्ट्र रवाना। जय भवानी जय राजपूताना। अब देखो हमारी ताकत। जय श्री राम।'
क्या कहती है करणी सेना?
बीबीसी हिंदी की फैक्ट चेक टीम ने इन दावों के बाद सबसे पहले करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर सूरजपाल सिंह अमू से बात की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण विभिन्न राज्यों में अलग-अलग नियम लागू हैं जिसकी वजह से एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के भी कई नियम हैं, इस कारण करणी सेना के अन्य राज्यों के कार्यकर्ता महाराष्ट्र नहीं जा पाए। उन्होंने कहा, 'बुधवार को जब कंगना मुंबई पहुंचीं तो पूरे महाराष्ट्र के करणी सेना के 2,000 सदस्य 600 गाड़ियों में उन्हें समर्थन देने के लिए एयरपोर्ट और फिर घर पहुंचे। अब हम पूरे देश के हर जिले के थानों में शिवसेना नेता संजय राउत के खिलाफ कंगना रणौत के लिए अपशब्द इस्तेमाल करने पर तहरीर देंगे और अयोध्या से इसकी शुरुआत हो चुकी है।' हालांकि सूरजपाल सिंह के दावे के उलट बुधवार नौ सितंबर को मुंबई एयरपोर्ट और कंगना के घर के बाहर इतने करणी सेना समर्थक नहीं थे जितना उनका कहना है। ट्विटर पर शेयर कई लोगों ने मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचे करणी सेना के लोगों की तस्वीरे और वीडियो शेयर किए हैं।
क्या है सच?
करणी सेना के अध्यक्ष सूरजपाल सिंह की टिप्पणी के बाद यह तो साफ हो जाता है कि कोई 1,000 गाड़ियों का काफिला कंगना को समर्थन देने नहीं पहुंचा था लेकिन अब सवाल यह उठता है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरें और वीडियो आखिर कहां की हैं? क्या यह महाराष्ट्र के ही करणी सेना के सदस्य हैं और वहीं का काफिला है? बीबीसी हिंदी की फैक्ट चेक टीम ने ट्वीट से जुड़ी तस्वीरों को गूगल रिवर्स इमेज टूल से सर्च करना शुरू किया।
पहली तस्वीर जिसमें गाड़ी से बाहर हाथ हिलाते पुरुष दिख रहे हैं, जब हमने इसे रिवर्स सर्च किया तो इसमें हमें कई फेसबुक पेज मिले। इनमें से एक फेसबुक पेज ब्राह्मण ग्रुप यमुना नगर से है जिसमें यह तस्वीर अप्रैल 2018 में इस्तेमाल हो चुकी है। फेसबुक पर ही गुज्जर ब्वॉय नामक पेज पर यह तस्वीर मिली जो जनवरी 2018 में अपलोड की गई थी। इसके अलावा यही तस्वीर एक ट्विटर हैंडल पर मिली जहां पर इसे 2017 में अपलोड किया गया था। यह तस्वीर किस मकसद से खींची गई थी यह साफ नहीं हो पाया है लेकिन यह साफ है कि यह तस्वीर कम से कम तीन साल पहले की है और इसका कंगना के समर्थन में बताए जा रहे काफिले से कोई लेना-देना नहीं है।