कंगना रणौत एक बार फिर सुखिर्यों में हैं। लेकिन हर बार की तरह वजह कोई फिल्म नहीं बल्कि अपने उस नए बयान के लिए जिसमें उन्होंने उन्होंने कहा है कि भारत को सही मायने में आजादी 2014 में मिली है। कंगना ने एक निजी इंटरव्यू में कहा है "वो आजादी नहीं थी वो भीख थी और जो आजादी मिली है वो 2014 में मिली है।" कंगना के इस बयान के बाद हर तरफ उनकी ही चर्चा हो रही है। यहां तक कि आम आदमी पार्टी (आप) ने मुंबई पुलिस में कंगना के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करवाई है।
Kangana Ranaut: कंगना के खिलाफ शिकायत दर्ज, कहा था- '1947 में भीख मिली, आजादी तो 2014 में मिली'
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आप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य प्रीति शर्मा मेनन ने अभिनेत्री कंगना रणौत के खिलाफ मुंबई पुलिस से शिकायत कर मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। मेनन ने कहा, "कार्रवाई की उम्मीद है। कंगना पर भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए, 504, और 505 के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।"
इससे पहले बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने कहा था, "कभी महात्मा गांधी के त्याग और तपस्या का अपमान...कभी उनके हत्यारे का सम्मान...अब भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस...और लाखों स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों का तिरस्कार...इस सोच को पागलपन कहूं या देशद्रोह?"
वरुण गांधी, कांग्रेस नेता उदित राज समेत कई दलों ने उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इसके साथ ही पद्मश्री वापस लेने की भी मांग की जा रही है। कंगना का यह बयान पद्मश्री मिलने के दो दिन बाद आया है।
हाल ही में पद्मश्री मिलने के बाद कंगना ने कहा था, 'दोस्तों एक कलाकार के रुप में मुझे बहुत प्यार और सम्मान मिला है, लेकिन आज पहली बार एक आदर्श नागरिक होने के नाते देश से अवॉर्ड मिला है। जब देश के खिलाफ होने वाली चीजों के खिलाफ आवाज उठाई। यहां तक कि मुझ पर कई केस भी चल रहे हैं। ये सम्मान बहुत से लोगों का मुंह बंद करेगा। मैं इस देश का बहुत सम्मान करती हूं.. जय हिंद!'