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मणिकर्णिका को हिट कराने के लिए कंगना ने खेला दलित कार्ड,फिल्म में दिखेंगे लक्ष्मीबाई के मानवीय पक्ष
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 21 Nov 2018 09:36 AM IST
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कंगना रनौत
- फोटो : file photo
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पिछले दिनों रजनीकांत स्टारर फिल्म काला में दलित समुदाय के लोगों की कहानी और किरदारों के चर्चा पाने के बाद अब कंगना रनौत की फिल्म मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी में भी दलितों को खास जगह दी जा रही है। सूत्रों के अनुसार काला की सफलता के बाद मणिकर्णिका के लेखक और कंगना ने मिलकर तय किया कि इस बात को खास तौर पर फिल्म में रेखांकित किया जाए कि लक्ष्मीबाई ने दलितों को विशेष रूप से संरक्षण दिया। इसके बाद फिल्म में ऐसे कुछ दृश्य अलग से शूट किए गए जो बताएंगे की झांसी की रानी दलितों के लिए किसी मसीहा से कम नहीं थीं। बताया जाता है कि लक्ष्मीबाई की ऐतिहासिक कहानी को फिल्म में विभिन्न रंगों से रंगा गया है। फिल्म बताएगी कि लक्ष्मी बाई ने दलितों को अंग्रेजों के अत्याचार से बचाया था।
Kangana Ranaut
- फोटो : file photo
सूत्रों की मानें तो फिल्म में रानी के कई मानवीय और दयालु पक्ष दिखाए जाएंगे कि कैसे वह अक्सर दलितों और गरीबों की मदद करती हैं। फिल्म में रानी की खास कमांडर झलकारीबाई है, जो दलितवाड़ा नाम की बस्ती में रहती है। वह एक दलित युवती है। अंकिता लोखंडे झलकारी बाई की भूमिका निभा रही हैं। फिल्म में अंकिता का रानी के एक सैनिक के साथ थोड़ा रोमांस और विवाह दिखाया गया है परंतु एक समय के बाद वह पूरी तरह से रानी की विश्वस्त सलाहकार और सैनिक के रूप में दिखेंगी। झलकारीबाई के रूप में अंकिता दलितवाड़ा की शक्तिशाली युवती के रूप में होंगी, जो समय-समय पर अंग्रेजों से टक्कर लेती रहती है। लक्ष्मीबाई को पराजित करने में नाकाम अंग्रेज बार-बार दलित बस्तियों पर हमले करते हैं। उनके घर जला देते हैं और उनके जानवरों को उठा ले जाते हैं।
manikarnika
- फोटो : file photo
सूत्रों के मुताबिक रानी और झलकारीबाई की दोस्ती का दृश्य फिल्म में खास तौर पर रचा गया है। इसमें दलित बस्ती पर अंग्रेजों के अत्याचार, घरों को जलाना और जानवरों को उठा ले जाना दिखाया गया है। वे एक बछड़े को भी उठा ले जाते हैं जो झलकारीबाई का है। जैसे ही लक्ष्मीबाई को अंग्रेजों के इस हमले की खबर मिलती है, वह तत्काल अपने घोड़े पर सवार हो एक छोटी-सी सैन्य टुकड़ी के साथ उनसे लोहा लेने पहुंच जाती हैं। भीषण मार-काट के बाद रानी सारे जानवरों को छुड़ा लेती हैं, जिसमें झलकारीबाई का नन्हा बछड़ा भी है। इस तरह वह झलकारी बाई और दलितों का दिल जीत लेती हैं।
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Manikarnika
- फोटो : file photo
सूत्रों के अनुसार यह बदलाव कंगना ने फिल्म की निर्देशक के रूप में बागडोर संभालने के बाद कराए हैं। मूल स्क्रिप्ट में यह नहीं थे। फिल्म झलकारी बाई की शहादत को भी विशेष रूप से रेखांकित करेगी। यह बताएगी की लक्ष्मीबाई और झलकारी बाई की कद-काठी में भी बहुत समानता थी और जब रानी झांसी के किले से निकलकर भागी तो झलकारी बाई अंग्रेजों को धोखा देने के लिए यह कहते हुए उनके सामने जा पहुंची कि वह लक्ष्मीबाई हैं।
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Manikarnika
- फोटो : file photo
बताया जा रहा है कि मूल निर्देशक कृष के शूटिंग से हटने के बाद कंगना ने जब फिल्म की कमान संभाली तो उसमें कई बदलाव किए हैं। वह फिल्म को लक्ष्मीबाई की सिर्फ ऐतिहासिक कहानी नहीं बताना चाहतीं, जिसमें वह झांसी के लिए लड़ते हुए युद्ध के मैदान में वीरगति को प्राप्त हुईं। कंगना चाहती हैं कि रानी के कई मानवीय पक्ष और अपनी प्रजा/गरीबों के लिए उनके दिल की ममता भी पर्दे पर आए। यही कारण है कि उन्होंने फिल्म के लेखक के साथ मिलकर इस तरह के दृश्य रचे हैं।