कोरोना वायरस ने सोमवार को 48 साल के हुए निर्माता और निर्देशक करण जौहर के घर भी दस्तक दे दी। उनके घर में काम करने वाले दो लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसकी सूचना मिलने के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने उनके घर और आसपास के इलाके को डिसइनफेक्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
करण जौहर के घर कोरोना की दस्तक और प्रवासियों के लिए जारी है सोनू सूद की मदद, पांच खबरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश ने कोरोना के साथ आगे बढ़ना और जीना सीख लिया है। एक तरफ जहां रेलवे और हवाई सेवा की शुरुआत हो गई है तो वहीं अब सिनेमा जगत भी पटरी पर लौट रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे हफ्ते भर से मुंबई में शूटिंग शुरू करने का प्लान ही बनाते रहे और उधर अभिनेता अक्षय कुमार ने शूटिंग शुरू भी कर दी है। ये शूटिंग मुंबई के एक मशहूर स्टूडियो में हुई है। लॉकडाउन के बीच शूटिंग शुरू करने वाले बताते हैं कि इसके बनाने वालों को अनुमति स्थानीय प्रशासन ने दी है।
लॉकडाउन के बीच सिनेमा: मुंबई में शुरू हो गई शूटिंग, अक्षय कुमार ने खोला सबसे पहले खाता
बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के दुनियाभर में लाखों-करोड़ों फैंस हैं। जहां भी सलमान जाते हैं, लोगों की भीड़ उन्हें घेर लेती है। तब सलमान की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है उनके बॉडीगार्ड शेरा के पास। सलमान की तरह ही उनके बॉडीगार्ड शेरा भी लोगों के बीच काफी पॉपुलर हैं। लॉकडाउन की वजह से सलमान इन दिनों अपने पनवेल स्थित फार्महाउस पर हैं।
ईद पर शेरा ने साझा की सलमान खान के साथ तस्वीर, लिखा- मेरी ईद मालिक के बिना...'
बॉलीवुड में हर साल कई सौ फिल्में बनती हैं। एक महीने में क्या, कई बार तो एक हफ्ते में कई फिल्में एक साथ रिलीज हो जाती हैं। इनमें से कुछ चलती हैं तो कुछ फ्लॉप हो जाती हैं। वहीं कुछ फिल्में ऐसी भी होती हैं जो कालांतर तक याद रखी जाती हैं। ऐसी ही एक फिल्म है मिस्टर इंडिया। 25 मई 1987 को अनिल कपूर और श्रीदेवी स्टारर फिल्म मिस्टर इंडिया रिलीज हुई थी। इस फिल्म को रिलीज हुए 33 साल पूरे हो गए हैं। ऐसे में इस फिल्म से जुड़े खास एक किस्से को अभिनेता अनिल कपूर ने याद किया है।
'मिस्टर इंडिया' की रिलीज को 33 साल पूरे, अनिल कपूर ने बताया 'जिंदगी की यही रीत है' गीत से जुड़ा खास किस्सा
लॉकडाउन में सड़क पर सैकड़ों किलोमीटर चलकर अपने घर जा रहे मजदूरों को देख किसका कलेजा नहीं फट जाता होगा। अंतरात्मा झकझोरती है और भड़ास अंगूठे और अंगुलियों से निकलकर मोबाइल पर टाइप करते हुए निकल जाती है। और फिर किया भी क्या जा सकता है? इस मुश्किल वक्त में लोगों ने अपने काम चुन लिए हैं। कुछ चीख रहे हैं और कुछ जमीन पर उतरकर चुपचाप ऐसा काम कर रहे हैं, जिससे हजारों लोग अपने घर की दहलीज तक पहुंच चुके हैं।
12 हजार प्रवासियों की मदद कर चुके हैं सोनू सूद, बोले- हर मजदूर भाई को उनके घर पहुंचाकर ही दम लूंगा