बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान इनदिनों अपनी नई किताब और दूसरे बच्चे के नाम को लेकर काफी चर्चाओं में हैं। उन्होंने अपनी किताब में दोनों बच्चों के जन्म के वक्त हुई परेशानी का विस्तार से जिक्र किया है। करीना ने बताया है कि जहां तैमूर के जन्म के वक्त वह उसे स्तनपान नहीं करा पा रही थीं, वही जहांगीर के जन्म के वक्त आसानी से स्तनपान करा रही थी, जो कि उनके लिए एक उपलब्धि की तरह था। करीना ने खुलासा किया है कि तैमूर जन्म के वक्त बड़ा था और उसकी गर्भनाल भी बड़ी थी। उन्होंने अपनी किताब में तैमूर के जन्म के आखिरी पलों का विस्तार से वर्णन किया है और बताया है कि कैसे सैफ परेशान थे और डॉक्टर करीना को तैमूर की डिलीवरी के बारे में बता रहे थे।
तैमूर को लेकर करीना का खुलासा: किताब में डिलीवरी के आखिरी पलों का किया जिक्र, लिखा- बहुत चिंतित थे सैफ
करीना ने अपनी किताब 'करीना कपूर खान्स प्रेग्नेंसी बाइबल' में लिखा है कि तैमूर की डिलीवरी से पहले सैफ अली खान बहुत चिंतित थे। करीना भी चाहती थीं कि तैमूर की डिलीवरी सामान्य तरह से हो, लेकिन ऐसी परिस्थिति थी कि डॉक्टरों ने सिजेरियन जन्म का सुझाव दिया।
करीना ने लिखा है कि तैमूर की डिलीवरी से पहले मेरा आखिरी स्कैन था और बच्चे के जन्म में एक हफ्ता बचा था। पता चला कि तैमूर बड़ा बच्चा है और उसकी गर्भनाल गले में है। ऐसे वक्त में मैं अपने बच्चे को लेकर बहुत डरी हुई थी और सामान्य प्रसव चाहती थी।
करीना ने आगे लिखा कि मेरे डॉक्टर ने मुझे बताया और समझाया कि प्रसव के दौरान बच्चे को गर्भ से बाहर निकालने के लिए पुश करना होगा, क्योंकि उसकी गर्भनाल अनिश्चित थी। उन्होंने कहा कि तब सैफ, मैंने और डॉक्टर फिरोज ने संयुक्त निर्णय लिया। इस तरह 48 घंटे के बाद सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए तैमूर मेरी गोद में था।
उन्होंने लिखा मुझे याद है कि मेरे एनेस्थेसियोलॉजिस्ट के सुकून भरे शब्दों को सुनकर नर्स द्वारा मुझे शांत किया जा रहा था। उसके बाद सबकुछ धुंधला गया था।
करीना ने अपनी किताब में यह भी लिखा है कि तैमूर के जन्म से पहले उन्होंने 14 दिन तक दूध नहीं पिया था, जिसके कारण वह उसे स्तनपान नहीं करा पा रही थी। उन्होंने लिखा, मेरी मां और नर्स तैमूर के पैदाइश के वक्त मेरे पास मंडरा रहे होते थे और सोच रहे होते थे कि मैं तैमूर को स्तनपान क्यों नहीं करा पा रही।