अश्लीलता के आरोपों से घिरी फिल्म 'वीरे दी वेडिंग' के बाद करीना कपूर ने अपनी फीस बढ़ा दी है। खबर है कि इस फिल्म के लिए करीना को सात करोड़ रुपये मिले थे और अब वह निर्माताओं से 10 करोड़ रुपये की मांग कर रही हैं। 'वीरे' के बाद एक बार फिर करीना की गाड़ी चल पड़ी है और करन जौहर ने उन्हें अपने प्रोडक्शन हाउस की दो फिल्मों के लिए साइन किया है।
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करीना कपूर के फैसले से बढ़ी फिल्म मेकर्स की मुसबीतें, करनी होगी जेब और ढीली
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 09 Aug 2018 10:54 PM IST
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Kareena Kapoor Khan
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फाइल फोटो
अक्षय कुमार के साथ करीना 'गुड न्यूज' में दिखेंगी तो 'तख्त' में रणवीर सिंह, आलिया भट्ट से लेकर जाह्नवी कपूर तक होंगी। इसके अलावा करीना को शाहरुख खान के अपोजिट एक फिल्म के लिए अप्रोच किया जा रहा है। सूत्र बता रहे हैं कि करीना अब 10 करोड़ की डिमांड करते हुए तभी फीस कम रही हैं जब उन्हें लग रहा है कि शूटिंग के दिन कम हैं।
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'पाखी' को सेंसर ने प्रमाणित करने से किया इंकार
सेंसर बोर्ड ने निर्देशक सचिन गुप्ता की फिल्म 'पाखी' को प्रमाण पत्र देने से इनकार कर दिया है। 'पाखी' के प्रमाणीकरण पर सेंसर बोर्ड की टिप्पणी यह है कि भले ही यह बाल तस्करी और यौन हमले के आस-पास घूमती है। लेकिन फिल्म में इस विषय को बहुत ही अपरिष्कृत तरीके से दर्शाया गया है। इसलिए जांच समिति ने प्रमाण-पत्र देने से इनकार कर दिया है। फिल्म 10 अगस्त 2018 को रिलीज होनी थी लेकिन सेंसर का सर्टिफिकेट न मिलने से अब इसकी रिलीज डेट आगे बढ़ा दी गई है।
सेंसर बोर्ड ने निर्देशक सचिन गुप्ता की फिल्म 'पाखी' को प्रमाण पत्र देने से इनकार कर दिया है। 'पाखी' के प्रमाणीकरण पर सेंसर बोर्ड की टिप्पणी यह है कि भले ही यह बाल तस्करी और यौन हमले के आस-पास घूमती है। लेकिन फिल्म में इस विषय को बहुत ही अपरिष्कृत तरीके से दर्शाया गया है। इसलिए जांच समिति ने प्रमाण-पत्र देने से इनकार कर दिया है। फिल्म 10 अगस्त 2018 को रिलीज होनी थी लेकिन सेंसर का सर्टिफिकेट न मिलने से अब इसकी रिलीज डेट आगे बढ़ा दी गई है।
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'पाखी' 10 साल की एक लड़की के जीवन की सच्ची घटना पर आधारित है। स्वतंत्रता के 70 वर्षों के बाद भी विवाह की आड़ में लड़कियों का देह व्यापार किया जा रहा है। 'पाखी' भी यौन तस्करी में फंस गई और खुद को वेश्यावृत्ति की अंधेरी गुफा में पाती है। यह एक ऐसी लड़की की कहानी है जो मानव व्यापार की दुनिया की वास्तविकताओं को सामने लाती है। यह उन लड़कियों की भी कहानी है जो अभी भी वेश्यालय में बंदी हैं। यानी 'पाखी' एक सोशल क्राइम ड्रामा फिल्म है।
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फिल्म ने हाल के दिनों में मीडिया में खूब सुर्खियां बटोरी थीं और इसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित गया था। फिल्म में सुमित कौल, अनामिका शुक्ला, पिहु, शिकंदर खान और अनमोल गोस्वामी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। सेंसर बोर्ड का सर्टिफिकेट देने से इनकार करने पर फिल्म निर्देशक सचिन गुप्ता ने कहा, 'यह वास्तव में चौंकाने वाली बात है कि सेंसर बोर्ड ऐसे सामाजिक अपराध ड्रामा को प्रमाणित करने से इनकार कर रहा है।
फिल्म में न तो अपमानजनक भाषा है और न ही हिंसा है, लेकिन फिर भी सेंसर ने प्रमाणित करने से अस्वीकार कर दिया गया है। ऐसी फिल्म पहली बार नहीं आई है, इससे पहले भी सामाजिक अपराध के आधार पर कई फिल्म बनाई गईं और उनको सेंसर प्रमाणपत्र मिला है। एक सीमित बजट के साथ एक स्वतंत्र फिल्म निर्माता के रूप में, सेंसर के इस निर्णय से फिल्म की पूरी टीम का मनोबल गिर गया है। हम एक बार फिर संशोधित समिति (रिवाइजिंग कमेटी) के लिए आवेदन कर रहे हैं।
फिल्म में न तो अपमानजनक भाषा है और न ही हिंसा है, लेकिन फिर भी सेंसर ने प्रमाणित करने से अस्वीकार कर दिया गया है। ऐसी फिल्म पहली बार नहीं आई है, इससे पहले भी सामाजिक अपराध के आधार पर कई फिल्म बनाई गईं और उनको सेंसर प्रमाणपत्र मिला है। एक सीमित बजट के साथ एक स्वतंत्र फिल्म निर्माता के रूप में, सेंसर के इस निर्णय से फिल्म की पूरी टीम का मनोबल गिर गया है। हम एक बार फिर संशोधित समिति (रिवाइजिंग कमेटी) के लिए आवेदन कर रहे हैं।