आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'आर्टिकल 15' लगातार चर्चा में बनी हुई है। इस फिल्म को सेंसर बोर्ड से तो हरी झंडी मिल गई है लेकिन उत्तर प्रदेश युवा ब्राह्मण महासभा फिल्म को बैन करने की मांग की है। यहां तक कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन दिया है। ब्राह्मण महासभा का कहना है कि फिल्म में ब्राह्मण समाज को गलत ढंग से दर्शाया गया है तथा ब्राह्मणों को घोर जातिवादी, दलितों का शोषण करने वाला दिखाया गया है जो कि गलत है। इस तरह के विवाद कई फिल्मों को लेकर उठ चुके हैं। फिलहाल यह फिल्म 28 जून को रिलीज हो रही है। हालांकि कई ऐसी फिल्में हैं जो सेंसर बोर्ड की आपत्ति की वजह से आजतक रिलीज नहीं हो पाई। जानिए ऐसी कौन सी फिल्में हैं।
2 of 7
Inshallah football
- फोटो : file photo
साल में 2010 बनी फिल्म 'इंशा अल्लाह फुटबॉल' एक डॉक्यूमेंटरी फिल्म थी। यह एक महत्वाकांक्षी कश्मीरी फुटबॉलर और उनके आतंकवादी पिता की कहानी पर आधारित थी। इस फिल्म को कश्मीर के संवेदनशील मुद्दे पर आधारित होने की वजह से सेंसर बोर्ड ने आपत्ति जताई थी। लिहाजा यह फिल्म भारत में रिलीज नहीं हो पाई।
3 of 7
Dazed in Doon
- फोटो : file photo
2010 में डायरेक्टर अश्विन कुमार और निर्माता रत्ना पाठक शाह द्वारा बनी फिल्म 'डेज्ड इन दून' हॉऊली (Howly) नाम के एक लड़के की कहानी पर आधरित है। जो प्रतिष्ठित दून स्कूल में हुई घटनाओं को भुलाने की कोशिश में अपना जीवन बिताता है, लेकिन ऐसा नहीं कर पाया। प्रतिष्ठित दून स्कूल की याचिका पर ही सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाया था।
4 of 7
The Pink Mirror
- फोटो : file photo
साल 2003 में यौन शोषण के विषय पर निर्देशक श्रीधर रंगायन द्वारा निर्देशित, फिल्म 'द पिंक मिरर' भारत में ट्रांसजेंडर के विषय पर बनी पहली फिल्म थी। जिसकी कहानी एक सीधे आदमी के साथ छेड़खानी करने वाले दो ट्रांससेक्सुअल और एक समलैंगिक लड़की के प्रयासों के चारों ओर घूमती है। सेंसर बोर्ड ने फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया था।
5 of 7
paanch film
- फोटो : file photo
2003 में अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित, 'पांच' बनी जो 1976-77 के सीरियल किलर जोशी अभ्यंकर पर आधारित थी। सेंसर बोर्ड ने फिल्म के दृश्यों में हिंसा, नशीली दवाओं के प्रयोग और गाली-गलौज की भाषा पर आपत्ति जताई थी। इस वजह से फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया था।