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Bdy Spl:अबू सलेम के साथ मोनिका बेदी की ऐसी थी लव स्टोरी,शादी के बाद हुआ था ये हाल
Fri, 18 Jan 2019 08:07 AM IST
anand anand
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: anand anand
Updated Fri, 18 Jan 2019 08:07 AM IST
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monica bedi Abu Salem
- फोटो : social media
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अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम की गर्लफ्रेंड रह चुकी मोनिका बेदी आज अपना 44वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रही हैं। मोनिका बॉलीवुड में अपनी फिल्मों की वजह से कम और अंडरवर्ल्ड डॉन अबु सलेम के साथ रिश्तों को लेकर ज्यादा चर्चा में रही हैं। मोनिका का जन्म पंजाब के होशियारपुर में हुआ था। मोनिका ने अपनी पढ़ाई ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पूरी की है। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1995 में तेलुगु फिल्म 'ताज महल' से की थी। उनकी पहली बड़ी फिल्म 'सुरक्षा' थी, जिसमें उनके साथ सैफ अली खान थे।
Monica Bedi
- फोटो : file photo
फिल्मफेयर.कॉम और इंडिया-फॉरम्स.कॉम में छपे इंटरव्यू में मोनिका ने खुद अपनी और अबू की लव स्टोरी पर खुलकर बात की थी। मोनिका एक एक्ट्रेस हैं, इसलिए स्टेज शो के ऑफर में उनकी दिलचस्पी स्वाभाविक थी। मोनिका के मुताबिक, उन्होंने अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील का नाम तो सुना था लेकिन अबू सलेम के नाम से वाकिफ नहीं थी। 1998 में मोनिका पहली दफा फोन पर अबू सलेम के संपर्क में आईं।
मोनिका दुबई में थीं, फोन पर उन्हें दुबई में एक स्टेज शो करने का ऑफर मिला था। स्टेज शो के दौरान अबू ने खुद को एक कारोबारी बताया था। शो से पहले अबू सलेम उनसे नाम बदलकर बातें करता था। लेकिन उसके बात करने का अंदाज ऐसा था कि पहली मुलाकात से पहले ही वो उसे पसंद करने लगी थीं। मोनिका की मानें तो फोन पर हमारी बातें होती थीं लेकिन मुझे लगता था कि कहीं न कहीं हम-दोनों के बीच कोई कनेक्शन जरूर है।
मोनिका दुबई में थीं, फोन पर उन्हें दुबई में एक स्टेज शो करने का ऑफर मिला था। स्टेज शो के दौरान अबू ने खुद को एक कारोबारी बताया था। शो से पहले अबू सलेम उनसे नाम बदलकर बातें करता था। लेकिन उसके बात करने का अंदाज ऐसा था कि पहली मुलाकात से पहले ही वो उसे पसंद करने लगी थीं। मोनिका की मानें तो फोन पर हमारी बातें होती थीं लेकिन मुझे लगता था कि कहीं न कहीं हम-दोनों के बीच कोई कनेक्शन जरूर है।
Monica Bedi
- फोटो : file photo
मोनिका बताया कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि किसी शख्स से फोन पर बातें करते-करते मैं उसे इस कदर पसंद करने लगूंगी कि बिना बात के रहा नहीं जाएगा। मैं ये नहीं कहूंगी कि मैं उसके प्यार में पड़ गई थी, लेकिन हां, ये जरूर है कि मैं उसे पसंद करने लगी थी। इतना कि पूरे दिन मैं उसके फोन का बेसब्री से इंतजार करने लगी थी। और जब फोन नहीं आता तो मैं व्याकुल हो उठती थी। फोन पर बात करने के दौरान अबू मुझे बहुत ही संजीदा और सुलझे हुए इंसान लगे।
उनसे बातें करके लगता था कि जैसे वो बहुत ही क्लोज फ्रेंड हैं। मैं उनसे फोन पर अपनी सारी बातें शेयर करने लगी थी। दुबई में शो के बाद हम दोनों इतने करीब आ गए कि अबु हर आधा घंटे में मेरा फोन लगा देते थे। वो मेरी काफी परवाह करने लगे थे। दुबई में दो बार मिलने के बाद मैं मुंबई वापस आई तो मैंने अबू को मुंबई आने के लिए कहा। लेकिन वो हमेशा कोई बहाना बना देते। अबु ने मुझे अपना नाम आर्सलन अली बताया था। अबू हमेशा यही नाम इस्तेमाल करते थे।
उनसे बातें करके लगता था कि जैसे वो बहुत ही क्लोज फ्रेंड हैं। मैं उनसे फोन पर अपनी सारी बातें शेयर करने लगी थी। दुबई में शो के बाद हम दोनों इतने करीब आ गए कि अबु हर आधा घंटे में मेरा फोन लगा देते थे। वो मेरी काफी परवाह करने लगे थे। दुबई में दो बार मिलने के बाद मैं मुंबई वापस आई तो मैंने अबू को मुंबई आने के लिए कहा। लेकिन वो हमेशा कोई बहाना बना देते। अबु ने मुझे अपना नाम आर्सलन अली बताया था। अबू हमेशा यही नाम इस्तेमाल करते थे।
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monica bedi
- फोटो : file photo
यहां तक की जब पुर्तगाल में हम गिरफ्तार हुए तब भी अबू ने अपना नाम आर्सलन अली बताया था। अबू नहीं चाहता था कि मैं दुबई से वापस मुंबई जाऊं। इसलिए जब मैं मुंबई में थी तो अबू ने मुझे दुबई आने के लिए फोन किया और कहा कि अगर मुंबई में रहूंगी तो परेशानी में पड़ जाऊंगी। जब मैं दुबई पहुंच गई तो उसने मुझसे कहा कि तुम अब वापस नहीं जाओगी। उसने कहा कि अगर तुम वापस गई तो पुलिस तुमसे मेरे बारे में जानकारियां मागेगी। मुझे लगा था कि दो हफ्ते में वापस मुंबई लौट आऊंगी।
अबू को दुनिया कैसे भी जानती हो, लेकिन मैं जब तक उसके साथ रही, वो मेरे लिए एक आम इंसान की तरह था। वह मेरे साथ अच्छे से पेश आता था। उसने मुझे कभी भी उसके पीछे के स्याह सच से वाकिफ नहीं होने दिया। मैंने हमेशा उसे जरूरतमंदों की मदद करते हुए देखा। मुझे उसके बीते हुए कल के बारे में कुछ भी पता नहीं था। मुझे नहीं पता था कि उसने क्या गलत किया। हम दोनों के बीच एक बहुत ही निजी संबंध था। वो किस किससे जुड़ा था मुझे उससे कुछ भी लेना-देना नहीं था। मैं उसके अलावा किसी से नहीं मिली।
अबू को दुनिया कैसे भी जानती हो, लेकिन मैं जब तक उसके साथ रही, वो मेरे लिए एक आम इंसान की तरह था। वह मेरे साथ अच्छे से पेश आता था। उसने मुझे कभी भी उसके पीछे के स्याह सच से वाकिफ नहीं होने दिया। मैंने हमेशा उसे जरूरतमंदों की मदद करते हुए देखा। मुझे उसके बीते हुए कल के बारे में कुछ भी पता नहीं था। मुझे नहीं पता था कि उसने क्या गलत किया। हम दोनों के बीच एक बहुत ही निजी संबंध था। वो किस किससे जुड़ा था मुझे उससे कुछ भी लेना-देना नहीं था। मैं उसके अलावा किसी से नहीं मिली।
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मोनिका बेदी
- फोटो : file photo
शुरुआती दिनों में मुझे नहीं पता था कि वो किस तरह का आदमी है, बस उसकी बातें दिल को छू जाती थीं। मैं पहली दफा उसके साथ दो-तीन दिन रहकर मुंबई वापस आई तब भी मेरे साथ उसका अच्छा बर्ताव ही था। लेकिन जब मैं उसके साथ रहने लगी तब मुझे अहसास हुआ कि हम एक-दूसरे के लिए नहीं बने हैं। मुझे अहसास हुआ कि हम दोनों की सोच-समझ अलग है। तब मुझे लगा कि मैं उसके साथ नहीं रह पाउंगी लेकिन वो समझने को तैयार ही नहीं था।
और फिर वो मनहूस तारीख 18 सितंबर 2002 थी जब हम पुर्तगाल में गिरफ्तार हुए और अलग भी। गिरफ्तारी के बाद मोनिका ने अपने जीवन के कड़वे अनुभवों के आधार पर एक पत्र में एक शायरी लिखी थी। जो इस प्रकार थी... छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए, ये मुनासिब नहीं आदमी के लिए, प्यार से भी जरूरी कई काम हैं, प्यार सब कुछ नहीं जिंदगी के लिए। मोनिका बेदी अपने हिस्से की सजा काटकर रुपहले परदे पर कमबैक कर चुकी हैं। मोनिका को फर्जी पासपोर्ट के लिए सजा हुई थी। पंजाब के होशियारपुर से मोनिका का परिवार नार्वे शिफ्ट हो गया था।
और फिर वो मनहूस तारीख 18 सितंबर 2002 थी जब हम पुर्तगाल में गिरफ्तार हुए और अलग भी। गिरफ्तारी के बाद मोनिका ने अपने जीवन के कड़वे अनुभवों के आधार पर एक पत्र में एक शायरी लिखी थी। जो इस प्रकार थी... छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए, ये मुनासिब नहीं आदमी के लिए, प्यार से भी जरूरी कई काम हैं, प्यार सब कुछ नहीं जिंदगी के लिए। मोनिका बेदी अपने हिस्से की सजा काटकर रुपहले परदे पर कमबैक कर चुकी हैं। मोनिका को फर्जी पासपोर्ट के लिए सजा हुई थी। पंजाब के होशियारपुर से मोनिका का परिवार नार्वे शिफ्ट हो गया था।