हिंदी सिनेमा के हैंडसम अभिनेताओं में से एक अर्जुन रामपाल 'द बैटल ऑफ भीमा कोरेगांव' फिल्म में एक महार योद्धा के किरदार में नजर आएंगे। भीमा कोरेगांव में 1 जनवरी 1818 को मराठा साम्राज्य के पेशवा बाजीराव द्वितीय ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की एक टुकड़ी से लड़ाई लड़ी थी। इस लड़ाई में अंग्रेजों ने पांच सौ महार योद्धाओं के साथ मिलकर 28 हजार मराठों की सेना को 12 घंटे तक लड़ने के बाद हरा दिया था। लड़ाई में शहीद हुए महार सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए हर वर्ष इसी जगह उनकी बरसी मनाई जाती है। पिछले साल योद्धाओं को श्रद्धांजलि देते हुए अनुसूचित जाति के लोगों पर मराठाओं ने हमला कर दिया था, जिसके बाद कोरेगांव में दंगा फसाद शुरू हो गए थे। आशु त्रिखा के निर्देशन में अब महारों और मराठाओं के बीज लड़ी गई इस लड़ाई पर फिल्म बनने जा रही है, तो इस फिल्म पर भी विवादों के बादल तो जरूर मंडराएंगे। आज हम आपको बताते हैं कि बीते कुछ सालों में कौन सी फिल्में किन मुद्दों को लेकर विवादों में रहीं।
फिल्मों को लेकर पिछले दशक में हुए ये 10 बड़े विवाद, अब निगाहें द बैटल ऑफ भीमा कोरेगांव पर
पानीपत (2019)
आशुतोष गोवारिकर के निर्देशन में बनी यह फिल्म पानीपत के तृतीय युद्ध को केंद्र में रखकर बनाई गई है। जाटों के एक समुदाय का मानना था के फिल्म में राजा सूरजमल को गलत तरीके से पेश किया गया है। इसके बाद कुछ तथ्यों को सही करके इस फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज किया गया। फिल्म में अर्जुन कपूर, कृति सेनन, संजय दत्त आदि ने मुख्य भूमिका निभाई है।
द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर (2019)
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे संजय बारू की लिखी किताब पर बनी इस फिल्म में अक्षय खन्ना और अनुपम खेर ने मुख्य भूमिका निभाई है। इस फिल्म पर कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया था कि फिल्म में निर्माताओं ने नेहरू और गांधी परिवारों की छवि को गलत तरीके से दर्शाया है। इसके लिए देश में कई जगह विरोध प्रदर्शन भी हुए थे।
बाटला हाउस (2019)
दिल्ली के चर्चित बाटला हाउस एनकाउंटर कांड पर आधारित यह फिल्म भी छोटे-मोटे विवादों में फंस गई थी। इस फिल्म में जॉन अब्राहिम ने मुख्य भूमिका निभाई है। कुछ संगठनों का कहना था कि फिल्म में इस घटना की कहानी को एकतरफा दर्शाया गया है। इसको लेकर उन्होंने कोर्ट में फिल्म को रिलीज होने से रोकने की अर्जी भी दायर की थी। हालांकि उनकी अर्जी को कोर्ट ने नकार दिया था।
मोहल्ला अस्सी (2018)
चंद्र प्रकाश द्विवेदी के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने बनारस के घाटों पर संस्कृति के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाने के काम को उजागर किया था। इसके साथ ही इस फिल्म में गाली गलौज का भरपूर इस्तेमाल किया गया था। इस वजह से यह फिल्म लगभग पांच सालों तक सेंसर बोर्ड के चक्कर लगाती रही। अंत में इसे कई संशोधनों के बाद 2018 में रिलीज किया गया। इस फिल्म में सनी देओल, साक्षी तंवर, रवि किशन, सौरव शुक्ला आदि ने मुख्य भूमिका निभाई है।
