सुरों की महारानी लता मंगेशकर को रविवार देर रात सांस लेने की तकलीफ के चलते मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। हालांकि अब उनकी हालत स्थिर है और वो वापस घर आ चुकी हैं। पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को देर रात 2 बजे उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई थी।
लता मंगेशकर को की गई थी जान से मारने की कोशिश, कभी स्कूल नहीं गईं और भी अनसुने तथ्य
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लता मंगेशकर का पहला नाम 'हेमा' था, मगर जन्म के 5 साल बाद माता-पिता ने इनका नाम 'लता' रख दिया था। दीनानाथ मंगेशकर ने लता को तब से संगीत सिखाना शुरू किया, जब वो पांच साल की थीं। उनके साथ उनकी बहनें आशा, ऊषा और मीना भी सीखा करतीं थीं। लता 'अमान अली खान साहिब' और बाद में 'अमानत खान' के साथ भी पढ़ीं। लता ने पांच साल की छोटी उम्र में पहली बार एक नाटक में अभिनय किया। शुरुआत जरूर अभिनय से हुई लेकिन लता की दिलचस्पी तो संगीत में ही थी।
14 वर्ष की उम्र में लता फिल्मों में हीरो या हीरोइन की बहन का रोल अदा किया करती थीं पर साथ ही उन्होंने संगीत की शिक्षा भी जारी रखी। लता महज एक दिन के लिए स्कूल गई थीं। इसकी वजह यह रही कि जब वह पहले दिन अपनी छोटी बहन आशा भोंसले को स्कूल लेकर गईं तो अध्यापक ने आशा भोसले को यह कहकर स्कूल से निकाल दिया कि उन्हें भी स्कूल की फीस देनी होगी। बाद में लता ने निश्चय किया कि वह कभी स्कूल नहीं जाएंगी। हालांकि बाद में उन्हें न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी सहित छह विश्वविद्यालयों में मानक उपाधि से नवाजा गया।
लता को अपने संगीत करियर में मान-सम्मान बहुत मिला। वे फिल्म इंडस्ट्री की पहली महिला हैं जिन्हें भारत रत्न और दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्राप्त हुआ। वर्ष 1974 में लंदन के सुप्रसिद्ध रॉयल अल्बर्ट हॉल में उन्हें पहली भारतीय गायिका के रूप में गाने का अवसर प्राप्त है। सन 1974 में दुनिया में सबसे अधिक गीत गाने का 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' उनके नाम पर दर्ज है। भारत की 'स्वर कोकिला' लता मंगेशकर ने 20 भाषाओं में 30,000 गाने गाये हैं। इनकी आवाज ने छह दशकों से भी ज्यादा संगीत की दुनिया को सुरों से नवाजा है।
लता ने मोहम्मद रफी के साथ सैकड़ों गीत गाए थे, लेकिन एक वक्त ऐसा भी आया था जब उन्होंने रफी से बातचीत बंद कर दी थी। दोनों ने एक साथ गीत गाने से इंकार कर दिया था। हालांकि चार वर्ष के बाद अभिनेत्री नरगिस के प्रयास से दोनों ने एक साथ एक कार्यक्रम में ‘दिल पुकारे’ गीत गाया। वर्ष 1962 में लता की जान लेने की कोशिश की गई। तब उन्हें स्लो प्वॉइजन दिया गया।
लता की बेहद करीबी पदमा सचदेव ने इसका जिक्र अपनी किताब ‘Aisa Kahan Se Lauen’में किया है। हालांकि उन्हें मारने की कोशिश किसने की, इस बारे में आज तक नहीं हो पाया। लता तब बहुत निराश हो गई थीं जब गायक और म्यूजिक कंपोजर स्वर्गीय भूपेन हजारिका की पत्नी प्रियंवदा ने भूपेन और लता के बीच प्रेम संबंध होने का दावा किया था।