'परदेस' फिल्म में गंगा का रोल करने वाली मासूम सी लड़की यानि महिमा चौधरी को भला कौन भूल सकता है। अपनी एक्टिंग से वह सबका दिल जीत लेती थीं। लेकिन एक हादसे ने महिमा की पूरी जिंदगी बदल के रख दी। जिसे आज भी याद करके महिमा रो पड़ती हैं। आज महिमा अपना 48 वां जन्मदिन मना रही हैं। इस मौके पर जानिए महिमा की जिंदगी के उस सच को जिसे सोचकर भी उनके रोंगटे खड़े हो जाते हैं। इतना ही नहीं इस एक हादसे की वजह से महिमा का पूरा फिल्मी करियर बर्बाद हो गया।
किस्सा: इस हादसे में बिगड़ गई थी महिमा चौधरी की शक्ल, चेहरे में धंसे थे कांच के 67 टुकड़े
चहरे से निकाले 67 कांच के टुकड़े
कार का एक्सीडेंट होने के बाद कोई उन्हें अस्पताल नहीं ले जा रहा था। जैसे तैसे वह अस्पताल पहुंची। अस्पताल पहुंचने के बाद उनकी मां और अजय देवगन आए। जब उन्होंने उठकर आइने में अपना चेहरा देखा, तो उनके होश उड़ गए। उनके पूरे चहरे पर सिर्फ टांके नजर आ रहे थे। डॉक्टर ने जब उनकी सर्जरी की तो उन्होंने 67 कांच के टुकड़े उनके चेहरे से निकाले थे।
लंबे समय तक रहना पड़ा अंधेरे में
महिमा को इस हादसे के बाद सूरज की रोशनी में आने की मनाही थी। उनका पूरा कमरा हमेशा अंधेरे में रहता था। ऐसा इसलिए क्योंकि उनके चेहरे पर कोई निशान न रहे इसके लिए उन्हें रोशनी, जिसमें यूवी किरणें थीं या किसी भी तरह की लाइट से दूर रहना था। यहां तक की वह खुद के चेहरे को भी नहीं देखती थीं।
फिल्मों से हो गईं दूर
इस घटना के बाद महिमा को फिल्मों से दूरी बनानी पड़ी। जिस वक्त उनके साथ ये हादसा हुआ तब महिमा के पास बॉलीवुड की कई फिल्में थीं। उनका चेहरा खराब होने की वजह से सब ने अपने कदम पीछे कर लिए और किसी और हीरोइन को फिल्म के लिए साइन कर लिया। महिमा के साथ हुए इस हादसे ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया था।
हादसे के बाद फिर किया कैमरा फेस
हादसे के दौरान से लेकर आखिर तक अजय देवगन ने महिमा का साथ नहीं छोड़ा था। वह उनसे मिलने पहुंचते थे। इतना ही नहीं अजय ने अपनी फिल्म में महिमा को काम भी दिया था, जिसमें वह गेस्ट अपीयरेंस थीं। लेकिन उसके बाद फिर महिमा ने हमेशा के लिए फिल्मों से दूरी बना ली।
