देश के इतिहास और पौराणिक कथाओं पर आधारित अब तक सिनेमा बहुत सी कहानियां पर्दे पर दिखा चुका है। आने वाले समय में भी ‘पृथ्वीराज’ समेत कई ऐतिहासिक कहानियां बड़े पर्दे के लिए तैयार हो रही हैं। इन कहानियों के बारे में दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी का मानना है कि हिंदी सिनेमा में ऐतिहासिक और पौराणिक फिल्मों को इस तरह पेश किया जाता है जैसे वह प्राणी इस दुनिया के थे ही नहीं। मनोज ने कहा कि अगर उन्हें भविष्य में ऐसी कोई कहानी कहने का मौका मिलता है तो वह उन्हें आज के लोगों जैसी जीवित कहानी बनाना चाहेंगे।
‘पृथ्वीराज’ से पहले मनोज बाजपेयी का बड़ा बयान- ‘हिंदी फिल्मों में इतिहास को ढंग से नहीं दिखाया गया’
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मशहूर फिल्मकार नीरज पांडे ने एक डॉक्यूमेंट्री 'सीक्रेट्स ऑफ सनौली- डिस्कवरी ऑफ द सेंचुरी' का निर्माण किया है। मनोज बाजपेयी इसके सूत्रधार बने हैं। इस डॉक्यूमेंट्री के ट्रेलर लॉन्च पर इतिहास को सिनेमा में लाने के बारे में मनोज ने अपनी राय पेश की। गौरतलब है कि मनोज ने भी कुछ कमाल की पीरियड फिल्मों में काम किया है जिनमें ‘जुबैदा’ और ‘पिंजर’ की गिनती उनकी सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में होती है। मनोज ने कहा, 'हमारे समय में पारसी थिएटर्स हुआ करते थे जिनमें इतिहास को बहुत विशाल और अलग अंदाज से पेश किया जाता था। आजकल फिल्मों में जब वह कहानियां दिखाई जाती हैं तो यहां भी कुछ वैसा ही है।'
मनोज कहते हैं, 'जिस तरह कलाकार अपने किरदार को थिएटर में पेश करते थे, उसी तरह जब इतिहास पर फिल्में बनाई जाती हैं तो उनमें भी कलाकार कुछ वैसे ही हाव भाव लेकर आते हैं। उन्हें देखकर ऐसा लगता है जैसे इतिहास में रहे लोग इस दुनिया के होंगे ही नहीं। मेरा मानना है कि वह भी हम जैसा ही बर्ताव करते होंगे। उनके भी हाव-भाव और बर्ताव एक जीवित प्राणी जैसे ही होते होंगे। लेकिन, सिनेमा में उस तरह का कभी दिखाया नहीं गया। अगर मुझे मौका मिलता है तो मैं उस चीज को वास्तविकता की ओर ले जाने की कोशिश करूंगा। ऐसा मेरा मानना है। मैं गलत भी हो सकता हूं।'
पर्दे पर मनोज बाजपेयी सम्राट अशोक का किरदार निभाने की चाह रखते हैं। उन्होंने बताया कि वैसे तो देश का इतिहास बहुत समृद्धशाली है और गुणों से भरा हुआ है 'लेकिन, मैं सम्राट अशोक बनना चाहूंगा। उनका जीवन बहुत उतार-चढ़ाव से गुजरा है और काफी लोग उनके जीवन से बहुत प्रभावित भी हैं। अगर मुझे मौका मिलता है और यदि कोई उनको लेकर कोई प्रोजेक्ट बनाता है और मुझे अभिनेता लेता है तो मैं वह खुशी-खुशी करने के लिए तैयार हूं। वह भी उम्र ढलने से पहले। (हंसते हुए) नहीं तो फिर मुझे बूढ़ा अशोक बनना पड़ेगा।', वह कहते हैं।
डॉक्यूमेंट्री 'सीक्रेट्स ऑफ सिनौली- डिस्कवरी ऑफ द सेंचुरी' का निर्माण नीरज पांडे ने किया है। नीरज और मनोज अब तक 'स्पेशल 26', 'अय्यारी', 'नाम शबाना', 'सात उचक्के' जैसी फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं। बार-बार मनोज के साथ काम करने के बारे में नीरज कहते हैं कि मनोज एक बेहतरीन अभिनेता हैं। नीरज ने कहा, 'वह न सिर्फ कैमरे के सामने, बल्कि कैमरे के पीछे भी बहुत अच्छे आदमी हैं। नीरज की बात को आगे बढ़ाते हुए मनोज कहते हैं, 'कैमरे के पीछे तो हम खूब हंसी मजाक कर लेते हैं लेकिन काम के समय नीरज एक बॉस की तरह बर्ताव करते हैं।'