संगीत हर किसी की जिंदगी में उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना की खाना और सोना। जिंदगी की परेशानियों से लेकर खुशी तक हर चीज पर गाने बनाए गए हैं। हमारे फिल्मी जगत में कई गायक ऐसे रहे हैं, जिनकी आवाज मात्र सुनने से लोगों में एक नया हौसला आ जाता है और जिंदगी में वह अपनी दिक्कतें भूल जाते हैं। इन्ही दिग्गज गायकों में शुमार है मोहम्मद अजीज का नाम। मोहम्मद अजीज की आवाज हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देती थी। आज भी उनके द्वारा गाए गानों को लोग बड़े चाव से सुनते हैं। 2 जुलाई को मोहम्मद अजीज का जन्मदिन है और इस खास मौके पर हम आपको उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें अपने इस आर्टिकल में बताएंगे।
जन्मदिन: तू कल चला जाएगा तो मैं क्या करूंगा...', अमिताभ, गोविंदा और सनी देओल की आवाज थे मोहम्मद अजीज
मोहम्मद अजीज कैसे बने मुन्ना
संगीत की दुनिया में अपनी आवाज से कई सितारों को करियर को ऊंचाई देने वाले मोहम्मद अजीज को लोग प्यार से मुन्ना बनाते थे। दरअसल इसके पीछे भी एक कहानी है। मोहम्मद अजीज जब भी मोहम्मद अजीज रेडियो पर मोहम्मद रफी का गाना सुना करते थे, तो वो उसमें से ही तल्लीन हो जाते जैसे मरफी रेडियो के विज्ञापन का मुन्ना दिखता था। इसी वजह से उनके परिवार में सब प्यार से उन्हें मुन्ना पुकारने लगे। आज भी जब मोहम्मद अजीज का नाम लिया जाता है तो उन्हें प्यार से मुन्ना ही कहा जाता है। उनके गानों के जितने भी क्रेडिट दिए गए हैं उन सबमें उनका नाम मोहम्मद अजीज की जगह मुन्ना ही लिखा मिलता है।
ऐसी हुई थी उनके करियर की शुरुआत
मोहम्मद अजीज शुरुआत से ही मोहम्मद रफी को अपना गुरु मानते थे। कोलकाता के रेस्टोरेंट गालिब में वो मोहम्मद रफी के गाने सुनाया करते थे। दर्शक उनके गानों को सुनने के बाद सिर्फ तालियां नहीं बजाते थे बल्कि उन्हें गाना पसंद आने पर अच्छी बख्शीश भी दिया करते थे। कहा जाता है मोहम्मद अजीज की रोजी रोटी मोहम्मद रफी के गानों से करीब दो दशकों तक चलती रही। खास बात ये थी कि उस दौर के तमाम बड़े फिल्म निर्माता भी उस रेस्टोरेंट में खाना खाने आते थे। मोहम्मद अजीज के सिंगिंग करियर की शुरुआत भी इसी रेस्टोरेंट से हुई थी, जहां एक बंगाली निर्माता को उनकी आवाज इतनी अधिक पसंद आई कि उन्होंने उन्हें अपनी फिल्म में गाना गाने का मौका दिया।
हमेशा से संगीत में दिलचस्पी रखने वाले मोहम्मद अजीज ने कोलकाता में ही संगीत गायन की शिक्षा ली। 1984 में बंगाली फिल्म 'ज्योति' से उन्हें फिल्मों में गाने का पहला मौका मिला। उनके गाने को काफी पसंद किया गया। मोहम्मद अजीज बचपन में कोई भी समारोह होता था तो उसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे। अपने पहले गाने की सफलता के बाद मोहम्मद अजीज ने कभी पीछे पलटकर नहीं देखा और वो अपने गुरु की तरह संगीत की दुनिया में नाम कमाने के लिए मुंबई चले आए।
मर्द तांगेवाले ने चमकाई फिल्म जगत में किस्मत
अपनी पहली बंगाली फिल्म ज्योति में गाने के बाद उन्हें 1985 में ही हिंदी फिल्म 'अम्बर' में गाना गाने का मौका मिला। जब मोहम्मद अजीज मुंबई आए तो उनकी मुलाकात अनु मलिक से हुई। अनु मलिक भी उन दिनों हिंदी सिनेमा में अपने कदम जमाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। लेकिन जल्द ही उन्हें एक बड़ा मौका मिला। 1985 में अनु मलिक ने मोहम्मद अजीज को अमिताभ बच्चन की फिल्म 'मर्द' में एक गाना गाने का प्रस्ताव दिया और बिना मौका गवाए मोहमाद अजीज ने भी उसे स्वीकार कर लिया। फिल्म मर्द में उन्होंने मर्द तांगेवाला गाना गया, जोकि बहुत बड़ा हिट हुआ। इस गाने के बाद मोहम्मद अजीज का नाम पूरे फिल्म जगत में मशहूर हो गया। इसके बाद मोहम्मद अजीज ने गोविंदा, ऋषि कपूर, सनी देओल, और अनिल कपूर जैसे कई अभिनेताओं को अपनी आवाज दी और लता मंगेशकर, आशा भोंसले और अनुराधा पौडवाल जैसी कई बेहतरीन गायिकाओं के साथ युगल गीत भी गाए।