हिंदी सिनेमा के जाने-माने फनकार और स्वर सम्राट मोहम्मद रफी की आज 95वीं जयंती है। उनका जन्म 24 दिसंबर 1924 को हुआ था और 31 जुलाई 1980 में इन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया था। अपने सिंगिंग करियर में रफी ने ऐसे-ऐसे गाने गाए हैं जिनका महत्व आज भी उतना है जितना उनके समय में हुआ करता था। ऐसे में बात करेंगे रफी के उस किस्से के बारे में जिसमें वह सिर्फ दाल-चावल खाने के लिए लंदन चले गए थे...
सिर्फ 'दाल-चावल' खाने लंदन चले गए थे मोहम्मद रफी, इस लड़की ने की थी ये ख्वाहिश पूरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बता दें कि रफी को पतंग उड़ाने का बहुत शौक था और ऐसे में उनके पड़ोसी और सिंगर मन्ना डे अकसर उनकी पतंग काट दिया करते थे। गौरतलब है कि रफी बहुत ही मेहमाननवाज थे और घर पर ही अपने कई खास दोस्तों को दावतों पर बुलाते थे। ऐसे में रफी की मेहमाननवाजी का एक किस्सा खय्याम जी ने शेयर किया था जिसमें उन्होंने बताया था कि रफी ने कई बार उन्हें और उनकी पत्नी जगजीत कौर को खाने पर इनवाइट किया था। खय्याम ने यह भी बताया था कि रफी के यहां खाना बहुत ही लजीज बना करता था।
ऐसे में यास्मीन खालिद ने बताया कि एक बार ब्रिटेन के कॉव्रेंट्री में शो था। ऐसे में जब यास्मीन पति खालिद के साथ रफी से मिलने पहुंचीं तो वह बहुत निराशाजनक स्थिति में थे क्योंकि उनकी परेशानी की वजह थी वहां मिलने वाला खाना जो उन्हें कतई पसंद नहीं था। ऐसे में रफी ने पूछा का यहां से लंदन जाने में कितना समय लगेगा तो उन्होंंने तीन घंटे का रास्ता बताया। फिर रफी ने यास्मीन से पूछा कि क्या तुम एक घंटे में दाल-चावल और चटनी बना सकती हो। यास्मीन के हां कहते ही रफी बिना किसी को बताए लंदन चल पड़े और शो शुरू होने से पहले वापस भी आ गए।
लंदन पहुंचते ही यास्मीन तुरंत दाल-चावल और चटनी बना प्याज-टमाटर की सलाद के साथ रफी को परोसा। खाना खाने के बाद रफी ने यास्मीन को बहुत शुक्रियादा किया लेकिन सबसे बड़ी बात रफी ने शो में बताया था भी कि वह सिर्फ दाल-चावल खाने लंदन गए थे। यह सुन वहां मौजूद सभी दर्शक चौंक गए।
कहा जाता है कि रफी साहब ने अपने गांव में फकीर के गानों की नकल करते-करते गाना गाना सीखा था। मोहम्मद रफी ने अपनी पहली परफॉर्मेंस बतौर गायक 13 साल की उम्र में दी थी। के एल सहगल ने उन्हें लाहौर में एक कंसर्ट में गाने की अनुमति दी थी।