मशहूर संगीतकार मोहम्मद जहूर खय्याम ने आज दुनिया को अलविदा कह दिया। खय्याम लता मंगेशकर, आशा भोंसले, किशोर कुमार, अनवर अली, मुकेश, शमशाद बेगम, मोहम्मद रफी जैसे बेहतरीन गायकों के साथ काम कर चुके हैं। जिसमें से आशा और लता दोनों बहनों की आवाज़ के साथ उनका संगीत बहुत कामयाब रहा।
लता- आशा को पटरानी और महारानी कहते थे खय्याम, हमेशा करते थे यही बात
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दोनों बहनों के बारे में खय्याम कहते थे- 'मैं इन दो बहनों के लिए कहूंगा कि एक संगीत की पटरानी हैं तो दूसरी महारानी। मैं जब भी इनसे मिलता हूं तो हम बस यही बात करते हैं कि कैसे जमाना बदल गया है।'
खय्याम को सिनेमा में कुछ लोग बदकिस्मत भी कहते थे और इस बात का अहसास उनको यश चोपड़ा ने करवाया था। दरअसल खय्याम की सभी फिल्मों का म्यूजिक तो हिट होता था लेकिन कभी भी सिल्वर जुबली नहीं कर पाया था।
इस बारे में खय्याम ने एक इंटरव्यू में कहा था-'यश चोपड़ा अपनी एक फिल्म का म्यूजिक मुझसे करवाना चाहते थे। लेकिन सभी उन्हें मेरे साथ काम करने के लिए मना कर रहे थे। उन्होंने मुझे कहा भी था कि इंडस्ट्री में कई लोग कहते हैं कि खय्याम बहुत बदकिस्मत आदमी हैं और उनका म्यूजिक हिट तो होता है लेकिन जुबली नहीं करता।' इसके आगे खय्याम कहते हैं- 'इन सब बातों के बावजूद मैंने यश चोपड़ा की फिल्म का म्यूजिक दिया और उस फिल्म ने डबल जुबली कर डाली और सबका मुंह बंद कर दिया।'
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एक इंटरव्यू में खय्याम ने कहा था कि 'पाकीज़ा' की कामयाबी के बाद 'उमराव जान' का संगीत बनाते समय उन्हें बहुत डर लग रहा था। उन्होंने कहा- 'पाकीज़ा और उमराव जान की पृष्ठभूमि एक जैसी थी। 'पाकीजा' कमाल अमरोही साहब ने बनाई थी जिसमें मीना कुमारी, अशोक कुमार, राज कुमार थे। इसका संगीत गुलाम मोहम्मद ने दिया था और यह बड़ी हिट फ़िल्म थी। ऐसे में 'उमराव जान' का संगीत बनाते समय मैं बहुत डरा हुआ था और वो मेरे लिए बहुत बड़ी चुनौती थी।'
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