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63 साल में ऐसे बदल गया 'मां' का किरदार, बॉलीवुड की ये 6 फिल्में हैं सबूत

Sun, 12 May 2019 10:06 AM IST
Mishra Mishra एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: Mishra Mishra Updated Sun, 12 May 2019 10:06 AM IST
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mother india to mom bollywood films change mother role in cinema
mother india - फोटो : social media

पूरी दुनिया 'मदर्स डे' सेलीब्रेट कर रही है। ऐसे में बॉलीवुड की मां की बात ना हो, ये कैसे हो सकता है। बॉलीवुड में जिस तरह फिल्मों का नाम मदर इंडिया से मॉम हो गया है। उसी तरह मांओ के व्यक्तिव में भी बदलाव आया है। आइए देखते हैं पिछले 62 सालों में बॉलीवुड की फिल्मी मां ने किस तरह अपने तेवर बदल लिए हैं।



मदर इंडिया (1957)
शायद ही कोई इस फिल्म को भुला पाएगा। महबूब खान के निर्देशन में बनी इस फिल्म में नरगिस ने एक लाचार मां की भूमिका निभाई थी। जो अपने बच्चों के लिए दुनिया से लड़ती है। इस फिल्म में मां का किरदार बड़ा ही दुख भरा था। जिसे देख हर किसी की आंखों में आंसू आ गए थे। इस फिल्म में एक मां का अपने बेटों के लिए समर्पण दर्शकों को काफी पसंद आया था। उस समय के दर्शकों ने ऐसी दुखियारी मां को स्वीकार किया था और फिल्म सुपरहिट हो गई थी।

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maa
मां (1976)
'मदर इंडिया' के बाद आई धर्मेंद्र और हेमामालिनी की फिल्म 'मां'। 19 साल बाद इस फिल्म में निरूपा रॉय ने मां का रोल निभाया था। इस फिल्म में सर्कस का एक हाथी इस मां को कुचल देता है। तब धर्मेंद्र अपनी मां की मौत का बदला लेने के लिए एक-एक कर सर्कस के सारे जानवरों को मार देते हैं। इस फिल्म में एक बेटा अपनी मां की मौत का बदला लेता दिखाई दिया था। बेटा काफी संस्कारी था।
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फाइल फोटो

मां (1992)
16 साल बाद आई इस फिल्म में 'मां' का अंदाज थोड़ा अग्रेसिव नजर आया है। जया प्रदा इसमें 'मां' के रोल में नजर आई थीं। बेसिकली ये एक हॉरर फिल्म थी। जया प्रदा एक बच्चे को जन्म देते ही मर जाती हैं। फिर कुछ विलेन उनके बेटे को मारने की कोशिश करते हैं। तब जया आत्मा बनकर अपने बच्चे की रक्षा करती नजर आती हैं। फिल्म के हीरो जीतेंद्र हैं। मां अपने बच्चे के लिए बदला लेती है और उन्हें मार देती है। यहां पर मां की ममता और बदला साथ-साथ दिखाया गया है।

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जज्बा (2015)
ऐश्वर्या राय की कम बैक फिल्म 'जज्बा' में मां की ममता के अलावा उसका गुस्सा, बदला और शक्ति दिखाई गई है। जब उसके बच्चे पर आंच आती है तो वो किस तरह सारी शक्ति जुटाकर बस उसे बचाने में लग जाती है। यहां मां के दुख से ज्यादा उसका 'जज्बा' और पावर दिखाया गया है। ये मां ऑफिस भी जाती है और घर भी संभालती है। साथ ही अपनी बेटी रक्षा के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार होती है। यहां मां काफी स्टाइलिश भी लगी हैं।
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मातृ (2017)
फिल्म 'मातृ' एक ऐसी मां की कहानी है जिसकी बेटी का रेप हो जाता है। न बाद में उसकी मौत भी हो जाती है। लेकिन ये मां ना टूटती है ना हारती है। बस हर कदम पर सिस्टम से लड़ती है और अपनी बेटी के गुनाहगारों को सजा दिलवाती है। ये एक सशक्त मां है। फिल्म में रवीना टंडन लीड रोल में नजर आई थीं। रवीना ने फिल्म में एक शक्तिशाली मां का किरदार निभाया है। देखा ना आपने कि इन 62 सालों में कैसे बॉलीवुड की लाचार मां संहार करने वाली बन गई।

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