ऐसे तो मां के लिए प्यार जताने के लिए कोई दिन नहीं होता लेकिन फिर भी हर साल पूरा देश मई माह के दूसरे रविवार को 'मदर्स डे' सेलिब्रेट करता है। इस खास मौके पर बॉलीवुड की मां की बात ना हो, ये कैसे हो सकता है। सिनेमा की दुनिया में जिस तरह से मदर इंडिया से लेकर मॉम तक हमने देख ली, उसी तरह से असल जिंदगी में भी मांओ के व्यक्तिव में काफी बदलाव आए। आजकल की मां भले ही सुपरकूल और आधुनिक हो गई हैं लेकिन अपने बच्चों पर वो जरा भी खरोंच बर्दाश्त नहीं कर सकती। आज हम बॉलीवुड में मां पर बनीं ऐसी ही कुछ फिल्मों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, जिसे अगर आपने अब तक ना देखा हो तो अब देख लीजिए।
Mother's Day 2021: मां पर बनीं वो शानदार फिल्में, जिन्हें अगर अब तक नहीं देखा तो कुछ नहीं देखा
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मदर इंडिया (1957)
शायद ही कोई इस फिल्म को भुला पाएगा। महबूब खान के निर्देशन में बनी फिल्म 'मदर इंडिया' में नरगिस ने एक लाचार मां की भूमिका निभाई थी। जो अपने बच्चों के लिए दुनिया से लड़ती है। इस फिल्म में मां का किरदार बड़ा ही दुख भरा था। जिसे देख हर किसी की आंखों में आंसू आ गए थे। इस फिल्म में एक मां का अपने बेटों के लिए समर्पण दर्शकों को काफी पसंद आया था। उस समय के दर्शकों ने ऐसी दुखियारी मां को स्वीकार किया था और फिल्म सुपरहिट हो गई थी।
मां (1976)
'मदर इंडिया' के बाद आई धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की फिल्म 'मां'। 19 साल बाद इस फिल्म में निरूपा रॉय ने मां का रोल निभाया था। इस फिल्म में सर्कस का एक हाथी इस मां को कुचल देता है। तब धर्मेंद्र अपनी मां की मौत का बदला लेने के लिए एक-एक कर सर्कस के सारे जानवरों को मार देते हैं। इस फिल्म में एक बेटा अपनी मां की मौत का बदला लेता दिखाई दिया था। बेटा काफी संस्कारी था।
मां (1992)
16 साल बाद एक और फिल्म 'मां' आई। जिसका अंदाज थोड़ा अग्रेसिव नजर आया है। इसमें जया प्रदा 'मां' के रोल में नजर आई थीं। हालांकि, ये एक हॉरर फिल्म थी। जया प्रदा एक बच्चे को जन्म देते ही मर जाती हैं। फिर कुछ विलेन उनके बेटे को मारने की कोशिश करते हैं। तब जया आत्मा बनकर अपने बच्चे की रक्षा करती नजर आती हैं। फिल्म के हीरो जीतेंद्र हैं। मां अपने बच्चे के लिए बदला लेती है और उन्हें मार देती है। यहां पर मां की ममता और बदला साथ-साथ दिखाया गया है।
लिसन अमाया (2013)
फिल्म 'लिसन अमाया' बेहद आधुनिक कहानी है, उस महिला के बारे में जो जवान बेटी की मां होने के साथ एक जीवंत और भावुक औरत भी है। जिसकी अपनी एक अलग जिंदगी है, जो उसकी 22 साल की लेखक बेटी अमाया की परवरिश और जिम्मेदारी से हट कर है। पारिवारिक जीवन के साथ कामकाजी जीवन का बैलेंस बिठाने के लिए स्ट्रगल कर रही अमाया की मां किसी को डेट भी कर रही है। फिल्म में दीप्ति नवल, फारुख शेख, अमाला अक्किनेनी और स्वरा भास्कर लीड रोल में हैं।