हर साल मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है। वैसे तो मां हमें जो प्यार देती है उसका धन्यवाद कहने के लिए एक दिन तो क्या सात जनम भी कम पड़ जाएंगे, लेकिन फिर भी इस दिन को हर कोई अपने मां के लिए खास बनाने की कोशिश करता है। बॉलीवुड में भी मां के किरदार हमेशा से ही खास रहे हैं।मां का मूल भले ही अपने बच्चों से प्यार करना ही है लेकिन उसके हमेशा अलग अलग रूप देखने को मिलते है। हिंदी फिल्मों में भी मां कभी सख्त दिखाई दी तो कभी मासूम, कभी चुलबुली तो कभी सहेली जैसी। तो चलिए आपको बताते हैं कुछ ऐसी ही अभिनेत्रियों के बारे में जिन्होंने फिल्मों में दिखाए मातृत्व के अनोखे रुप।
Mother's Day 2021 : निरुपा रॉय से किरण खेर तक, देखें फिल्मों में कैसे बदले मां के रूप
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निरूपा रॉय
हिंदी फिल्मों में मां के किरदार की बात हो तो निरूपा रॉय का नाम आना लाजिमी है। निरूपा रॉय ने फिल्मों में मां के किरदार को नए आयाम दिए थे। 'खून पसीना', 'मुकद्दर का सिंकदर', 'अमर अकबर एंथोनी', 'गिरफ्तार', 'मर्द', 'गंगा जमुना सरस्वती' जैसी कई फिल्मो में वो मां के किरदार में नजर आईं। वो फिल्मों में अक्सर एक ऐसी मां बनती थीं जिसे कभी अपने पति और बच्चों में से किसी एक को चुनना होता था या तो कभी ऐसी मां बनती जो बिना पति के अपने बच्चों को पाल पोष कर बड़ा करती। निरूपा रॉय ने अपने मां के किरदार से दर्शकों को यही सिखाया कि मां को किसी सहारे की जरूरत नहीं होती और वो अपने बच्चों की परवरिश अकेले भी बेहतर ढंग से कर सकती है।
रीमा लागू
दिवंगत अभिनेत्री रीमा लागू ने भी पर्दे पर मां के किरदार खूब निभाए। उनके चेहरे मे वो सौम्यता थी कि उनमें लोगों को अपनी मां नजर आ जाती थीं। उन्होंने फिल्मों में मां के उस रूप को दिखाया जिसकी बच्चे पूजा करते हैं। रीमा लागू ने फिल्मों में अपने बच्चों के लिए कभी समाज से,कभी परिवार तो कभी खुद से लड़ जाने वाली मां का किरदार निभाया। 'हम आपके हैं कौन', 'हम साथ-साथ हैं', 'वास्तव' जैसी फिल्मों में रीमा लागू के मां के अलग अलग रुप देखने को मिले।
फरीदा जलाल
मां सिर्फ मां ना होकर दोस्त भी हो सकती है इस बात का एहसास फरीदा जलाल ने अपनी फिल्मों से करवाया। फरीदा जलाल ने बॉलीवुड की कई फिल्मों में मां का बहुत प्यारा किरदार निभाया। कभी वो सहेली जैसी मां बनकर तो कभी थोड़ा चुलबुलापन दिखाकर दर्शकों के दिलों में उतर गईं। 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे',' कुछ कुछ होता है', 'कभी खुशी कभी गम',' स्टूडेंट ऑफ द ईयर' जैसी कई फिल्मों में फरीदा मां के किरदार में नजर आईं।
किरण खेर
किरण खेर ने फिल्मों में माओं के रूप की परिभाषा ही बदल दी। उन्होंने पर्दे पर चुलबुली मस्त पंजाबी मां के किरदार खूब निभाए। उन्होंने अपने किरदार से बताया कि मां बेस्ट फ्रेंड भी हो सकती है। उन्होंने पर्दे पर मां का वो रूप दिखाया जो बताता है कि हम अपनी मां से सारी बातें खुलकर कह सकते हैं या उनसे कुछ जरूरी टिप्स भी ले सकते हैं। 'देवदास', 'दोस्ताना', 'हम तुम' जैसी फिल्मों में उनके किरदार को काफी पसंद किया गया।