हिंदी सिनेमा में शायद ही कोई ऐसा विषय बचा हो जिस पर फिल्में न बनी हों। परिवार, दोस्ती, इतिहास, सामाजिक मुद्दे और खेल इनपर खूब फिल्में बनी हैं। जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा है। लेकिन खेल पर बनी गिनी-चुनी फिल्में ही ऐसी हैं जो पर्दे पर अपना जलवा दिखा पाई हैं, नहीं तो ज्यादातर औसत कमाई करके ठंडे बस्ते में चली गईं। बॉलीवुड में महिला खिलाड़ियों पर भी कई फिल्में बन चुकी हैं। कई महिला खिलाड़ियों की बायोपिक को पर्दे पर बहुत शानदार तरीके से दिखाया गया है। लेकिन महिला खिलाड़ियों कि जिंदगी से प्रेरित कुछ फिल्में ही ऐसी हैं जो बड़े पर्दे पर धमाल मचा पाई हैं, वहीं कई फिल्मों ने अच्छी कहानी होने के बाद भी सिनेमाघरों में दम तोड़ दिया। आज इस रिपोर्ट में हम आपको महिला खिलाड़ियों पर बनी फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, साथ ही ये भी बताएंगे कि इन मूवीज ने कितनी कमाई की है।
Movies On Female Players: 'चक दे इंडिया' से 'साइना' तक, महिला खिलाड़ियों पर बनी फिल्मों का बॉक्स ऑफिस पर कैसा रहा हाल
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चक दे इंडिया
साल 2007 में रिलीज हुई फिल्म चक दे इंडिया महिला हॉकी टीम पर आधारित है। इस फिल्म ने शाहरुख खान ने महिला खिलाड़ियों के कोच कबीर खान की भूमिका निभाई है। इस फिल्म को दर्शकों ने जबरदस्त प्यार दिया था। फिल्म के कलाकारों की भी खूब तारीफ हुई थी। चक दे इंडिया का बजट 20 करोड़ रुपये था और फिल्म ने 109 करोड़ रुपये कमाए थे।
मैरी कॉम
6 बार की विश्व बॉक्सिंग चैंपियन विजेता की जिंदगी पर बनी फिल्म मैरी कॉम ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई थी। मणिपुर के एक छोटे से गांव में रहने वाली एक छोटी सी एथलीट कैसे कठिनाइयों को पार करते हुए एक वर्ल्ड क्लास एथलीट बन गई, ये फिल्म इसी पर आधारित थी। ओमंग कुमार की इस फिल्म में प्रियंका चोपड़ा ने मैरी कॉम का रोल निभाया था। 38 करोड़ में बनी इस फिल्म ने 86.19 करोड़ रुपये का कारोबार किया था।
दंगल
कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडल विजेता गीता फोगाट और बबीता कुमारी के जीवन पर बनी ये फिल्म सुपरहिट साबित हुई थी। दंगल एक ऐसी सुपरहिट फिल्म थी, जिसमें गीता और बबीता के पिता पूर्व पहलवान महावीर सिंह फोगाट की यात्रा के बारे में भी दिखाया गया है कि कैसे एक पिता जो खुद गोल्ड जीतने की तमन्ना रखता है और कड़ी मेहनत करके अपनी बेटियों को विश्व स्तर पर गोल्ड जिताता है। 70 करोड़ की लागत से बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 538.03 करोड़ का बिजनेस किया था।
सांड की आंख
चंद्रो तोमर और प्रकाशी तोमर जिन्हें शूटर दादी के नाम से भी जाना जाता है, सांड की आंख फिल्म इन्हीं पर आधारित थी। उत्तर प्रदेश के जौहरी गांव की रहने वाली दो बुजुर्ग महिलाओं ने 60 साल की उम्र में शार्प शूटिंग स्किल से महिलाओं को प्रेरित किया है। चंद्रो तोमर ने 30 से ज्यादा और प्रकाशी तोमर ने 25 से ज्यादा नेशनल और इंटरनेशल चैंपियनशिप जीती है। इस फिल्म में भूमि पेडनेकर और तापसी पन्नू मुख्य भूमिका में थीं। फिल्म का बजट 25 करोड़ रुपये है और 30.7 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था।